
कश्मीर घाटी इन दिनों भीषण गर्मी और लंबे सूखे दौर की चपेट में है. लगातार बढ़ते तापमान और बारिश की कमी ने आम लोगों के साथ-साथ किसानों और बागवानों की चिंता भी बढ़ा दी है. कई इलाकों में दिन का तापमान सामान्य से काफी ऊपर पहुंच गया है, जबकि नदियों, नालों और जलस्रोतों का जलस्तर भी घटने लगा है. समय पर बारिश नहीं होने से धान, सब्जियों और बागवानी फसलों पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है. किसानों का कहना है कि अगर अगले कुछ दिनों तक अच्छी बारिश नहीं हुई तो फसलों की बढ़वार प्रभावित हो सकती है और उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है. लगातार सूखे मौसम ने सिंचाई और जल उपलब्धता को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है.
जम्मू-कश्मीर मौसम केंद्र के निदेशक मुख्तार अहमद ने बताया कि 27 जून के बाद से गर्मी बढ़ने का अनुमान था और पिछले दो-तीन दिनों में घाटी में तापमान तेजी से बढ़ा है. उन्होंने कहा कि कई मैदानी इलाकों में तापमान 34 से 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में यह 26 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है.
मुख्तार अहमद ने बताया कि देर रात और सुबह के समय जम्मू क्षेत्र में हल्की बारिश हो सकती है, जबकि घाटी के कुछ जिलों में भी हल्की बारिश के आसार हैं. उन्होंने कहा कि 2, 3 और 4 जुलाई के दौरान दोपहर और शाम के समय रुक-रुककर बारिश होने की संभावना है. जम्मू क्षेत्र के कुछ हिस्सों में भारी बारिश और कम समय में तेज बौछारें पड़ सकती हैं.
मुख्तार अहमद ने कहा कि कुछ जिलों में कम समय में होने वाली तेज बारिश के कारण फ्लैश फ्लड की स्थिति बन सकती है. उन्होंने लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने और सावधानी बरतने की अपील की. मौसम विभाग ने बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को खास तौर पर सतर्क रहने की सलाह दी है. लोगों से पर्याप्त पानी पीने, दोपहर की तेज धूप से बचने और पानी का सोच-समझकर इस्तेमाल करने की अपील भी की गई है.
स्थानीय निवासी फुरकान अली मीर ने कहा कि घाटी में हर दिन गर्मी बढ़ती जा रही है और दोपहर के समय घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है. उन्होंने कहा कि सबसे अधिक परेशानी बच्चों को हो रही है और अगर यही स्थिति बनी रही तो पानी की कमी जैसी गंभीर समस्याएं भी सामने आ सकती हैं.
वहीं, एक पर्यटक हरप्रीत सिंह ने कहा कि वह ठंडे मौसम की उम्मीद लेकर कश्मीर आए थे, लेकिन यहां भी तेज गर्मी का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि दोपहर के समय बाहर घूमना मुश्किल हो गया है और मौसम उम्मीद के बिल्कुल विपरीत है. (एएनआई)