कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह राजपूत को ज्ञापन सौंपते हुए किसानमध्य प्रदेश के सागर जिले की सुरखी विधानसभा क्षेत्र में तेज आंधी-तूफान और बारिश से फसलों को नुकसान होने की जानकारी सामने आई है. प्रभावित किसानों ने मंगलवार को खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत को ज्ञापन सौंपकर नुकसान का आकलन कराने और राहत दिलाने की मांग की. किसानों ने बताया कि अचानक बदले मौसम से खेतों में खड़ी मक्का की फसल को भारी नुकसान हुआ है. वहीं, उड़द की फसल में भी अप्लान की समस्या सामने आ रही है. किसानों ने बताया कि प्राकृतिक आपदा से उनकी फसल और खेती में लगी लागत प्रभावित हुई है.
किसानों की शिकायतों पर मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने सागर कलेक्टर, एसडीएम और संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए. उन्होंने सुरखी, जैसीनगर और राहतगढ़ सहित प्रभावित क्षेत्रों में फसल नुकसान का जल्द सर्वे कराने को कहा.
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे मौके पर पहुंचकर आंधी-तूफान और बारिश से प्रभावित फसलों की वास्तविक स्थिति का आकलन करें. उन्होंने सर्वे में लापरवाही नहीं बरतने और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि पात्र किसानों तक राहत और मुआवजे का लाभ पहुंच सके.
मंत्री राजपूत ने किसानों को आश्वस्त किया कि प्राकृतिक आपदा से फसल खराब होने की स्थिति में सरकार उनके साथ है. उन्होंने कहा कि नुकसान का सर्वे कराने के बाद नियमानुसार प्रभावित किसानों को राहत दिलाने के प्रयास किए जाएंगे.
उन्होंने अधिकारियों से किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने और प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ काम करने को कहा. मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सर्वे के दौरान फसल नुकसान की वास्तविक स्थिति दर्ज की जानी चाहिए, जिससे पात्र किसानों को सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ सके.
उधर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दमोह में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करते हुए किसानों से संवाद किया. उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के साथ खड़ी है. मुख्यमंत्री ने किसानों से फसल विविधीकरण, नई तकनीक, उद्यानिकी, प्राकृतिक खेती, पशुपालन और मछली पालन जैसे क्षेत्रों को अपनाकर आय बढ़ाने का आह्वान किया.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए दमोह के सभी सात विकासखंडों में जैविक एवं प्राकृतिक खेती हाट बाजार शुरू किए गए हैं. उन्होंने कहा कि पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार बनाया जा रहा है.
मुख्यमंत्री ने किसान क्रेडिट कार्ड के ऑनलाइन पोर्टल की जानकारी देते हुए बताया कि किसान अब एक क्लिक में क्रेडिट कार्ड बनवा सकते हैं. इस दौरान उन्होंने प्रगतिशील किसानों से संवाद कर उनकी खेती-किसानी की जानकारी भी ली.
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