Weather Update: दक्षिण भारत में चलेगा बारिश का लंबा दौर! जानिए देशभर में कैसा रहेगा मौसम का हाल

Weather Update: दक्षिण भारत में चलेगा बारिश का लंबा दौर! जानिए देशभर में कैसा रहेगा मौसम का हाल

दक्षिण भारत में भारी बारिश का दौर 24 अक्टूबर तक जारी रहने का अनुमान है. IMD ने तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में भी बारिश की संभावना है. दिल्ली-NCR में 19 अक्टूबर को आसमान साफ रहने का अनुमान है.

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क‍िसान तक
  • Noida,
  • Oct 19, 2026,
  • Updated Oct 19, 2026, 7:00 AM IST

देश के दक्षिणी हिस्से में अगले कई दिनों तक भारी बारिश का दौर जारी रहने वाला है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 24 अक्टूबर तक भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. केरल, माहे और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में भी लगातार बारिश का अनुमान है. वहीं, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम और रायलसीमा में 21 अक्टूबर तक कई जगह भारी बारिश हो सकती है. मौसम विभाग ने इन राज्‍यों में मौसमी गतिविध‍ियों को लेकर येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. कुछ इलाकों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका जताई है. इसके उलट, उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में अगले एक हफ्ते के दौरान किसी बड़े मौसमी बदलाव का अनुमान नहीं है.

तमिलनाडु में 24 अक्टूबर तक बारिश का अलर्ट

आईएमडी के अनुसार, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 19 से 24 अक्टूबर के दौरान बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है. इस अवधि में कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है, जबकि 19 से 21 अक्टूबर के बीच अलग-अलग इलाकों में बहुत भारी बारिश का खतरा बना रहेगा. मौसम विभाग ने यहां गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और झोंकों की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका जताई है.

केरल और कर्नाटक में भी लगातार बरसेंगे बादल

मौसम विभाग के मुताबिक, केरल और माहे में 19 से 24 अक्टूबर तक कई स्थानों पर बारिश हो सकती है. इस दौरान कुछ इलाकों में भारी बारिश का भी अनुमान है. लक्षद्वीप में 21 से 23 अक्टूबर के बीच अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है. कर्नाटक के दक्षिणी आंतरिक हिस्सों में 19 से 24 अक्टूबर तक भारी बारिश का अलर्ट है. तटीय कर्नाटक में 19 से 20 अक्टूबर और फिर 23 से 24 अक्टूबर के दौरान व्यापक स्तर पर बारिश हो सकती है, जबकि उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में भी 19 से 24 अक्टूबर तक कुछ इलाकों में बारिश का अनुमान है.

आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 21 अक्टूबर तक अलर्ट

आईएमडी के अनुसार, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम और रायलसीमा में 19 से 21 अक्टूबर के बीच अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. 19 से 24 अक्टूबर तक इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर बारिश जारी रहने का अनुमान है. तेलंगाना में 19 से 21 अक्टूबर के दौरान कुछ इलाकों में बारिश और गरज-चमक की संभावना है. मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश और रायलसीमा के कुछ हिस्सों में तेज सतही हवाएं चलने की बात भी कही है.

दिल्ली-NCR में बढ़ेगा अधिकतम तापमान

दिल्ली-NCR में 19 अक्टूबर को मुख्य रूप से आसमान साफ रहने का अनुमान है. आईएमडी के मुताबिक, अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है. दिन के समय उत्तर-पश्चिम दिशा से हवाएं चलेंगी, जिनकी गति दोपहर में 22 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. 20 अक्टूबर को भी मौसम मुख्य रूप से साफ रहने और तापमान इसी दायरे में बने रहने का अनुमान है.

21 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19 से 21 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है. मौसम विभाग के अनुसार, अगले एक हफ्ते के दौरान उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी, पश्चिमी और पूर्वोत्तर भारत में किसी महत्वपूर्ण मौसमी गतिविधि की संभावना नहीं है. ऐसे में इन क्षेत्रों में दक्षिण भारत जैसी व्यापक बारिश की स्थिति बनने का अनुमान फिलहाल नहीं है. 

IMD की किसानों को सलाह

आईएमडी ने भारी बारिश की आशंका वाले दक्षिण भारतीय राज्यों के किसानों को खेतों में जलभराव रोकने के लिए निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने की सलाह दी है. तमिलनाडु में धान, केला, कपास, हल्दी और गन्ने के खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने को कहा गया है. केरल और कर्नाटक में केले, पपीते और अन्य बागवानी फसलों को तेज हवाओं से बचाने के लिए सहारा देने की सलाह है. 

तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में धान, मक्का, मूंगफली तथा सब्जियों के खेतों में जल निकासी सुनिश्चित करने को कहा गया है. मौसम विभाग ने बारिश के दौरान खाद डालने, कीटनाशकों का छिड़काव करने और अन्य कृषि गतिविधियों को टालने की सलाह दी है. किसानों और आम लोगों को गरज-चमक के दौरान पेड़ों के नीचे शरण नहीं लेने और मौसम की चेतावनियों के अनुसार जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.

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