
मॉनसून की आहट के साथ ही देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज तेजी से बदलने वाला है. मौसम विभाग ने दक्षिण भारत से लेकर उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के कई इलाकों में गरज-चमक, तेज हवाओं और भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है. कई जगहों पर 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जबकि कुछ इलाकों में इससे ज्यादा तेज झोंकों की भी संभावना जताई गई है. पहाड़ी राज्यों में ओलावृष्टि और पश्चिमी इलाकों में धूलभरी आंधी की आशंका बनी हुई है.
4 जून को देश के मौसम में अलग-अलग क्षेत्रों में अलग तस्वीर देखने को मिल सकती है. दक्षिण भारत के केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, लक्षद्वीप और तटीय इलाकों में बारिश की गतिविधियां मजबूत बनी रह सकती हैं और कुछ जगहों पर भारी बारिश भी दर्ज हो सकती है. उत्तर और मध्य भारत में उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में आंधी, बिजली और हल्की से मध्यम बारिश का असर देखने को मिल सकता है.
वहीं, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, सिक्किम, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा में बारिश का दौर जारी रह सकता है, जबकि कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश की स्थिति भी बन सकती है. पश्चिमी तंत्रों के असर से उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान में हल्की राहत के संकेत हैं. वहीं, बिहार और आसपास के इलाकों में उमस और गर्मी का असर बना रह सकता है.
दिल्ली और आसपास के इलाकों में 4 जून को मौसम करवट ले सकता है. दिन की शुरुआत आंशिक बादलों से होने के बाद दोपहर और शाम के दौरान गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है. हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है और कुछ समय के लिए झोंके और तेज महसूस हो सकते हैं. इससे तापमान में बड़ी गिरावट तो नहीं लेकिन गर्मी से कुछ राहत मिलने के आसार हैं.
उत्तर भारत में उत्तराखंड, हिमाचल और मैदानी इलाकों में रुक-रुककर बारिश, तेज हवाओं और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि का असर रह सकता है. पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार में बाद के दिनों में गर्मी और लू जैसी परिस्थितियां उभरने की संभावना बनी हुई है. पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बारिश का दायरा बढ़ सकता है और कुछ क्षेत्रों में भारी वर्षा की स्थिति बन सकती है.
दक्षिण भारत में केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और तटीय क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां लगातार सक्रिय रहने के संकेत हैं. कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश भी दर्ज हो सकती है. पश्चिम और मध्य भारत में महाराष्ट्र, कोंकण, गोवा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना बनी रहेगी.
जिन इलाकों में तेज हवा और बारिश की संभावना है वहां खेतों में तैयार उपज को खुले में न छोड़ें और तिरपाल से ढंककर सुरक्षित रखें. खेतों में जल निकासी की व्यवस्था पहले से तैयार रखें ताकि पानी जमा न हो.
सब्जियों, बागवानी और फलदार पौधों को सहारा दें. जिन क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है वहां सिंचाई रोकना बेहतर रहेगा. पशुपालक पशुओं को खुले में न छोड़ें और चारे को सूखी जगह पर सुरक्षित रखें. बिजली और आंधी के दौरान खेतों में काम करने से बचने की सलाह दी गई है.