बर्फ की सफेद चादर में लिपटे ह‍िमाचल प्रदेश के कई क्षेत्र, हिमपात का दौर शुरू

बर्फ की सफेद चादर में लिपटे ह‍िमाचल प्रदेश के कई क्षेत्र, हिमपात का दौर शुरू

शिमला में सुबह आसमान साफ था, लेकिन दोपहर तक आसमान में घने बादल छा गए और शहर में रुक-रुक कर भारी बारिश और ओलावृष्टि हुई, जिससे लोगों को घर के अंदर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा. रोहतांग और कुंजुम दर्रे पर भारी बर्फबारी के कारण मनाली-लेह राजमार्ग अवरुद्ध हो गया है. 

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क‍िसान तक
  • Himachal Pradesh,
  • Dec 02, 2023,
  • Updated Dec 02, 2023, 11:19 AM IST

हिमाचल प्रदेश में हिमपात का दौर शुरू हो गया है. प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सर्दी की स्थिति पैदा हो गई है, क्योंकि ऊंचाई वाले जनजातीय क्षेत्रों, अन्य ऊंची पहाड़ियों और पर्वतीय दर्रों में मध्यम बर्फबारी हुई, जबकि शुक्रवार को राज्य की राजधानी शिमला सहित कई स्थानों पर व्यापक बारिश और ओलावृष्टि हुई. सिस्सू, गोंडला, कोकसर और केलोंग में 20 सेमी, 15 सेमी, 10 सेमी और 8 सेमी ताजा बर्फबारी हुई, जबकि रोहतांग, कुंजुम, पिन-पार्वती दर्रों और धौलाधार और चूड़धार पर्वत श्रृंखलाओं और मनाली, चंबा, शिमला, सिरमौर और मंडी की ऊंची पहाड़ियों पर 20 से 30 सेमी तक बर्फबारी हुई. इलाके भारी बर्फ की सफ़ेद चादर में लिपटे हुए थे. 

बर्फ और फिसलन भरी सड़क की स्थिति के कारण वाहनों का यातायात भी बाधित हो गया है. केवल 4x4 वाहनों को अतुल सुरंग रोहतांग तक जाने की अनुमति दी गई. शिमला में सुबह आसमान साफ था, लेकिन दोपहर तक आसमान में घने बादल छा गए और शहर में रुक-रुक कर भारी बारिश और ओलावृष्टि हुई, जिससे लोगों को घर के अंदर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा. 

इन जगहों पर हुई अधिक बारिश 

राज्य के कई इलाकों में व्यापक रूप से मध्यम से भारी बारिश हुई और बिलासपुर जिले के रायपुर मैदान में 32 मिमी बारिश के साथ राज्य में सबसे ज्यादा बारिश हुई, इसके बाद डलहौजी में 26 मिमी, घनौली में 25 मिमी, चौरी में 18 मिमी, भुंतर में 14 मिमी, चंबा में 13 मिमी, पालमपुर और कोठी में 9 मिमी, धर्मशाला और गग्गल में 8 मिमी और सलूणी और नगरोटा में 7-7 मिमी और शिमला में 5 मिमी बारिश हुई. 

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वाहनों की आवाजाही रुकी 

लाहौल स्पीति पुलिस के अनुसार, रोहतांग और कुंजुम दर्रे पर भारी बर्फबारी के कारण मनाली-लेह राजमार्ग अवरुद्ध हो गया है और सोलंग नाला से अटल सुरंग और जलोरी रोड पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है. न्यूनतम तापमान में कुछ डिग्री की गिरावट आई और सुमदो और कल्पा में न्यूनतम तापमान शून्य से 1.2 डिग्री और शून्य से 1 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जबकि नारकंडा में 2.2, रिकांगपिओ में 2.3, कुफरी में 3.1 और डलहौजी में न्यूनतम तापमान 4.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.

बारिश से किसान हुए खुश 

गेहूं, जौ, सरसों और हरी मटर आदि रबी फसलों की बुआई के लिए बारिश काफी फायदेमंद होने से किसान खुश हैं. स्थानीय मौसम विज्ञान केंद्र ने शुक्रवार को अधिक बारिश और बर्फबारी और उसके बाद 7 दिसंबर तक शुष्क मौसम की भविष्यवाणी की है. राज्य में मॉनसून के बाद 1 अक्टूबर से 1 दिसंबर तक 44 मिमी औसत बारिश हुई, जबकि सामान्य बारिश 45.4 मिमी थी, जो तीन प्रतिशत कम है.  बिलासपुर और ऊना में 124 प्रतिशत और 102 प्रतिशत अधिक बारिश हुई. जबकि लाहौल स्पीति में 60 प्रतिशत, किन्नौर में 54 प्रतिशत और सिरमौर जिले में बारिश सामान्य से 18 प्रतिशत कम रही.

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