ग्रीनहाउस में होगी मशरूम की खेती, 40 हजार रुपये तक बिकेगा यह Mushroom

ग्रीनहाउस में होगी मशरूम की खेती, 40 हजार रुपये तक बिकेगा यह Mushroom

कश्मीर में अब ग्रीनहाउस में गुच्छी मशरूम की खेती संभव हो गई है. यह दुर्लभ मशरूम बाजार में 40 हजार रुपये प्रति किलो तक बिकती है. वैज्ञानिकों की इस नई तकनीक से किसानों को बड़ी कमाई का मौका मिलेगा और महंगी मशरूम की उपलब्धता भी बढ़ेगी.

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ग्रीनहाउस में होगी मशरूम की खेती, 40 हजार रुपये तक बिकेगा यह Mushroomवैज्ञानिकों के लिए रहस्‍य है गुच्‍ची मशरूम

कश्मीर से एक बहुत अच्छी और खास खबर सामने आई है. यहां के वैज्ञानिकों ने एक बड़ी सफलता हासिल की है. अब तक जो गुच्छी मशरूम सिर्फ जंगलों में ही मिलती थी, अब उसे खेतों और ग्रीनहाउस में उगाया जा सकेगा. इससे किसानों को बहुत फायदा हो सकता है और यह एक नया खेती का तरीका बन सकता है.

क्या है गुच्छी मशरूम?

गुच्छी मशरूम, जिसे स्थानीय भाषा में “कानी गुच्छी” भी कहा जाता है, बहुत खास और महंगी मशरूम होती है. इसका स्वाद बहुत अच्छा होता है और यह सेहत के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है. यही कारण है कि बाजार में इसकी कीमत बहुत ज्यादा होती है. एक किलो गुच्छी मशरूम की कीमत करीब 35,000 से 40,000 रुपये तक होती है.

कैसे हुई यह खोज?

करीब पांच साल पहले, श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (SKUAST-K) के प्रोफेसर तारिक अहमद सोफी ने सोचा कि अगर चीन में इस मशरूम की खेती हो सकती है, तो कश्मीर में क्यों नहीं. उन्होंने छोटे-छोटे प्रयोग शुरू किए. बाद में एक पीएचडी छात्र कमरान मुनीर भी उनके साथ जुड़ गए और इस काम को आगे बढ़ाया.

मेहनत के बाद मिली सफलता

कई सालों की मेहनत के बाद वैज्ञानिकों की टीम को सफलता मिली. उन्होंने गुच्छी मशरूम को ग्रीनहाउस यानी नियंत्रित माहौल में उगाने का तरीका खोज लिया. इसके साथ ही एक और वैज्ञानिक विकास गुप्ता ने इसे खुले खेतों में उगाने की तकनीक भी तैयार की. अब यह मशरूम सिर्फ जंगलों तक सीमित नहीं रहेगी.

कितनी किस्मों पर काम चल रहा है?

वैज्ञानिकों ने बताया कि गुच्छी मशरूम की कुल 10 किस्में होती हैं. अभी तक उनमें से 3 किस्मों को सफलतापूर्वक उगाया जा चुका है. बाकी किस्मों पर काम जारी है और जल्द ही उनमें भी सफलता मिलने की उम्मीद है.

पहले क्यों थी इतनी दुर्लभ?

पहले यह मशरूम सिर्फ जंगलों में ही उगती थी. यह खास मौसम और बारिश पर निर्भर करती थी. आमतौर पर यह देर वसंत और गर्मियों की शुरुआत में, बारिश के बाद उगती है. इसे ढूंढना बहुत मुश्किल होता था, इसलिए इसकी कीमत भी ज्यादा होती थी.

किसानों के लिए बड़ा मौका

अब जब इसे खेतों में उगाया जा सकेगा, तो किसानों के लिए यह एक बड़ा मौका है. वे इस महंगी मशरूम की खेती करके अच्छी कमाई कर सकते हैं. साथ ही, बाजार में इसकी उपलब्धता भी बढ़ेगी.

कश्मीर के वैज्ञानिकों की यह खोज खेती के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव ला सकती है. इससे न सिर्फ किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि देश में एक नई खेती का रास्ता भी खुलेगा. यह एक ऐसा कदम है, जो भविष्य में खेती को और बेहतर बना सकता है.

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