भारत में गेहूं उत्पादन का नया रिकॉर्ड! 12 करोड़ टन तक पहुंचने का अनुमान

भारत में गेहूं उत्पादन का नया रिकॉर्ड! 12 करोड़ टन तक पहुंचने का अनुमान

भारत में इस साल गेहूं उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने की उम्मीद है. बेहतर मौसम और ज्यादा बुवाई के कारण उत्पादन करीब 120 मिलियन टन तक हो सकता है, जो पिछले साल से ज्यादा है. हालांकि कुछ जगहों पर बढ़ती गर्मी से देर से बोई गई फसल पर असर पड़ सकता है. ज्यादा उत्पादन से निर्यात बढ़ने की भी संभावना है.

Advertisement
भारत में गेहूं उत्पादन का नया रिकॉर्ड! 12 करोड़ टन तक पहुंचने का अनुमानबढ़ेगी गेहूं की पैदावार, 12 करोड़ टन का अनुमान

भारत में इस साल गेहूं की पैदावार बहुत अच्छी होने की संभावना है. अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार देश में करीब 120 मिलियन टन (12 करोड़ टन) गेहूं पैदा हो सकता है. यह सरकार के तय लक्ष्य 11 करोड़ 90 लाख टन से भी थोड़ा ज्यादा है. इसका सबसे बड़ा कारण है कि इस बार किसानों ने गेहूं की ज्यादा बुवाई की और पूरे मौसम में मौसम भी फसल के लिए अच्छा रहा. पिछले साल यानी 2024-25 में देश में लगभग 1,179.5 लाख टन गेहूं पैदा हुआ था. इस बार उससे भी ज्यादा उत्पादन होने की उम्मीद है, जिससे किसानों और सरकार दोनों को फायदा हो सकता है.

ज्यादा बुवाई और अच्छा मौसम बना मुख्य कारण

इस साल किसानों ने कई राज्यों में गेहूं की खेती ज्यादा की है. जब खेतों में ज्यादा गेहूं बोया जाता है तो कुल उत्पादन भी बढ़ जाता है. इसके अलावा इस बार सर्दियों का मौसम गेहूं की फसल के लिए काफी अनुकूल रहा. गेहूं को अच्छी तरह बढ़ने के लिए ठंडा मौसम चाहिए होता है और इस साल कई जगहों पर ऐसा मौसम देखने को मिला.

सरकारी अधिकारियों के अनुसार, डिजिटल और मैनुअल सर्वे के आधार पर भी यही पता चला है कि गेहूं की पैदावार करीब 12 करोड़ टन तक पहुंच सकती है. हाल ही में गेहूं उगाने वाले राज्यों के साथ हुई बैठक में भी इसी तरह की जानकारी सामने आई है.

कुछ जगहों पर गर्मी से हो सकता है असर

हालांकि देश के ज्यादातर हिस्सों में गेहूं की फसल अच्छी है, लेकिन कुछ जगहों पर देर से बोई गई फसल पर गर्मी का थोड़ा असर पड़ सकता है. अगर तापमान बहुत ज्यादा बढ़ जाता है तो गेहूं के दाने ठीक से नहीं बन पाते और उत्पादन थोड़ा कम हो सकता है.

फिर भी विशेषज्ञों का मानना है कि अभी तक हालात ज्यादा खराब नहीं हैं, क्योंकि कई बड़े गेहूं उत्पादक राज्यों में रात का तापमान बहुत ज्यादा नहीं बढ़ा है. इसलिए फसल को ज्यादा नुकसान होने की संभावना कम है.

सरकार जल्द जारी करेगी नई रिपोर्ट

कृषि मंत्रालय जल्द ही रबी फसलों की दूसरी एडवांस रिपोर्ट जारी करने वाला है. इस रिपोर्ट में गेहूं के अलावा सरसों, चना और मसूर जैसी फसलों की पैदावार का अनुमान भी बताया जाएगा.

इससे पहले नवंबर में जारी पहली रिपोर्ट में बताया गया था कि खरीफ मौसम में देश में कुल 173.33 मिलियन टन खाद्यान्न उत्पादन होने का अनुमान है. इसमें चावल, दालें, मक्का और मोटे अनाज शामिल हैं.

गेहूं की सरकारी खरीद भी शुरू होगी

हर साल सरकार किसानों से गेहूं खरीदती है ताकि उसे सरकारी गोदामों में रखा जा सके और जरूरत पड़ने पर लोगों को सस्ते दाम पर दिया जा सके. यह खरीद 1 अप्रैल से शुरू होने वाले रबी मार्केटिंग सीजन 2026-27 में होगी.

सरकार ने इस साल लगभग 30.3 मिलियन टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा है. इसके अलावा रबी सीजन में उगाए गए चावल और मक्का की भी खरीद की जाएगी. सरकार ने यह भी कहा है कि फसल की खरीद सही तरीके से हो सके, इसके लिए पर्याप्त जूट बैग और एचडीपीई बैग उपलब्ध कराए जाएंगे.

ज्यादा उत्पादन से बढ़ सकता है निर्यात

अगर इस साल गेहूं का उत्पादन सच में 12 करोड़ टन के आसपास रहता है तो भारत के पास निर्यात करने का मौका भी बढ़ सकता है. हाल ही में सरकार ने लगभग चार साल बाद पहली बार गेहूं के निर्यात की अनुमति दी है. इसके तहत करीब 2.5 मिलियन टन गेहूं विदेश भेजने की मंजूरी दी गई है.

इससे किसानों को बेहतर कीमत मिलने और देश की अर्थव्यवस्था को भी फायदा मिलने की उम्मीद है.

दुनिया में घट सकता है गेहूं उत्पादन

दूसरी तरफ दुनिया के कई देशों में गेहूं का उत्पादन कम होने की संभावना है. खाद्य और कृषि संगठन (FAO) की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2026 में वैश्विक गेहूं उत्पादन करीब 3 प्रतिशत घटकर 810 मिलियन टन रह सकता है. इसकी वजह कम खेती और कम पैदावार बताई जा रही है.

मौसम विभाग की क्या है चेतावनी

भारत मौसम विभाग (IMD) के अनुसार देश के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से ज्यादा चल रहा है. राजस्थान, गुजरात और हरियाणा में पिछले कुछ दिनों में तापमान 38 से 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. महाराष्ट्र के अकोला में सबसे ज्यादा 40.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया.

हालांकि गेहूं उगाने वाले प्रमुख राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश में रात का तापमान अभी 14 से 18 डिग्री सेल्सियस के बीच है. इसलिए विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल गेहूं की फसल को ज्यादा नुकसान होने की आशंका नहीं है.

कुल मिलाकर देखा जाए तो इस साल भारत में गेहूं की फसल काफी अच्छी रहने की उम्मीद है. अगर मौसम ज्यादा खराब नहीं हुआ तो देश में रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन हो सकता है, जिससे किसानों, सरकार और आम लोगों सभी को फायदा मिलेगा.

ये भी पढ़ें: 

Weather Update: कई राज्यों में हीटवेव का अलर्ट, पश्चिमी विक्षोभ से पहाड़ों पर बारिश और बर्फबारी के आसार
केंद्र की नीतियों के खिलाफ SKM ने दिल्‍ली में लगाई मजदूर-किसान संसद, बड़े आंदोलन की दी चेतावनी

POST A COMMENT