बाढ़ पीड़ितों के लिए राहतओडिशा सरकार ने बाढ़ से प्रभावित लोगों को राहत देने के लिए बड़ा कदम उठाया है. राज्य सरकार ने सोमवार से बाढ़ प्रभावित इलाकों में नुकसान का सर्वे शुरू कर दिया है. इस सर्वे के आधार पर जिन लोगों के घर, फसल, पशु या अन्य संपत्ति को नुकसान हुआ है, उन्हें सरकारी नियमों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा. राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीमें उन इलाकों में सर्वे कर रही हैं, जहां से बाढ़ का पानी पूरी तरह उतर चुका है. सर्वे के दौरान घरों, फसलों, पशुओं और अन्य संपत्तियों को हुए नुकसान का आकलन किया जाएगा.
राजस्व मंत्री ने बताया कि सर्वे की शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित परिवारों को अंतरिम राहत दी जाएगी. जिन लोगों के घर पूरी तरह बाढ़ में नष्ट हो गए हैं, उन्हें 1.20 लाख रुपये तक का मुआवजा मिलेगा. इसमें पूरी तरह क्षतिग्रस्त घर पर 1.20 लाख रुपये, आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त पक्का घर पर 6,500 रुपये, आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त कच्चा घर पर 4,000 रुपये, पूरी तरह नष्ट झोपड़ी पर 8,000 रुपये और पशुओं के बाड़े के नुकसान पर 3,000 रुपये मिलेंगे. यह राहत राशि राज्य आपदा मोचन कोष (SDRF) के नियमों के तहत दी जाएगी.
सरकार ने किसानों के लिए भी राहत पैकेज की घोषणा की है, जिन किसानों की फसल बाढ़ में खराब हुई है, उन्हें फसल के प्रकार और जमीन की स्थिति के अनुसार सहायता दी जाएगी. बारिश पर निर्भर (असिंचित) भूमि पर 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर, सिंचित भूमि पर 17,000 रुपये प्रति हेक्टेयर और बारहमासी फसलों पर 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर दिया जाएगा. सरकार का कहना है कि इससे किसानों को बाढ़ के बाद दोबारा खेती शुरू करने में मदद मिलेगी.
राजस्व मंत्री के मुताबिक, इस बाढ़ से राज्य के 22 जिले प्रभावित हुए हैं. अब तक 8,63,909 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. वहीं, 85 ब्लॉक और 1,458 गांव बाढ़ की चपेट में आए हैं. सरकार लगातार राहत और बचाव कार्य चला रही है और प्रभावित इलाकों में जरूरी सहायता पहुंचाई जा रही है.
सरकार ने यह भी घोषणा की है कि बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को 4 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा. इसके अलावा राहत कार्य के दौरान जान गंवाने वाले एक फायरमैन के परिवार के लिए भी विशेष सहायता का ऐलान किया गया है. मंत्री ने बताया कि फायरमैन की मां को बीमा और सरकारी कर्मचारी के ड्यूटी के दौरान मृत्यु पर मिलने वाले अन्य लाभों सहित 1.05 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी.
सरकार का कहना है कि पहले संयुक्त सर्वे के जरिए नुकसान का सही आकलन किया जाएगा. इसके बाद पात्र लोगों को चरणबद्ध तरीके से मुआवजा दिया जाएगा. प्रशासन का दावा है कि राहत राशि जल्द से जल्द प्रभावित परिवारों और किसानों तक पहुंचाई जाएगी, ताकि वे सामान्य जीवन और खेती का काम फिर से शुरू कर सकें. (PTI)
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