Pawan Kalyan ने देखी नारियल बागानों की तबाही, किसानों से कर दिया बड़ा वादा, केंद्र को भेजेंगे यह प्रस्‍ताव

Pawan Kalyan ने देखी नारियल बागानों की तबाही, किसानों से कर दिया बड़ा वादा, केंद्र को भेजेंगे यह प्रस्‍ताव

Konsaseema Coconut Farmers Issue: कोनासीमा में नारियल बागानों को हुए नुकसान पर पवन कल्याण ने कहा कि लाखों लोगों की आजीविका दांव पर है. उन्होंने पिछली सरकार पर उपेक्षा के आरोप लगाए और एनडीए सरकार द्वारा सभी कारणों की जांच कर स्थायी समाधान देने का भरोसा दिया.

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Pawan Kalyan ने देखी नारियल बागानों की तबाही, किसानों से कर दिया बड़ा वादा, केंद्र को भेजेंगे यह प्रस्‍तावनारियल किसानों की समस्‍या पर पवन कल्‍याण ने दिया आश्‍वासन (सांकेतिक तस्‍वीर)

आंध्र प्रदेश के कोनासीमा क्षेत्र में नारियल किसानों की बढ़ती मुश्किलों को देखते हुए राज्य के उप मुख्यमंत्री पवन कल्याण ने बुधवार को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं का स्थायी हल जल्द निकाला जाएगा. राजोले मंडल में समुद्री पानी घुसने से बर्बाद हुए विशाल नारियल बागानों का निरीक्षण करने के बाद उन्होंने कहा कि सभी मुद्दों की विस्तृत समीक्षा 45 दिनों के भीतर की जाएगी और संक्रांति के बाद ठोस कार्ययोजना सामने रखी जाएगी.

एक लाख एकड़ में फैले हैं नारियल बाग

कल्याण ने ग्रामीणों से बातचीत में बताया कि कोनासीमा में करीब एक लाख एकड़ में फैले नारियल के बागानों पर उतने ही परिवारों की आजीविका टिकी है, इसलिए मौजूदा संकट सिर्फ कृषि नहीं बल्कि पूरे इलाके की अर्थव्यवस्था से जुड़ा हुआ है. 

पिछली सरकार पर लगाए आरोप

उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली वाईएसआरसीपी सरकार ने पांच साल तक संकरागुप्तम मेजर ड्रेन की सफाई नहीं कराई, फंड का सही इस्‍तेमाल नहीं हुआ और बुनियादी ढांचे की उपेक्षा की गई, जिसका खामियाजा किसान लगातार झेल रहे हैं.

केंद्र को कोकोनट बोर्ड का प्रस्‍ताव भेजेगी राज्‍य सरकार

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार केंद्र के समक्ष यहां एक कोकोनट बोर्ड स्थापित करने का प्रस्ताव रखेगी और 21 सांसदों के साथ मिलकर किसानों के लिए दीर्घकालिक समाधान सुनिश्चित किए जाएंगे. किसानों ने यह आशंका भी जताई कि ओएनजीसी की गतिविधियों से जलनिकासी की समस्या और बढ़ी हो सकती है. 

इस पर कल्याण ने भरोसा दिलाया कि एनडीए सरकार सभी संभावित कारणों की जांच कराएगी, बुनियादी खामियों को दुरुस्त करेगी और नारियल किसानों को टिकाऊ सहयोग प्रदान करेगी. उन्‍हाेंने कहा, “नारियल के बिना भारतीय संस्कृति की कल्पना नहीं की जा सकती, इसे सुरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है.”

आंध्र में तीन नए जिलों के गठन को मंजूरी

इधर, इससे पहले आंध्र प्रदेश में प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव करते हुए मुख्यमंत्री एन. चंद्राबाबू नायडू ने मंगलवार को तीन नए जिलों के गठन को मंजूरी दे दी. मारकापुरम, मदनपल्ले और पोलवरम को नए जिले का दर्जा मिलने के साथ अब राज्य में जिलों की कुल संख्या 26 से बढ़कर 29 हो गई है. सचिवालय में मंत्रिस्तरीय समिति की रिपोर्ट की समीक्षा के बाद यह फैसला औपचारिक रूप से स्वीकृत किया गया.

एक सरकारी प्रेस नोट के अनुसार, मारकापुरम और मदनपल्ले को पूरी तरह नए जिले के रूप में विकसित किया जाएगा, जबकि नवगठित पोलवरम जिले का मुख्यालय रामपचोड़वरम में होगा. प्रशासनिक सुगमता और जनता तक सेवाओं की आसान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने पांच नए राजस्व मंडलों के गठन पर भी मुहर लगाई है.

इन नए मंडलों में अनकापल्ले जिले का नक्कापल्ली, प्रकाशम जिले में अडंकी, नए मडनपल्ले जिले में पीलर, नंद्याल में बनगनपल्ले और श्री सत्य साई जिले में मदकसीरा शामिल हैं. राज्य सरकार का मानना है कि इन बदलावों से स्थानीय स्तर पर शासन अधिक प्रभावी होगा और क्षेत्रीय जरूरतों के अनुरूप विकास कार्यों को गति मिलेगी. (पीटीआई)

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