
उत्तर भारत में सर्दी अब अपने सबसे सख्त दौर में पहुंचती दिख रही है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने साफ चेतावनी दी है कि अगले सात दिन घने से बहुत घने कोहरे, शीत दिवस (Cold Day) और शीतलहर (Cold Wave) के लिहाज से बेहद चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं. खासकर रात और सुबह के समय हालात ज्यादा खराब हो सकते हैं, जहां कई इलाकों में दृश्यता 50 मीटर से भी नीचे जाने की आशंका है. मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और जरूरी न हो तो सुबह के समय यात्रा से बचने की सलाह दी है.
IMD के अनुसार, कोहरे का सबसे ज्यादा असर पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार और ओडिशा में देखने को मिलेगा. जहां कई जगहों पर लगातार बहुत घना कोहरा बना रहेगा. बीते दिन जम्मू के उधमपुर, पंजाब के अमृतसर, उत्तर प्रदेश के आगरा और कानपुर, मध्य प्रदेश के ग्वालियर जैसे शहरों में विजिबिलिटी शून्य मीटर तक रिकॉर्ड की गई.
मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तराखंड में आज शीत दिवस की स्थिति रहने की संभावना है, जबकि बिहार में 3 से 5 जनवरी तक कोल्ड डे का असर देखा जा सकता है. वहीं, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 7 जनवरी तक शीतलहर की चेतावनी जारी की गई है. इसके अलावा, पश्चिमी राजस्थान में 5 से 8 जनवरी और पूर्वी राजस्थान में 4 से 8 जनवरी तक जारी की गई है शीतलहर चलने की संभावना है.
तापमान के आंकड़े भी सर्दी की तीव्रता को दिखा रहे हैं. बीते दिन जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और आसपास के क्षेत्रों में कई जगह न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री से नीचे चला गया. हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में न्यूनतम तापमान 0 से 5 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है. उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर राजस्थान के कई हिस्सों में तापमान 5 से 10 डिग्री के दायरे में दर्ज किया गया. वहीं, पूर्वी राजस्थान के फतेहपुर में मैदानी इलाकों का सबसे कम न्यूनतम तापमान 2.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया.
आगे के पूर्वानुमान पर नजर डालें तो उत्तर पश्चिम भारत में अगले दो दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की और गिरावट संभव है. मध्य भारत में अगले चार दिनों तक तापमान 2 से 4 डिग्री तक गिर सकता है. पूर्वी भारत में फिलहाल ज्यादा बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद धीरे-धीरे ठंड बढ़ेगी. गुजरात में अगले कुछ दिनों में न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है.
आईएमडी के मुताबिक, दिल्ली और एनसीआर में भी सर्दी का असर बना रहेगा. सुबह के समय घना कोहरा छाने से विजिबिलिटी बेहद कम रह सकती है. तापमान में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं होगा, लेकिन ठंडी हवाओं के कारण ठंड ज्यादा महसूस की जाएगी. वाहन चालकों को खास सतर्कता बरतने और धीमी गति से चलने की सलाह दी गई है.
अन्य राज्यों की बात करें तो जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में 5 और 6 जनवरी को हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है. पूर्वोत्तर राज्यों, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और ओडिशा में भी कोहरे का असर कई दिनों तक बना रह सकता है. समुद्री क्षेत्रों में खराब मौसम को देखते हुए मछुआरों को बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के कुछ हिस्सों में न जाने की सख्त सलाह दी गई है.
किसानों के लिए भी मौसम विभाग ने खास सलाह जारी की है. गेहूं, सरसों और चना किसानों को सलाह है कि वे सुबह के समय सिंचाई से बचें. लगातार कोहरे और अधिक नमी के कारण फसलों में फफूंद और रोग का खतरा बढ़ सकता है, इसलिए खेतों की नियमित निगरानी जरूरी है. वहीं, विभाग की ओर से पशुपालकों को सलाह दी गई है कि वे पशुओं को ठंडी हवाओं से बचाने के लिए रात में खुले में न रखें. उन्हें सूखा बिछावन दें और पर्याप्त चारे और पानी की व्यवस्था रखें.