बर्ड फ्लू का खतरा, पशुपालन करने वाले किसानों के लिए सरकार की बड़ी चेतावनी

बर्ड फ्लू का खतरा, पशुपालन करने वाले किसानों के लिए सरकार की बड़ी चेतावनी

पशुपालन करने वाले किसानों के लिए एक बड़ी खबर है. दरअसल, इस सरकार ने शुक्रवार को राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बड़ी संख्या में कौवों की मौत की खबरों के बाद हाई अलर्ट जारी किया है.

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बर्ड फ्लू का खतरा, पशुपालन करने वाले किसानों के लिए सरकार की बड़ी चेतावनीबर्ड फ्लू का खतरा

पशुपालन करने वाले किसानों के लिए एक बड़ी खबर है. दरअसल, तमिलनाडु सरकार ने शुक्रवार को राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बड़ी संख्या में कौवों की मौत की खबरों के बाद हाई अलर्ट जारी किया है, जिससे एवियन इन्फ्लूएंजा यानी 'बर्ड फ्लू' फैलने की आशंका बढ़ गई है. बायोसिक्योरिटी खतरे को देखते हुए, पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पूरे राज्य में पोल्ट्री किसानों और जंगली पक्षियों को संभालने वालों के लिए सख्त एहतियाती उपायों को अनिवार्य करते हुए एक विस्तृत सलाह जारी की है.

तमिलनाडु में बर्ड फ्लू के लिए सलाह जारी

पब्लिक हेल्थ के डायरेक्टर डॉ. ए. सोमासुंदरम ने कहा कि पब्लिक हेल्थ और प्रिवेंटिव मेडिसिन निदेशालय (DPH) ने भी एक अलग बयान जारी कर लोगों से सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने की अपील की है. उन्होंने आगे कहा कि तमिलनाडु में एवियन फ्लू के फैलने के संबंध में केंद्र सरकार के सर्कुलर के आधार पर हमने यह सलाह जारी की है.

पशुपालकों के लिए सरकार की बड़ी चेतावनी

DPH ने लोगों को सलाह दी है कि अगर उन्हें खांसी, जुकाम, बुखार या सांस लेने में दिक्कत जैसे फ्लू जैसे लक्षण महसूस हों तो तुरंत मेडिकल मदद लें. वहीं, बूचड़खानों में काम करने वालों और बीमार या मरे हुए पक्षियों को संभालने वाले कर्मचारियों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. इस बीच, पशुपालन विभाग ने अपने अधिकारियों को कौवों, प्रवासी पक्षियों और कमर्शियल पोल्ट्री फार्म में किसी भी असामान्य बीमारी या मौत का पता लगाने के लिए निगरानी बढ़ाने और चौकसी बढ़ाने का निर्देश दिया है.

मरे हुए पक्षियों को जलाने और दफनाने का आदेश 

सूत्रों ने बताया कि नए प्रोटोकॉल के तहत, पशु चिकित्सा कर्मचारियों को खेत में मरे हुए पक्षियों का पोस्टमार्टम करने से सख्ती से मना किया गया है. इसके बजाय उन्हें क्लिनिकल सटीकता और रोकथाम तय करने के लिए सभी शवों को निर्धारित क्षेत्रीय रोग निदान प्रयोगशालाओं में भेजने की सलाह दी गई है.  सफाई करने वालों के माध्यम से संक्रमण फैलने से रोकने के लिए, सलाह में यह भी अनिवार्य किया गया है कि मरे हुए पक्षियों को या तो जला दिया जाए या मिट्टी में दफना दिया जाए.

अधिकारियों ने पशुपालन करने वाले किसानों से किसी भी असामान्य पक्षी की मौत के बारे में तुरंत पशुपालन विभाग को सूचित करने का भी आग्रह किया है, ताकि तेजी से कार्रवाई की जा सके और मनुष्यों में संभावित जूनोटिक संक्रमण को रोका जा सके.

क्या होता है 'बर्ड फ्लू' और एवियन इन्फ्लूएंजा

एवियन इन्फ्लूएंजा को आमतौर पर 'बर्ड फ्लू' के नाम से जाना जाता है. ये एक अत्यधिक संक्रामक वायरल बीमारी है जो मुख्य रूप से जंगली और घरेलू पक्षियों (जैसे मुर्गियां, टर्की, बत्तख) को प्रभावित करती है. यह इन्फ्लूएंजा टाइप ए (Influenza Type A) वायरस के कारण होती है.  वहीं, बात करें इसके फैलने कि तो पक्षियों में यह संक्रमित पक्षियों की लार, बलगम और मल के माध्यम से फैलता है. साथ ही इंसानों में यह संक्रमण संक्रमित जीवित या मृत पक्षियों के सीधे संपर्क में आने से होता है. यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में आसानी से नहीं फैलता, लेकिन गंभीर हो सकता है. (PTI)

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