कृषि वैज्ञानिक मृदा, जल एवं ऊर्जा प्रबंधन पर करेंगे मंथन (Photo Credit-Kisan Tak)चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर (सीएसए) और एवं मृदा संरक्षण सोसायटी ऑफ इण्डिया, नई दिल्ली की ओर से तीन दिवसीय( 18-20 अक्टूबर, 2024) 'मृदा, जल एवं ऊर्जा के प्रबंधन तथा कृषि और आजीविका सुरक्षा' विषय पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा. इस संगोष्ठी में देश भर से लगभग 300 कृषि वैज्ञानिक, प्रशासक, योजनाकार, प्रसार कार्यकर्ता एवं अन्य विद्धतजन प्रतिभाग कर कृषकों की समस्याओं के विभिन्न आयामों एवं रणनीति पर चर्चा करेंगे.
राष्ट्रीय सम्मेलन के आयोजक डॉक्टर मुनीश कुमार ने बताया कि भारतीय मृदा संरक्षण समिति यूपी चैप्टर तथा विश्वविद्यालय के भूमि एवं जल प्रबंधन विभाग के संयुक्त तत्वाधान में तीन दिवसीय 32वें राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन विश्वविद्यालय के कुलपति डॉक्टर आनंद कुमार सिंह के कुशल मार्गदर्शन में कैलाश भवन के प्रेक्षागृह में आयोजित किया जा रहा है.
उन्होंने बताया कि यह राष्ट्रीय सम्मेलन टिकाऊ कृषि और आजीविका सुरक्षा के लिए मृदा जल और ऊर्जा प्रबंधन विषय पर आयोजित किया जा रहा है. डॉक्टर कुमार ने बताया कि सम्मेलन के मुख्य अतिथि प्रदेश के विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना एवं अन्य अतिथियों द्वारा आज दिनांक 18 अक्टूबर 2024 को सुबह 10.30 बजे विश्वविद्यालय स्थित कैलाश भवन में संपन्न होगा.
कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति डॉक्टर आनंद कुमार सिंह द्वारा की जाएगी. उद्घाटन सत्र के उपरांत तकनीकी सत्र तीन कक्षों में प्रारंभ होगा. जिसमें देश एवं प्रदेश के मृदा एवं जलप्रबंधन के ख्याति प्राप्त वैज्ञानिक अपने शोधों का प्रस्तुतीकरण करेंगे. डॉक्टर मुनीश कुमार ने आगे बताया कि इस तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में देश के लगभग 300 से अधिक वैज्ञानिक तथा प्रगतिशील किसान उपस्थित रहेंगे तथा इस अवसर पर मृदा एवं जल संरक्षण पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले वैज्ञानिकों एवं प्रगतिशील कृषकों को सम्मानित भी किया जाएगा.
इस अवसर पर डॉ.टीबीएस राजपूत, अध्यक्ष एससीएसआई, नई दिल्ली, डॉ.एसएस ग्रेवाल, पूर्व निदेशक, पीएयू, लुधियाना,डॉ.आरके यादव, निदेशक, सीएसएसआई करनाल, डॉ. नीलम पटेल, नीति आयोग, नई दिल्ली आदि वरिष्ठ वैज्ञानिक उपस्थित रहेंगे.
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