Calf Care: बछड़े को जन्म के बाद क्या दें खाने में, कैसे करें देखभाल, पढ़ें पूरी डिटेल Calf Care: बछड़े को जन्म के बाद क्या दें खाने में, कैसे करें देखभाल, पढ़ें पूरी डिटेल
ज्यादातर मामलों में बछड़ों की मौत जन्म के फौरन या 20-25 दिन में हो जाती है. इसी को रोकने और कम करने के लिए एनीमल एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि जन्म के बाद से करीब दो-तीन महीने तक बछड़ों का खाने-पीने से लेकर रखरखाव तक में खास ख्याल रखना चाहिए.
गर्भवती पशुओं का टीकाकरणनासिर हुसैन - NEW DELHI,
- Jan 20, 2025,
- Updated Jan 20, 2025, 1:20 PM IST
वैसे तो जन्म के फौरन बाद ही कुछ दिन तक बछड़े को खीस (कोलोस्ट्रम) पिलाने की सलाह दी जाती है. जन्म के तीन-चार दिन तक तो सब कुछ ठीक चलता है. लेकिन जन्म के एक हफ्ते बाद पशुपालक की सबसे बड़ी परेशानी ये होती है कि वो नवजात बछड़े को खाने में क्या दें. मौसम अगर सर्दी का है तो पानी कैसे पिलाएं. इतना ही नहीं जन्म के बाद बछड़े की देखभाल कैसे की जाए. बछड़े को लेकर पशुपालक इसलिए भी परेशान रहते हैं कि ये पशुपालन में बड़े मुनाफे के तौर पर देखा जाता है.
बछिया है तो बड़े होकर दूध देगी और अगर मेल है तो एक साल का होने पर कभी भी बेचकर नकद कमाई की जा सकती है. खूब अच्छा खिला-पिलाकर ब्रीडिंग बुल भी बनाया जा सकता है. इसी सब के चलते ही बछड़ों की खास तरह से देखभाल बहुत जरूरी हो जाती है. इस खबर में ऐसी ही कुछ जानकारी दी गई है.
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बछड़े के जन्म लेते ही ऐसे शुरू कर दें देखभाल
- जन्म के फौरन बाद नवजात बछड़े को साफ कपड़े से पोछकर साफ कर दें.
- बछड़े को सांस दिलाने में मदद करें.
- बछड़े की नाल को स्टेरलाइज़्ड कैंची या ब्लेड से काट दें.
- नाल के कटे हुए हिस्से पर टिंचर आयोडीन या एंटीसेप्टिक क्रीम लगा दें.
- जन्म लेने के एक-दो घंटे के अंदर बछड़े को कोलोस्ट्रम पिलाएं.
- कोलोस्ट्रम इम्युनोग्लोबुलिन से भरपूर होता है.
- कोलोस्ट्रम पिलाने से बछड़े की रोग प्रतिरक्षा बढ़ती है.
- कोलोस्ट्रम में खनिज और विटामिन भरपूर मात्रा में होते हैं.
- कोलोस्ट्रम में रेचक गुण होने से पहला मल-मूत्र आसानी से हो जाता है.
- पशु को 10 दिन की उम्र में पेट के कीड़े की दवाई खिलाएं.
- 21 दिन बाद फिर से पेट के कीड़े की दवाई दें.
- जन्म के समय बछड़े का वजन 30 किलोग्राम होना चाहिए.
- सुबह-शाम 1.5-1.5 किलोग्राम कोलोस्ट्रम पिलाना चाहिए.
- 15 दिनों के बाद बछड़े को सूखा चारा और मिश्रण खाने को दें.
- हर सात दिन बाद मिश्रण को 50-100 ग्राम तक बढ़ाया जा सकता है.
- तीन महीने की उम्र में बछड़े को हरा रेशेदार चारा खाने में दें.
- अगर बछड़े में अतिरिक्त थन है तो उसे बचपन में ही काट दें.
- दस्त से पीड़ित बछड़ों को दूध पिलाने के 2 घंटे बाद इलेक्ट्रोलाइट्स खाने में दें.
- इलेक्ट्रोलाइट्स में खनिज, ऊर्जा और प्रोटीन भरपूर मात्रा में होते हैं.
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