मौसम बदलने से गर्मी से मिली निजात, आज इन राज्‍यों में आंधी-बारिश का अलर्ट, पढ़ें IMD का ताजा अपडेट

मौसम बदलने से गर्मी से मिली निजात, आज इन राज्‍यों में आंधी-बारिश का अलर्ट, पढ़ें IMD का ताजा अपडेट

IMD Latest Weather Update: देशभर में गुरुवार से मौसम का मिजाज बदल गया है. कई राज्यों में लू का असर कमजोर पड़ा है, जबकि आंधी, बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ गई हैं. मौसम विभाग ने 1 से 4 जून के बीच पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कई इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है.

aaj Ka Mausamaaj Ka Mausam
क‍िसान तक
  • Noida,
  • May 30, 2026,
  • Updated May 30, 2026, 7:00 AM IST

देशभर में गुरुवार से मौसम में बड़ा बदलाव आया है. भारत मौसम विज्ञान विभाग ने बताया कि उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकांश हिस्सों में चल रही लू अब कमजोर पड़ गई है और मध्य भारत में भी इससे राहत मिलने की संभावना है. 31 मई तक उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में तेज आंधी, गरज-चमक और बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है. कई इलाकों में 70 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. मौसम विभाग ने पूर्वोत्तर भारत और दक्षिण प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में 1 से 4 जून के बीच भारी बारिश की भी चेतावनी जारी की है.

मॉनसून आगे बढ़ाने के लिए अनुकूल बने हालात

इधर, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है. मौसम विभाग के अनुसार अगले दो से तीन दिनों के दौरान मॉनसून के अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं. इससे दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर भारत में बारिश की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है. मौसम प्रणालियों की सक्रियता के कारण देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है और भीषण गर्मी वाले इलाकों में भी राहत देखने को मिल रही है.

30 मई को देशभर में कैसा रहेगा मौसम

आईएमडी के अनुसार, 30 मई को उत्तर भारत के कई राज्यों में बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है. पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. राजस्थान के कई हिस्सों में धूलभरी आंधी चलने का अनुमान है. बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भी गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं.

दक्षिण भारत में तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, रायलसीमा और कर्नाटक में बारिश का सिलसिला जारी रहने के आसार हैं. कुछ इलाकों में भारी बारिश भी दर्ज की जा सकती है. पूर्वोत्तर भारत में भी हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा और अगले कुछ दिनों में वर्षा की तीव्रता बढ़ सकती है.

दिल्ली-NCR में गरज-चमक के साथ हल्‍की बारिश

दिल्ली-एनसीआर में 30 मई को मौसम सुहावना बना रह सकता है. दिन में बादल छाने और दोपहर से शाम के बीच हल्की बारिश, गरज-चमक तथा 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है. मौसम विभाग का अनुमान है कि तापमान सामान्य से काफी नीचे बना रहेगा.

31 मई को भी हल्की बारिश और तेज हवाओं की संभावना बनी हुई है. 1 जून से तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन फिलहाल दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में लू की वापसी के संकेत नहीं हैं. 1 जून को अधिकतम तापमान 37 से 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है.

1 जून से आगे क्षेत्रवार मौसम का पूर्वानुमान

पूर्वोत्तर भारत में 1 से 4 जून के बीच बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं. अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है. इसके कारण निचले इलाकों में जलभराव और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की स्थिति बन सकती है.

वहीं, मध्य भारत में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में 1 और 2 जून को गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. पश्चिम भारत में गुजरात, कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 31 मई से 4 जून के बीच बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है. गुजरात के कुछ इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है.

दक्षिण भारत में केरल, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 4 जून तक बारिश का अच्छा दौर जारी रह सकता है. उत्तर-पश्चिम भारत में 2 जून तक आंधी और बारिश की गतिविधियां बनी रहने के बाद तापमान में फिर बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है.

खेती-किसानी के लिए मौसम विभाग की सलाह

मौसम विभाग ने किसानों को मौसम में आ रहे बदलाव को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है. जिन क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है वहां खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था करने को कहा गया है. बिहार, झारखंड, ओडिशा, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में किसानों को फिलहाल सिंचाई रोकने और जल निकासी पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है.

आंधी और ओलावृष्टि की आशंका वाले राज्यों में बागवानी फसलों और सब्जियों को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी इंतजाम करने की सलाह दी गई है. कटाई के बाद तैयार उपज को सुरक्षित स्थानों पर रखने और खेतों में खुले में रखी उपज को तिरपाल से ढंकने की सिफारिश की गई है. पशुपालकों को खराब मौसम के दौरान पशुओं को सुरक्षित शेड में रखने तथा पर्याप्त पानी और चारे की व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दी गई है.

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