BHU और चोलापुर FPO के बीच हुआ अहम समझौताउत्तर प्रदेश में किसानों की आय बढ़ाने और खेती को आधुनिक बनाने के लिए वैज्ञानिकों का प्रयास जारी है. इसी क्रम में बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) और चोलापुर किसान उत्पादक संगठन (FPO) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता (MoU) हुआ है. इस पहल के तहत किसानों को बाजार की मांग के अनुसार उत्पादन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा. इस दौरान बीएचयू के कृषि वैज्ञानिक किसानों को वैज्ञानिक खेती, उन्नत तकनीक, मार्केटिंग और पैकेजिंग की जानकारी देंगे. वहीं, एफपीओ किसानों को संगठित कर उन्हें बेहतर बाजार और उचित मूल्य दिलाने में मदद करेगा. इस सहयोग से खेती की गुणवत्ता सुधरेगी और किसानों की आय में तेजी से बढ़ोतरी होगी.
दरअसल, इस समझौते के तहत बीएचयू के कृषि वैज्ञानिकों के द्वारा किसानों को सिखाएंगे की कैसे बाजार की मांग के अनुसार फसल का उत्पादन कैसे बढ़ाया जाए. इसके अलावा घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार की जरूरतों को ध्यान में रखकर बेहतर गुणवत्ता वाली फसल उगाने पर जोर दिया जाएगा, ताकि किसानों को अपनी उपज का अधिक लाभ मिल सके और उनकी आय में बढ़ोतरी हो.
वहीं, चोलापुर एफपीओ किसानों को संगठित कर उन्हें सीधे बाजार से जोड़ने, उनकी उपज के लिए बेहतर कीमत दिलाने और सप्लाई चेन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा. इस सहयोग के जरिए किसानों को नई तकनीकों और बेहतर प्रबंधन का लाभ मिलेगा. साथ ही, उनकी फसल की गुणवत्ता में सुधार होगा, जिससे बाजार में अच्छी कीमत मिलने की संभावना बढ़ेगी और किसानों की आय में तेजी से वृद्धि हो सकेगी.
उधर, बीएचयू के कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि विश्वविद्यालय और एफपीओ के बीच इस तरह का सहयोग खेती को अधिक लाभकारी बना सकता है. इससे किसानों को नई तकनीक, बेहतर बाजार और उचित मूल्य मिलेंगे, जिससे उनकी आय में ढ़ोतरी और कृषि क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है.
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