
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा बुलेटिन में कहा है कि मौसम के लिहाज से आने वाले कुछ दिन खासकर पहाड़ी इलाकों के लिए अहम रहने वाले हैं. पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 9 से 11 फरवरी के बीच पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में बारिश और बर्फबारी का दौर देखने को मिलेगा. जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कहीं-कहीं गरज-चमक, बिजली गिरने और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है.
उत्तराखंड में आज सुबह और रात के समय घने कोहरे का अलर्ट है, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित हो सकता है. वहीं, मछुआरों 12 फरवरी तक बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों और श्रीलंका तट के पास समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है.
मौसम विभाग के अनुसार, बीते दिन उत्तर भारत के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान 5 से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया, जबकि हिमाचल और उत्तराखंड में यह 0 से 5 डिग्री सेल्सियस तक रहा. बिहार और झारखंड के कुछ इलाकों में तापमान सामान्य से काफी नीचे रहा.
IMD के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम भारत में अगले दो दिनों तक न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, इसके बाद 2 से 3 डिग्री की धीरे-धीरे बढ़ोतरी संभव है. वहीं, मध्य और पूर्वी भारत में भी अगले कुछ दिनों में हल्की गर्माहट लौटने के संकेत हैं.
मौसम बुलेटिन के मुताबिक, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में 10 फरवरी तक मौसम ज्यादातर साफ रहेगा, लेकिन आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं. वहीं, दिन में तेज सतही हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार 15 से 25 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. सुबह के समय हल्की धुंध या उथला कोहरा देखने को मिल सकता है.
तापमान की बात करें तो इस दौरान अधिकतम तापमान 23 से 26 डिग्री और न्यूनतम तापमान 8 से 12 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है. तापमान सामान्य से थोड़ा ऊपर बना रह सकता है, जिससे दिन में हल्की गर्माहट महसूस होगी.
मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में 10 फरवरी को बारिश और व्यापक बर्फबारी हो सकती है. वहीं, उत्तराखंड में कोहरे के साथ पाला पड़ने की स्थिति बनने की आशंका है.
इसके अलावा, दक्षिण भारत और मध्य भारत के अधिकांश हिस्सों में अगले सात दिनों तक मौसम शुष्क और स्थिर रहने की संभावना है, यानी कोई बड़ा मौसमीय व्यवधान नहीं रहेगा.
आईएमडी के डिविजन एग्रोमेट ने किसानों और पशुपालकों के लिए एडवाइजरी जारी की है. एग्रोमेट ने कहा है कि बारिश और बर्फबारी वाले क्षेत्रों में किसान फसलों की जल निकासी पर ध्यान दें.
वहीं, कोहरे और पाले से प्रभावित इलाकों में सब्जी और बागवानी फसलों को बचाने के लिए उन्हें ढकने का इंतजाम करें. इसके अलावा, पशुपालक अपने पशुओं को ठंड और नमी से बचाने के लिए शेड में रखें और पर्याप्त सूखा चारा उपलब्ध कराएं.