Dairy Production: अमूल के पूर्व एमडी ने दिए ये 18 टिप्स, अपनाए तो बढ़ेगा दूध उत्पादन Dairy Production: अमूल के पूर्व एमडी ने दिए ये 18 टिप्स, अपनाए तो बढ़ेगा दूध उत्पादन
हाईटेक डेयरी टेक्नोलॉजी के बाद भी प्रति पशु दूध उत्पादन के मामले में हमारा देश बहुत पीछे हैं. विश्व में कई छोटे-बड़े देश प्रति पशु दूध उत्पादन के मामले में हमसे बहुत ज्यादा हैं. डेयरी एक्सपोर्ट के मामले में भी हम पीछे हैं. लेकिन दोनों ही क्षेत्रों में सुधार लाने के लिए एक्सपर्ट मिल्क रेव्युलेशन-2 पर जोर दिया जा रहा है.
नासिर हुसैन - New Delhi,
- Jan 20, 2026,
- Updated Jan 20, 2026, 10:30 AM IST
पशुपालन और डेयरी टेक्नोलॉजी अपनाने के मामले में हम पीछे हैं. यहां तक की दूध उत्पादन और डेयरी प्रोडक्ट एक्सपोर्ट के मामले में भी हम पीछे हैं. बेशक विश्व में हम दूध उत्पादन में नंबर वन हैं, लेकिन उसके पीछे भी एक बड़ी वजह है. विश्व में सबसे ज्यादा पशु भारत में हैं, इसी वजह से हमारे यहां दूध उत्पादन ज्यादा है. लेकिन उत्पादन के मामले में एक परेशानी वाली बात ये है कि हमारे देश में प्रति पशु दूध उत्पादन बहुत कम है. विश्व के उन छोटे-छोटे देशों से भी कम जो आबादी और क्षेत्रफल के हिसाब से हमसे बहुत छोटे हैं. यही वजह है कि हमारे देश में बढ़ते दूध उत्पादन को कामयाबी के तौर पर नहीं देखा जाता है. ऐसा नहीं है कि हमारे देश में टेक्नोलॉजी की कोई कमी है.
लेकिन परेशानी ये है कि आज भी गांवों में वही पुराने ट्रेडीशनल तरीके से गाय-भैंस और भेड़-बकरियों का पालन किया जाता है. ये छोटे-छोटे वो कारण हैं जिनकी वजह से दूध में नंबर वन भारत एक्सपोर्ट की टॉप 10 की लिस्ट में भी शामिल नहीं है. इस सब से निपटने के लिए डेयरी एक्सपर्ट और अमूल के पूर्व एमडी डॉ. आरएस सोढ़ी पशुपालन और डेयरी में खास काम करने के लिए कुछ टिप्स देते हैं. उनका कहना है कि इंडियन डेयरी का ढांचा इस तरह का है कि उसके हिसाब से दूध उत्पादन को कभी भी बढ़ाया जा सकता है.
मुनाफा और उत्पादन बढ़ाने के टिप्स
डॉ. आरएस सोढ़ी ने डेयरी में मुनाफा बढ़ाने और उत्पादन बढ़ाने के लिए कुछ टिप्स दिए हैं. डेयरी की तस्वीर बदलने के लिए मिल्क रेव्युलेशन-2 की तरह से काम करने पर जोर दिया है. उनका कहना है कि अगर ऐसा होता है तो डेयरी सेक्टर और उससे जुड़े पशुपालकों की तस्वीर एकदम बदल जाएगी.
- इसके लिए पहले तो हमे प्रति पशु दूध उत्पादन बढ़ाने पर जोर देना होगा.
- आधुनिक प्रोसेसिंग प्लांट बनाने के साथ ही उनकी संख्या भी बढ़ानी होगी.
- एक्सपोर्ट और घरेलू दोनों लेवल के बाजार का दायरा बढ़ाना होगा.
- इंटरनेशनल मार्केट में डिमांड को देखते हुए घी पर काम करने की जरूरत है.
- सरकार की मदद से कोऑपरेटिव, डेयरी वैल्यू चेन और इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाए.
- मौजूदा वक्त की सबसे बड़ी परेशानी पशुओं की चारा लागत को कम करना होगा.
पशुपालकों में ऐसे बढ़ेगी इनकम
- ज्यादा से ज्यादा किसानों को पशुपालन में लाने की जरूरत है.
- जो पहले से पशुपालन में हैं उन्हें रोकने पर ध्यान देना होगा.
- चार-पांच गाय-भैंस पालने वाले पशुपालक का मुनाफा सबसे कम होता है.
- पशुपालन में दूध की कमाई का बड़ा हिस्सा चारे में खर्च हो जाता है.
- बिजली-डीजल महंगी होने से डेयरी की लागत बढ़ रही है.
- पशुपालकों के बच्चे आज पशुपालन में भविष्य बनाना नहीं चाहते हैं.
- पशुपालन अर्गेनाइज्ड नहीं होगा तो दूध उत्पादन की लागत भी कम नहीं होगी.
प्रोडक्ट की पैकिंग का डिमांड पर पड़ता है असर
- खाने की चीजों पर अच्छी या खराब पैकेकिंग का असर पड़ता है.
- डेयरी में दूध को छोड़कर बाकी सारे डेयरी प्रोडक्ट प्रोसेस होते हैं.
- डेयरी प्रोडक्ट में आइसक्रीम की पैकिंग का बड़ा रोल है.
- पैकिंग से डेयरी प्रोडक्ट के रेट बाजार पर भी असर डालते हैं.
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