हरियाणा में बेसहारा मवेशियों की समस्या दूर करने की तैयारी, बनेंगे 4 ‘गौ वन’

हरियाणा में बेसहारा मवेशियों की समस्या दूर करने की तैयारी, बनेंगे 4 ‘गौ वन’

हरियाणा में आवारा मवेशियों की समस्या से निपटने के लिए सरकार ने बड़ा प्लान तैयार किया है. राज्य में चार ‘गौ वन’ विकसित किए जा रहे हैं, जबकि नई गौशालाएं खोलने और चारे के लिए आर्थिक मदद देने की भी तैयारी है.

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हरियाणा में बेसहारा मवेशियों की समस्या दूर करने की तैयारी, बनेंगे 4 ‘गौ वन’बेसहारा मवेशियों की समस्या होगी दूर (सांकेतिक तस्वीर)

हरियाणा में सड़कों और गांवों में घूम रहे बेसहारा मवेशियों की समस्या से निपटने के लिए सरकार ने कई कदम उठाने की तैयारी की है. इसके तहत राज्य में चार ‘गौ वन’ बनाए जा रहे हैं, जहां बेसहारा गायों को सुरक्षित आश्रय दिया जाएगा. सरकार का लक्ष्य गायों को सड़कों से हटाकर गौशालाओं और गौ वनों में रखने के साथ-साथ उनके लिए चारे और दूसरी जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था करना है. दरअसल, हरियाणा सार्वजनिक उद्यम ब्यूरो के चेयरमैन मोहन लाल कौशिक ने हरियाणा गौ सेवा आयोग के अधिकारियों के साथ बैठक में इस योजना की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ग्राम पंचायतों को गौशालाओं के लिए कम से कम 10 एकड़ गोचर भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं. इस जमीन का इस्तेमाल गायों के लिए चारा उगाने और उनकी देखभाल में किया जा सकेगा.

सड़कों पर करीब 70 हजार गाय

सरकार के मुताबिक, इस समय हरियाणा में करीब 70,000 गायें सड़कों पर घूम रही हैं. इन मवेशियों को गौशालाओं और गौ वनों में पहुंचाने के लिए गौ सेवा आयोग, ग्राम पंचायतों और शहरी निकायों की मदद ली जाएगी. राज्य में अभी करीब 707 रजिस्टर्ड गौशालाएं हैं, जिनमें लगभग 40,000 गायों को रखा गया है. बाकी मवेशियों को भी गौशालाओं में पहुंचाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है.

इन चार जगहों पर बन रहे गौ वन

राज्य में चार जगहों पर गौ वन बनाए जा रहे हैं. इनमें महेंद्रगढ़ के भोजावास गांव, पलवल के राजपुरा खादर, कैथल के भुना और करनाल के संभली शामिल हैं. महेंद्रगढ़ के भोजावास गांव में करीब 89 एकड़ जमीन पर बन रहे गौ वन का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है. वहीं, बाकी तीन जगहों पर भी गौ वन विकसित करने की प्रक्रिया चल रही है.

जल्द शुरू होंगी 22 नई गौशालाएं

सरकार के अनुसार, इसी महीने 22 गौशालाएं शुरू होने की उम्मीद है, जबकि 14 नई गौशालाएं खोलने की प्रक्रिया भी चल रही है. इनका उद्देश्य छुट्टा पशुओं को सुरक्षित जगह उपलब्ध कराना है. इसके अलावा राज्य की रजिस्टर्ड गौशालाओं को जल्द ई-रिक्शा भी दिए जाएंगे. घायल और बीमार गायों की मदद के लिए ‘गौ सेवा रथ’ का इस्तेमाल किया जाएगा.

चारे के लिए 300 करोड़ रुपये की मंजूरी

गौशालाओं में गायों के लिए चारे की व्यवस्था को लेकर भी सरकार आर्थिक मदद दे रही है. इसके लिए पोर्टल खोल दिया गया है और रजिस्टर्ड गौशालाएं 14 अक्टूबर तक आवेदन कर सकती हैं. सरकार ने इस साल गौशालाओं को चारे के लिए करीब 300 करोड़ रुपये की ग्रांट देने का लक्ष्य रखा है. साथ ही गायों को बारिश, गर्मी और सर्दी से बचाने के लिए 200 गौशालाओं में लोहे के शेड बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है. प्रत्येक शेड के लिए 10 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद दी जाएगी. इससे पहले पिछले साल 49 गौशालाओं में शेड बनाए गए थे.

गायों की नस्ल सुधारने पर भी जोर

सरकार बेसहारा मवेशियों की समस्या के साथ-साथ गायों की नस्ल सुधारने पर भी काम कर रही है. इसके लिए हिसार स्थित लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा और पशु विज्ञान विश्वविद्यालय में एक लैब बनाई गई है. अधिकारियों को हरियाणा के किसानों तक बेहतर नस्ल के पशु पहुंचाने का काम तेज करने के निर्देश दिए गए हैं. सरकार का कहना है कि गुजरात, उत्तराखंड और पंजाब में नस्ल सुधार के लिए किए गए प्रयासों से सीख लेकर हरियाणा में भी काम किया जाएगा. (PTI)

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