Animal Disease: मोबाइल ऐप बता रही पशुओं में बीमारी फैलने से कितना नुकसान हुआ 

Animal Disease: मोबाइल ऐप बता रही पशुओं में बीमारी फैलने से कितना नुकसान हुआ 

Animal Disease लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (LUVAS) हिसार, हरियाणा ने एक खास ऐप तैयार किया है. दूध उत्पादन घटने, पशु के इलाज और पशु की मौत होने के मामले में पशुपालक को कितना नुकसान होता है अब इसका आंकलन आसानी से इस ऐप की मदद से किया जा सकेगा.

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Animal Disease: मोबाइल ऐप बता रही पशुओं में बीमारी फैलने से कितना नुकसान हुआ 

Animal Disease गाय-भैंस, भेड़-बकरी में होने वाली खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) जानलेवा बीमारी है. इस बीमारी से कोई एक-दो देश नहीं वर्ल्ड का डेयरी सेक्टर परेशान है. दूषित चारा और दूषित पानी पीने से पशुओं में एफएमडी रोग जल्दी फैलता है. लंपी बीमारी भी जब फैलती है तो सैकड़ों की संख्या में गाय मरने लगती हैं. खासतौर पर पशु खुले में चरने के दौरान दूषित चारा-पानी खा और पी लेते हैं. खुले में पड़ी कुछ सड़ी-गली चीजें भी इसमे शामिल होती हैं. फार्म पर नए आने वाले पशुओं से भी ये बीमारी लग जाती हैं. लंपी बीमारी की बात करें तो इसके फैलने का एक बड़ा कारण मच्छर-मक्खी हैं. 

डेयरी एक्सपर्ट का कहना है कि एफएमडी बीमारी के चलते पशुपालकों को तो नुकसान होता ही है, साथ में डेयरी प्रोडक्ट एक्सपोर्ट की राह में भी ये बीमारी रोड़ा बनी हुई है. इन बीमारियों के चलते पशुपालक को इलाज से लेकर वैक्सीन तक पर हजारों रुपये खर्च करने पड़ते हैं. यहां तक की सरकार का भी करोड़ों रुपया इन बीमारियों की रोकथाम पर खर्च हो जाता है. बीमारी फैलने के बाद पशुपालक को कितना नुकसान होता है अब इसका आंकलन करना आसान हो गया है. एक मोबाइल ऐप इस काम को करेगा. 

ऐसे काम करती है लुवास की ऐप 

ऐप को तैयार करने वाली टीम में शामिल डॉ. स्वा‍ति दाहिया ने किसान तक को बताया कि हमारी इस ऐप को कॉपी राइट का सर्टिफिकेट मिल गया है. जल्दन ही गूगल प्ले स्टोर पर अपलोड कर दिया जाएगा. इस ऐप का फायदा लेने के लिए इसे अपने मोबाइल में डाउनलोड करना होगा. और जब एफएमडी बीमारी फैलेने से पशुपालकों को जो नुकसान होगा तो उसके आंकड़े ऐप में अपलोड करने होंगे. जैसे दूध कितना घटा. बीमारी और वैक्सीनेशन पर कितना खर्च हुआ. पशु की अगर मौत हुई तो उस पशु के बारे में पूरी जानकारी भरनी होगी. 

सभी बीमारियों का कर सकेंगे आंकलन

डॉ. स्वाति ने बताया कि हमने ऐप को एफएमडी बीमारी को ध्यान में रखते हुए बनाया है. इस खास ऐप पर सिर्फ एफएमडी बीमारी से होने वाले नुकसान का ही आंकलन किया जा सकेगा. लेकिन और दूसरी बीमारियों से होने वाले नुकसान का भी आंकलन करना है तो ठीक इसी तरह की दूसरी ऐप तैयार करनी होगी.

पशुओं में एफएमडी के ये हैं लक्षण 

एनीमल एक्सपर्ट विजेन्द्र मलिक ने किसान तक को बताया कि एफएमडी पीड़ित किसी भी पशु जैसे गाय-भैंस, भेड़-बकरी और सूअरों के लक्षण ये हैं कि उन्हें  104 से 106 एफ तक तेज बुखार आएगा. भूख कम हो जाएगी. पशु सुस्त रहने लगता है. मुंह से बहुत ज्यादा लार टपकना शुरू हो जाती है. मुंह में फफोले हो जाते हैं. खासतौर पर जीभ और मसूड़ों पर फफोले बहुत ज्यादा हो जाते हैं. पशु के पैर में खुर के बीच घाव हो जाते हैं, जो अल्सर होता है. गाभिन पशु का गर्भपात हो जाता है. थन में सूजन और पशु में बांझपन की बीमारी आ जाती है.

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