Food Inflation: पश्चिम बंगाल में हरी मिर्च और अदरक ने लगाया दोहरा शतक, जानें ताजा मंडी भाव

Food Inflation: पश्चिम बंगाल में हरी मिर्च और अदरक ने लगाया दोहरा शतक, जानें ताजा मंडी भाव

बशीरहाट, बेलडांगा, कैनिंग और काकद्वीप के कुछ हिस्सों में उगाई जाने वाली हरी मिर्च अगले तीन सप्ताह में बाजारों में पहुंचनी शुरू हो जाएगी. टास्क फोर्स के सदस्य और पश्चिम बंगाल सब्जी विक्रेता संघ के अध्यक्ष कमल डे ने कहा कि तब तक हरी मिर्च की कीमतें ऊंची बनी रहेंगी. बंगाल में सालाना करीब 10 लाख टन हरी मिर्च का उत्पादन होता है.

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 पश्चिम बंगाल में हरी मिर्च और अदरक ने लगाया दोहरा शतक, जानें ताजा मंडी भाव कोलकाता में हरी मिर्च महंगी. (सांकेतिक फोटो)

पश्चिम बंगाल में हरी मिर्च और अदरक की कीमतें बहुत अधिक महंगी हो गई हैं. हालांकि, राज्य सरकार की ओर नियुक्त टास्क फोर्स  सब्जियों की कीमत को कम करने के लिए पूरी कोशिश कर रहा है. इसके बावजूद भी हरी मिर्च और अदरक की कीमतें बढ़ती ही जा रही हैं. हालांकि, व्यापारियों का कहना है कि मार्केट में कम सप्लाई के चलते ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है. उनका कहना है कि आने वाले समय में कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है.

द टेलीग्राफ ऑनलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक, गरियाहाट, मानिकतला, बेलेघाटा, बेहाला और सियालदह सहित खुदरा बाजारों में हरी मिर्च 150 से 200 रुपये प्रति किलो के बीच बिक रही है, जबकि जुलाई के मध्य में इसकी कीमत 90-100 रुपये प्रति किलो थी. कई खुदरा विक्रेताओं ने कहा कि थोक बाजारों से आपूर्ति कम हो रही है और किसानों ने बताया कि अप्रैल और मई में ज्यादा गर्मी के कारण बड़े पैमाने पर हरी मिर्च के पौधे फूल आने के तुरंत बाद ही मुरझा गए. इससे भी उत्पादन में गिरावट आई है.

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10 लाख टन हरी मिर्च का उत्पादन

बशीरहाट, बेलडांगा, कैनिंग और काकद्वीप के कुछ हिस्सों में उगाई जाने वाली हरी मिर्च अगले तीन सप्ताह में बाजारों में पहुंचनी शुरू हो जाएगी. टास्क फोर्स के सदस्य और पश्चिम बंगाल सब्जी विक्रेता संघ के अध्यक्ष कमल डे ने कहा कि तब तक हरी मिर्च की कीमतें ऊंची बनी रहेंगी. बंगाल में सालाना करीब 10 लाख टन हरी मिर्च का उत्पादन होता है. इसमें करीब 8 लाख टन की खपत होती है और बाकी की आपूर्ति दूसरे राज्यों को की जाती है. उत्तर और दक्षिण 24-परगना, मुर्शिदाबाद और हुगली के किसानों ने कहा कि अप्रैल और मई के मध्य में खिलने वाले हरी मिर्च के पौधे अत्यधिक गर्मी और लगातार सूखे के कारण कुछ ही समय बाद मुरझा गए. 

यहां से मिर्च की सप्लाई

सियालदह के कोली मार्केट में हरी मिर्च के थोक विक्रेता बिजय शॉ ने कहा कि जब घरेलू मिर्च की आपूर्ति बढ़ने लगेगी, तो सियालदह के थोक बाजार में हर दूसरे दिन राज्य के विभिन्न हिस्सों से करीब 20,000 किलोग्राम मिर्च आएगी. अकेले उत्तर 24-परगना में बशीरहाट और उसके आस-पास के इलाकों में करीब 3,000 किलोग्राम मिर्च आती है. अब, हमें बशीरहाट और उसके पड़ोसी इलाकों से लगभग 500 किलोग्राम ही मिल रहा है.

फसलों को पहुंचा नुकसान

दक्षिण 24-परगना में डिब्बाबंदी के लिए अन्य वर्षों में इस समय के आसपास वैकल्पिक दिनों में लगभग 1,500 किलोग्राम भेजा जाता था. व्यापारियों ने कहा कि अब यह क्षेत्र 200 किलोग्राम से भी कम आपूर्ति कर रहा है. हरी मिर्च हुगली के आरामबाग, दक्षिण 24-परगना के काकद्वीप और नादिया के करीमपुर से भी आती है. बिहार के कटिहार से आने वाली आपूर्ति से बंगाल की आपूर्ति में कमी की पूर्ति मुश्किल से हो पाती है. कोली मार्केट के एक थोक व्यापारी ने कहा कि बारिश के साथ, बशीरहाट, काकद्वीप और आरामबाग में पौधों में फूल आने लगे हैं. उम्मीद है कि अगले तीन सप्ताह में आपूर्ति शुरू हो जाएगी और कीमतें कम हो जाएंगी.

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250 रुपये प्रति किलो अदरक

हालांकि, अदरक के उपभोक्ताओं के लिए तुरंत कोई उम्मीद की किरण नहीं है. कीमत में जल्द ही कमी आने की संभावना नहीं है. मंगलवार को कोलकाता के खुदरा बाजारों में अदरक 220 से 250 रुपये प्रति किलो के बीच बिका. डे ने कहा कि अदरक के लिए राज्य अब चेन्नई और शिलांग से आपूर्ति पर निर्भर है. बंगाल की किस्म सितंबर से ही बाजारों में उपलब्ध होगी, जब सिलीगुड़ी और उसके आस-पास के इलाकों से आपूर्ति आनी शुरू होगी. गरियाहाट में एक दुकान चलाने वाले चित्तरंजन साहा ने कहा कि रोजाना की खरीदारी अब साप्ताहिक खरीदारी बन गई है. ग्राहक अब बहुत कम मात्रा में हरी मिर्च और अदरक खरीद रहे हैं.

 

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