EOW ने तत्कालीन प्रमुख सचिव योगेश कुमार को किया गिरफ्तारउत्तर प्रदेश के बहुचर्चित पशुपालन विभाग भर्ती घोटाले में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तत्कालीन प्रमुख सचिव और सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी योगेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया है. EOW की टीम ने उन्हें लखनऊ के गोमती नगर इलाके से हिरासत में लिया. इस मामले को प्रदेश के प्रशासनिक इतिहास की महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है.
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2014 में उत्तर प्रदेश के 17 मंडलों में 1198 पशुधन प्रसार अधिकारी पदों पर भर्ती की गई थी. आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं और नियमों की अनदेखी की गई. उस समय योगेश कुमार पशुपालन विभाग में प्रमुख सचिव के पद पर तैनात थे और भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद रिटायर हो गए थे.
EOW की जांच में भर्ती प्रक्रिया से संबंधित कई महत्वपूर्ण तथ्यों के सामने आने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की गई. जांच एजेंसी का मानना है कि भर्ती प्रक्रिया में हुए कथित घोटाले में उच्च स्तर पर निर्णय लिए गए, जिनकी जिम्मेदारी तय की जा रही है.
यह भर्ती तत्कालीन समाजवादी पार्टी सरकार के कार्यकाल में हुई थी. उस समय राजकिशोर सिंह पशुधन मंत्री थे. सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान पूर्व मंत्री के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति की फाइल अभी भी शासन स्तर पर लंबित है. हालांकि मामले में अंतिम निर्णय अभी होना बाकी है.
राजनीतिक रूप से भी यह मामला चर्चा में है क्योंकि राजकिशोर सिंह मई 2024 में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल हो चुके हैं. ऐसे में जांच की दिशा और संभावित कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है.
बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश में किसी प्रत्यक्ष भर्ती वाले (डायरेक्ट) आईएएस अधिकारी की गिरफ्तारी का यह पहला बड़ा मामला माना जा रहा है. EOW अब भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अन्य अधिकारियों और संबंधित दस्तावेजों की भी जांच कर रही है. मामले में आगे और गिरफ्तारियां अथवा कानूनी कार्रवाई होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है.(संतोष कुमार की रिपोर्ट)
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