सूरत में मॉनसून की पहली बारिश किसानों के लिए बनी राहत, शहर में जलभराव ने खोली तैयारियों की पोल

सूरत में मॉनसून की पहली बारिश किसानों के लिए बनी राहत, शहर में जलभराव ने खोली तैयारियों की पोल

सूरत में मॉनसून की पहली जोरदार बारिश से किसानों को बड़ी राहत मिली है. गन्ना, धान और सब्जियों की फसलों को पानी मिलने से किसानों में खुशी है. वहीं, शहर के कई इलाकों, रेलवे अंडरपास, अस्पताल और मंदिरों में जलभराव होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा और प्री-मॉनसून तैयारियों पर सवाल उठे.

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  • Surat,
  • Jun 30, 2026,
  • Updated Jun 30, 2026, 3:37 PM IST

सूरत में लंबे इंतजार के बाद सोमवार देर रात मॉनसून ने आधिकारिक तौर पर दस्तक दे दी. कई दिनों से भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को बारिश से राहत मिली, जबकि किसानों के लिए यह बारिश किसी संजीवनी से कम नहीं रही. लंबे समय से पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण जिले में गन्ना, धान और सब्जियों की फसलें पानी की कमी से प्रभावित हो रही थीं. पहली अच्छी बारिश के बाद खेतों में नमी बढ़ी है और किसानों को फसलों की बेहतर बढ़वार की उम्मीद जगी है. ग्रामीण इलाकों में किसानों के बीच खुशी का माहौल देखने को मिला.

शहर और जिले के कई इलाकों में हुई तेज बारिश

मॉनसून की पहली बारिश के दौरान सूरत शहर के जहांगीरपुरा, अडाजन, पाल समेत कई इलाकों में जोरदार बारिश हुई. इसके साथ ही सूरत जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई. बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया और तापमान में गिरावट आने से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली.

पहली ही बारिश में जलभराव, तैयारियों पर उठे सवाल

बारिश शुरू होते ही शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन गई. उधना-नवसारी रोड समेत कई व्यस्त मार्गों पर घुटनों तक पानी भर गया, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. कई वाहन पानी में बंद हो गए और सड़कों पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया.

उधना से लिंबायत और उधना से डिंडोली को जोड़ने वाले रेलवे अंडरपास में भी पानी भर गया, जिसके कारण लोगों को ओवरब्रिज का सहारा लेना पड़ा. पहली ही बारिश में जल निकासी व्यवस्था प्रभावित होने से सूरत महानगरपालिका के प्री-मॉनसून कार्यों के दावों पर सवाल उठने लगे.

ओलपाड और कीम के निचले इलाकों में भी भरा पानी

सूरत जिले के ओलपाड और कीम क्षेत्र में भी कई निचले इलाकों में जलभराव देखने को मिला. सड़कों पर पानी भर जाने से लोगों की आवाजाही प्रभावित रही. जल निकासी व्यवस्था बाधित होने के कारण स्थानीय लोगों को परेशानी उठानी पड़ी और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी भी देखने को मिली.

अस्पताल और मंदिरों तक पहुंचा बारिश का पानी

कीम क्षेत्र स्थित साधना कोटिश हॉस्पिटल के परिसर और भवन के भीतर भी बारिश का पानी भर गया. इसके अलावा हरे हरेश्वर महादेव मंदिर और राधे कृष्ण मंदिर में भी पानी प्रवेश कर गया. इससे मरीजों, उनके परिजनों, श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा.

अस्‍पताल में मरीज का ऑपरेशन करना पड़ा रद्द

साधना कोटिश हॉस्पिटल के डॉ. सुरेश छाबड़ा ने बताया कि इस वर्ष की पहली बारिश में अस्पताल परिसर में पानी भर गया और मुख्य गटर लाइन बंद होने के कारण गटर का पानी वापस आने लगा. उन्होंने बताया कि इस संबंध में पंचायत के प्रवीण भाई से बात की गई है और गटर लाइन को जल्द खुलवाने का आश्वासन मिला है. डॉ. सुरेश छाबड़ा ने कहा कि अस्पताल का पूरा स्टाफ लगातार पानी निकालने में लगा हुआ है. पानी भरने के कारण ऑपरेशन थिएटर भी प्रभावित हो गया और एक तय ऑपरेशन भी रद्द करना पड़ा.

मॉनसून की पहली बारिश ने एक ओर किसानों और आम लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी तो दूसरी ओर शहर और जिले के कई इलाकों में जलभराव की समस्या ने स्थानीय निकायों की तैयारियों की हकीकत भी सामने ला दी. प्रमुख सड़कों, रेलवे अंडरपास, अस्पताल और मंदिरों में पानी भरने की घटनाओं ने जल निकासी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए. (रिपोर्ट- संजय सि‍ंह राठौड़)

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