
बिहार में मॉनसून के देरी से आने और बारिश नहीं होने से सुखाड़ (सूखा) जैसी स्थिति बन गई है. वहीं खराब पड़े सरकारी नलकूप ने किसानों की मुसीबत और भी बढ़ा दिया है. पूरे प्रदेश में बारिश की रफ्तार कम होने से सूखे जैसी स्थिति है. इसका असर ये हुआ है कि धान की रोपनी बेहद कम हुई है.

जिला कृषि पदाधिकारी राजन बालन ने बताया कि धान की रोपनी मुजफ्फरपुर जिले में अभी लक्ष्य से पीछे चल रही है. उन्होंने बताया कि धान रोपनी का कुल लक्ष्य 147940 हेक्टेयर रखा गया है. उसके हिसाब से अभी 107850 हेक्टेयर में ही रोपनी हुई है. यह लक्ष्य का 72.9 प्रतिशत ही है. इसको देखते हुए आकस्मिक फसल योजना के तहत राज्य सरकार को प्रस्ताव दिया गया है.

कटरा के किसान संजय ठाकुर ने बताया कि इस बार हालत बहुत खराब है. पानी नहीं होने से रोपनी प्रभावित हुई है. जैसे-तैसे अगर धान की रोपाई हुई है, तो वह भी सूख रहा है. बारिश का पानी नहीं मिलने से धान की फसल सूख रही है. औराई के किसान गोविंद ने कहा कि अगर बारिश का यही हाल रहा तो दूसरी बार बीज लगाना होगा. पहली बार ऐसा हो रहा है कि मौसम बिलकुल साथ नहीं दे रहा है.

कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, मॉनसून आने के बाद बारिश की रफ्तार कम हुई है. पिछले दो महीने में हुई बारिश लक्ष्य से पीछे है. जून में 55.11 मिलीमीटर बारिश हुई जबकि 164.1 मिलीमीटर होनी चाहिए. बारिश 66.41 प्रतिशत कम रही. जुलाई में 304 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए, जबकि मात्र 46.59 मिलीमीटर हुई.

वही बारिश नहीं होने से किसानों को पटवन में परेशानी नहीं हो, इसलिए प्रखंड कृषि पदाधिकारी के साथ बैठक कर निर्देश दिए गए हैं. किसान मों आमिर ने बताया कि बारिश नहीं होने से धान की फसल सूख रही है. धान के खेतों में किसानों को खुद से पानी देना पड़ रहा है जिसमें काफी खर्च आ रहा है. इतनी मेहनत और खर्च के बावजूद अच्छी फसल की उम्मीद नहीं है.

एसडीओ ज्ञान प्रकाश ने बताया कि पूर्वी अनुमंडल के सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी के साथ गुरुवार को बैठक हुई है. उनसे रिपोर्ट मांगी गई है और निर्देश दिए गए हैं कि किसानों की जो भी परेशानी है, उन्हें चिन्हित किया जाए. रिपोर्ट आने के बाद संबंधित विभाग से विचार विमर्श कर किसानों की परेशानी को दूर किया जाएगा.

एसडीओ ने कहा कि किसान भाइयों से अपील है कि खेती के उपयोग के लिए बिजली का कनेक्शन अवैध तरीके से नहीं लें. गलत तरीके से बिजली का कनेक्शन लेने पर किसान और मजदूरों के साथ करंट लगने की घटनाएं घटती हैं. इसको लेकर भी सख्त निर्देश दिए गए हैं.

अभी बारिश और बाढ़ का समय है. ऐसे में सभी पीडीएस विक्रेताओं को निर्देश दिया गया है कि किरासन तेल सभी डीलर के पास उपलब्ध है और उसकी कीमत भी सरकार की तरफ से घटा दी गई है. अगर किसी परिवार को बिजली की जरूरत है और बाढ़ या बारिश की वजह से बिजली नहीं मिल पा रही है, तो उन्हें किरासन तेल उपलब्ध कराया जाए.
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