तंबाकू की कीमतों में गिरावटआंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और YSRCP प्रमुख वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने राज्य सरकार से तंबाकू किसानों के हित में बड़ा कदम उठाने की मांग की है. उन्होंने कहा कि किसानों को तंबाकू की गिरती कीमतों, खेती की बढ़ती लागत और व्यापारियों की मिलीभगत के कारण भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है. ऐसे में सरकार को आंध्र प्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ लिमिटेड (MARKFED) को तंबाकू खरीद की जिम्मेदारी देनी चाहिए, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित दाम मिल सके. जगन मोहन रेड्डी ने यह मांग पूर्वी गोदावरी जिले के देवरापल्ली गांव में तंबाकू किसानों से मुलाकात करने के बाद की. उन्होंने किसानों की समस्याएं सुनीं और आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार किसानों के हितों की रक्षा करने में नाकाम रही है.
जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि इस समय तंबाकू की कीमतों में लगातार गिरावट आ रही है, जबकि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है. बीज, खाद, कीटनाशक और मजदूरी जैसी लागत बढ़ने के बावजूद किसानों को उनकी फसल का उचित दाम नहीं मिल रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ व्यापारी मिलकर कीमतें तय कर रहे हैं, जिससे किसानों को मजबूरी में कम दाम पर अपनी उपज बेचनी पड़ रही है. उनका दावा है कि कई किसानों को तंबाकू 170 रुपये प्रति किलोग्राम तक की कम कीमत पर बेचना पड़ा, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है.
YSRCP प्रमुख ने आरोप लगाया कि तंबाकू बोर्ड ने किसानों से फसल खरीदने का भरोसा किया था, लेकिन वह अपना वादा पूरा नहीं कर पाया. उनके अनुसार, बोर्ड केवल करीब 20 प्रतिशत तंबाकू की ही खरीद कर रहा है, जबकि बाकी उपज किसानों को खुले बाजार में कम कीमत पर बेचनी पड़ रही है. उन्होंने कहा कि अगर सरकार समय पर खरीद नहीं करती है तो किसानों की आर्थिक स्थिति और खराब हो सकती है.
जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि राज्य सरकार को तुरंत MARKFED को तंबाकू खरीद में शामिल करना चाहिए. उनका कहना है कि जब सरकारी एजेंसी बाजार में खरीदार बनती है तो व्यापारियों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ती है और किसानों को बेहतर कीमत मिलती है. उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार के कार्यकाल में MARKFED की मौजूदगी के कारण किसानों को अच्छी कीमत मिलती थी और बाजार में पारदर्शिता बनी रहती थी. मौजूदा सरकार ने इस व्यवस्था को बंद कर दिया, जिससे किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं.
जगन मोहन रेड्डी ने दावा किया कि 2019 से 2024 के दौरान उनकी सरकार में तंबाकू की औसत कीमत 289 रुपये प्रति किलोग्राम थी. वहीं, मौजूदा एनडीए सरकार के दौरान यह घटकर लगभग 220 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई है. उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार किसानों को 1 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त फसल लोन उपलब्ध कराती थी, जिससे किसानों को खेती के लिए आर्थिक मदद मिलती थी.
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि मौजूदा हालात में किसानों को तंबाकू बेचने पर कम से कम 70 रुपये प्रति किलोग्राम का नुकसान हो रहा है. उन्होंने कहा कि अगर जल्द कोई कदम नहीं उठाया गया तो किसानों की आर्थिक स्थिति और खराब हो जाएगी. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हाल ही में आत्महत्या करने वाले एक किसान के परिवार को भी सरकार की ओर से पर्याप्त सहायता नहीं मिली. जगन ने सरकार द्वारा घोषित 20 रुपये प्रति किलोग्राम सब्सिडी पर भी सवाल उठाए. उनका कहना है कि इस योजना का वास्तविक लाभ किसानों की बजाय व्यापारियों को मिलेगा, इसलिए सरकार को केवल सब्सिडी देने के बजाय सीधे खरीद व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए.
जगन मोहन रेड्डी ने आरोप लगाया कि राज्य में केवल तंबाकू ही नहीं, बल्कि धान, केला, दाल और अन्य फसलें उगाने वाले किसानों को भी न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का पूरा लाभ नहीं मिल रहा है. उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार को प्रभावी खरीद व्यवस्था और बेहतर बाजार उपलब्ध कराना चाहिए. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पहले कम क्वालिटी वाले तंबाकू की भी खरीद होती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं हो रहा है, जिससे छोटे और सीमांत किसानों पर सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है. (PTI)
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