Goat Care in Summer: गर्मियों में ऐसे पाला बकरा तो बकरीद तक नहीं होगा बीमार, अपनाएं ये टिप्स 

Goat Care in Summer: गर्मियों में ऐसे पाला बकरा तो बकरीद तक नहीं होगा बीमार, अपनाएं ये टिप्स 

गर्मी में कुर्बानी के बकरे का रख रखाव कैसा हो. उसे खाने पीने में क्या क्या दिया जाए और क्या नहीं. बकरे को बाहर घुमाने का वक्त क्या होना चाहिए. ऐसे ही कुछ सवालों के जवाब गोट एक्सपर्ट ने दिए हैं. इसमे बकरों की खुराक से लेकर देखभाल तक शामिल है. 

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Goat Care in Summer: गर्मियों में ऐसे पाला बकरा तो बकरीद तक नहीं होगा बीमार, अपनाएं ये टिप्स सीआईआरजी में चारा खाते ब्रीडर बकरे. फोटो क्रेडिट-किसान तक

मार्च में ईद है और मई के तीसरे हफ्ते में बकरीद हो सकती है. बकरीद के मौके पर बकरों की कुर्बानी दी जाती है. शहरों में जगह की कमी के चलते बहुत सारे लोग बकरीद से कुछ दिन पहले ही बकरों की खरीद-फरोख्त करते हैं. लेकिन कुछ ऐसे लोग भी होते हैं जो एक-एक साल और एक-दो महीने तक बकरों को पालकर बकरीद पर उनकी कुर्बानी देते हैं. ऐसे लोगों के लिए जरूरी हो जाता है कि वो गर्मियों के दौरान बकरों की अच्छे से देखभाल करें. वर्ना होता ये है कि बकरीद आते-आते बकरे गर्मी में बीमार होने लगते हैं. ऐसा उन लोगों के साथ ज्यादा होता है जो बकरीद से दो महीने या एक महीने पहले बाजार से बकरा खरीदकर घर पर उसका पालन करते हैं.

लेकिन अक्सर देखा गया है कि जैसे ही लोग बकरा खरीदकर घर पहुंचते हैं तो बकरा बीमार हो जाता है. बकरा खाना पीना कम या कभी कभी तो एकदम बंद कर देता है. बीमार बकरों की कुर्बानी नहीं होती है, अगर ऐसे वक्त अगर बकरे को कुछ हो जाता है तो खरीदार को तगड़ा नुकसान उठाना पड़ता है. इसकी वजह ये है कि बाजार में बिकने वाले मीट के मुकाबले कुर्बानी का बकरा महंगा होता है. बकरे की खूबसूरती और उसकी तंदरुस्ती को देखते हुए उसके रेट लगाए जाते हैं. साथ ही ये भी देखा जाता है कि वो चोटिल ना हो और उसके दांत सींग ना टूटे हों. 

बकरों को ज्यादा खाने को ना दें 

गोट एक्सपर्ट का कहना है कि बकरों को बाजार में लाने से पहले कारोबारी उन्हें खूब खिलापिलाकर लाते हैं. बहुत सारे कारोबारी बकरे को तगड़ा दिखाने के चक्कर र में बेसन का घोल समेत कुछ खास तरह के केमिकल पिलाकर लाते हैं. बेसन पेट को फुला देता है. लेकिन गर्मियों में बेसन पीने से बकरे का पेट भी खराब हो जाता है. अब जैसे ही बकरा घर आता है तो घर के बच्चे  खुशी खुशी में उसे खूब खिलाने पिलाने लगते है. इस तरह ओवर डाइट के चक्कर में बकरा बीमार पड़ जाता है. कई बार तो बकरे की मौत तक हो जाती है. 

घर पर दिनभर में बकरे की ऐसे करें देखभाल

सुबह से शाम तक बकरे को तीन से चार बार साफ, ठंडा पानी पिलाएं.
गर्मी ज्यापदा हो और बकरे को सांस लेने में तकलीफ हो तो उसे इलेक्ट्राल पाउडर दें. 
एक इलेक्ट्राल पाउडर के पाउच को एक लीटर पानी में घोल लें और दिन में दो बार दे दें.
सुबह दस से शाम पांच बजे तक बकरों को धूप में न बैठाएं.
सुबह 10 के बाद और शाम चार बजे से पहले खुले में चराने ना ले जाएं. 
जहां तक संभव हो तो दिन में बकरे को छायादार जगह पर आराम करने दे.

ये टिप्स अपनाए तो हेल्दी बनेगा बकरा 

बार-बार ना देकर बकरे को तय वक्त पर ही खाने को दें.
फीड में चना, चना की चुनी, गेहूं, चोकर, जो, और मिनरल दें.
गर्मियों में हरे चारे की मात्रा को बढ़ा दें.
बकरे के सामने काला नमक और लाहौरी नमक जरूर रखें.
बकरा जब नमक चाटता है तो उसका हाजमा ठीक होता है.

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