मछुआरों की बढ़ेगी कमाईबिहार सरकार मछली पालकों यानी मछुआरों की आय बढ़ाने और उनके जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. डेयरी, मत्स्य और पशु संसाधन मंत्री नंदकिशोर राम ने बताया कि राज्य में मछली उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं. ऐसे में सरकार के प्रयासों का असर अब उत्पादन के आंकड़ों में भी दिखाई दे रहा है. पिछले तीन वर्षों में बिहार का मछली उत्पादन 8.73 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 10.28 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया है. अब सरकार ने अगले तीन वर्षों में राज्य में मछली उत्पादन को बढ़ाकर 25 लाख मीट्रिक टन प्रतिवर्ष करने का लक्ष्य तय किया है. इसके लिए विभाग पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
मंत्री नंदकिशोर राम ने बताया कि देशी मछलियों की प्रजातियों के संरक्षण और पालन को बढ़ावा देने के लिए मत्स्य प्रजाति विविधीकरण योजना शुरू की गई है. इस योजना के तहत सिंघी, मरैल और झींगा जैसी देशी मछलियों के पालन को प्रोत्साहित किया जा रहा है. सरकार इस योजना में मछली पालकों को 60 फीसदी तक सब्सिडी उपलब्ध करा रही है. उन्होंने कहा कि इस पहल से एक ओर जहां देशी मछलियों की प्रजातियों का संरक्षण होगा, वहीं दूसरी ओर मछुआरों और मछली पालक किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी. सरकार का उद्देश्य आधुनिक तकनीकों और आर्थिक सहायता के जरिए मछली पालन को और अधिक लाभकारी बनाना है.
मछुआरों और मछली पालक किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के लिए बिहार सरकार भ्रमण दर्शन कार्यक्रम चला रही है. इस कार्यक्रम के तहत किसानों को विकसित मछली पालन क्षेत्रों का दौरा कराया जाता है, ताकि वे नई तकनीकों और बेहतर प्रबंधन के तरीकों को सीख सकें. वहीं, इस साल 3 हजार मछली पालक किसानों को राज्य के अंदर मौजूद उन्नत मछली पालन केंद्रों का भ्रमण कराया जाएगा. इसके लिए सरकार ने 46 लाख 50 हजार रुपये की राशि जारी की है. वहीं, अब तक 68,890 मछली पालकों को राज्य के अंदर और बाहर फ्री आधुनिक मछली पालन का प्रशिक्षण दिया जा चुका है.
डेयरी, पशु और मत्स्य संसाधन मंत्री ने कहा कि सरकार मछुआरों और मछली पालक किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ हल करने के लिए काम कर रही है. उन्होंने बताया कि आयोग के माध्यम से मछुआरों की समस्याओं का तेजी से समाधान सुनिश्चित किया जाएगा. सरकार का मुख्य उद्देश्य छोटे मछली पालक किसानों को आत्मनिर्भर बनाना, मछली उत्पादन को बढ़ावा देना और उन्हें बेहतर बाजार उपलब्ध कराना है. मंत्री ने कहा कि मछली पालन क्षेत्र को मजबूत करने से न केवल मछुआरों की आय बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी. उन्होंने सभी मछली पालक किसानों और मछुआरों से अपील की है कि वे सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और आधुनिक तकनीकों को अपनाकर अपनी आमदनी बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ें.
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