बिहार में 37% कम बारिश के बीच धान रोपनी 50% पूरी, बारिश में सिवान अव्वल तो जहानाबाद 70% पिछड़ा

बिहार में 37% कम बारिश के बीच धान रोपनी 50% पूरी, बारिश में सिवान अव्वल तो जहानाबाद 70% पिछड़ा

बिहार में 1 जून से 22 जुलाई के बीच सामान्य से 37 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है, लेकिन इसके बावजूद राज्य में धान की रोपनी लक्ष्य के 50 फीसदी तक पूरी हो चुकी है. सिवान राज्य का एकमात्र जिला है जहां सामान्य से 12 फीसदी अधिक बारिश हुई है, जबकि जहानाबाद में बारिश 70 फीसदी कम रही है. मौसम विभाग ने फिलहाल सूखे जैसे हालात से इनकार करते हुए जुलाई के अंत और अगस्त की शुरुआत में मॉनसून के फिर सक्रिय होने की संभावना जताई है.

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बिहार में 37% कम बारिश के बीच धान रोपनी 50% पूरी, बारिश में सिवान अव्वल तो जहानाबाद 70% पिछड़ा बिहार में धान की रोपनी में आई तेजी

बिहार में मॉनसून बारिश की रफ्तार अभी भी कम है. मौसम विभाग के अनुसार, 1 जून से 22 जुलाई के बीच हुई अब तक की  बारिश सामान्य से अभी भी 37 फीसदी कम है. हालांकि, बारिश के गिरे ग्राफ के बीच राज्य में धान की रोपनी निर्धारित लक्ष्य के 50 फीसदी तक पहुंच गई है. वहीं, बिहार का इकलौता जिला सिवान है, जहां सामान्य से करीब 12 फीसदी अधिक बारिश हुई है. जबकि, जहानाबाद में बारिश अभी भी सामान्य से करीब 70 फीसदी कम है. वहीं, मौसम विभाग का कहना है कि राज्य में अभी सूखे के हालात नहीं हैं. बारिश का दौर रुक-रुक कर जारी रहेगा.

बिहार के इन जिलों में बादल मेहरबान

मौसम विभाग की ओर से जारी आंकड़ों की अगर बात करें तो, खबर लिखने तक मॉनसून की सामान्य बारिश 414.4 मिमी होनी चाहिए थी, लेकिन अभी तक 261.6 मिमी के आसपास है. जो सामान्य से अभी भी करीब 37 फीसदी कम है. वहीं, राज्य के करीब नौ ऐसे जिले हैं, जहां बारिश सामान्य से करीब 20 फीसदी तक ही कम हुई है. इनमें सिवान जिले में मॉनसून की अब तक सबसे अच्छी बारिश देखने को मिली है. यहां सामान्य बारिश 359.8 मिमी होनी चाहिए थी, जबकि अभी तक 403.8 मिमी बारिश हो चुकी है. वहीं, दूसरे स्थान पर लखीसराय जिला है, जहां सामान्य से करीब 9 प्रतिशत कम बारिश हुई है. इसके साथ ही सुपौल, किशनगंज, गोपालगंज, खगड़िया, पश्चिमी चंपारण, अररिया तथा बक्सर जिले में बारिश सामान्य से करीब 10 से 20 प्रतिशत के बीच कम हुई है.

नौ जिलों में 50 प्रतिशत भी नहीं बरसा पानी

मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य के करीब नौ ऐसे जिले हैं, जहां मॉनसून की बारिश सामान्य से आधी भी नहीं हुई है. जहानाबाद जिला इस सूची में सबसे ऊपर है. यहां अभी भी सामान्य से करीब 70 फीसदी कम बारिश हुई है. जहां सामान्य बारिश 340.8 मिमी होनी चाहिए थी, वहीं अभी तक करीब 103 मिमी हो पाई है. इसके साथ  भागलपुर, सहरसा, कैमूर, गया, जमुई, अरवल, सीतामढ़ी और बांका जिले में अभी भी बारिश सामान्य से 52 से 57 फीसदी के आसपास कम हुई है. जबकि, बाकी अन्य जिलों में सामान्य करीब 50 प्रतिशत से अधिक बारिश हो चुका है.

राज्य में सूखे जैसे हालात नहीं

राज्य में अब तक सामान्य से करीब 37 फीसदी कम बारिश हुई है, लेकिन मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के निदेशक आशीष कुमार बताते हैं कि आने वाले चार से पांच दिनों में बारिश कम होने का अनुमान है. वहीं, जुलाई के अंतिम एक-दो दिनों के दौरान बारिश होगी. साथ ही अगस्त के शुरुआती सप्ताह में भी राज्य में एक बार फिर मॉनसून सक्रिय दिखेगा. उन्होंने कहा कि राज्य में अभी सूखे जैसे हालात नहीं हैं. 

आगे उन्होंने बताया कि हाल के समय में अल नीनो का प्रभाव मॉनसून पर पूरी तरह पड़ चुका है, लेकिन बिहार में अभी इसका बहुत ज्यादा प्रभाव नहीं दिख रहा है. उन्होंने बताया कि जिस तरह से राज्य में बारिश रुक-रुक कर हो रही है, उससे खरीफ सीजन की खेती करने वाले किसानों को काफी राहत मिल रही है. वहीं, उन्होंने कहा कि अभी तक राज्य में ऐसा देखने को नहीं मिला है कि बारिश होने का अंतराल 10 से 15 दिनों का हो. आगे भी इस तरह की कोई स्थिति नहीं दिख रही है. हाल के समय में जिस तरह की बारिश हो रही है. इसी तरह की आगे भी होने की उम्मीद है.

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