
अगले कुछ दिनों में एक बार फिर उत्तर-पश्चिम भारत में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, 18 जून से उत्तर-पश्चिम भारत में नया पश्चिमी विक्षोभ असर दिखाएगा. इसके कारण जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड और मैदानी उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना बढ़ेगी. वहीं, पूर्वोत्तर राज्यों और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. उधर, विदर्भ में 19 जून तक, तेलंगाना में 18 जून तक और छत्तीसगढ़ में 17 जून तक लू जैसी परिस्थितियां बने रहने की संभावना है. इस दौरान कुछ इलाकों में 50 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से आंधी और तेज झोंकों की चेतावनी भी दी गई है.
दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अभी देश के मध्य हिस्सों तक सक्रिय है और आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं. अगले चार से पांच दिनों में मॉनसून के तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने की संभावना है. इससे पूर्व और मध्य भारत में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं.
मौसम विभाग के मुताबिक, आज 17 जून को उत्तराखंड, हिमाचल, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक की संभावना है. वहीं, पूर्वी भारत यानी बिहार, झारखंड और ओडिशा में बादल, बारिश और कहीं-कहीं तेज हवाएं चलने की आशंका है. साथ ही बिहार के कुछ इलाकों में भारी बारिश की शुरुआत हो सकती है. पूर्वोत्तर में असम, मेघालय, अरुणाचल और त्रिपुरा में लगातार बारिश का दौर जारी रहने के आसार हैं.
आईएमडी के मुताबिक, मध्य भारत में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में छिटपुट बारिश के साथ उमस और गर्मी बनी रह सकती है. पश्चिम भारत में महाराष्ट्र और गुजरात में सीमित बारिश, लेकिन तापमान में खास गिरावट के संकेत नहीं हैं. इसके अलावा, दक्षिण भारत तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और केरल में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक का मौसम रह सकता है.
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 17 जून को मौसम राहत भरा रह सकता है. आज आंशिक बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है. अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री और न्यूनतम 26 से 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है. वहीं, 18 और 19 जून को हल्की बारिश और शाम के समय गरज-चमक के संकेत, तापमान 35–38 डिग्री तक दर्ज किया जा सकता है.