
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने उत्तर भारत और पूर्वी भारत के कई हिस्सों के लिए कड़ाके की ठंड, शीतलहर और घने कोहरे को लेकर चेतावनी जारी की है. हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, झारखंड और ओडिशा में अगले 2-3 दिनों तक शीतलहर से लेकर गंभीर शीतलहर की स्थिति बने रहने की संभावना है. वहीं, अगले 5-6 दिनों तक उत्तर-पश्चिम भारत और बिहार में सुबह के समय घने से बहुत घना कोहरा लोगों को परेशान कर सकता है.
मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में कोल्ड डे की स्थिति भी अगले दो दिन तक रहने के आसार हैं. इसके साथ ही मौसम विभाग ने बताया है कि तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल और माहे सहित दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में पूर्वोत्तर मानसून की बारिश धीरे-धीरे कमजोर पड़ने और समाप्त होने की स्थिति बन रही है.
बीते दिन उत्तर भारत के कई राज्यों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 3 से 6 डिग्री सेल्सियस तक नीचे दर्ज किया गया है. जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के कई इलाकों में तापमान शून्य डिग्री या उसके आसपास पहुंच गया. वहीं, पंजाब के बलोवाल सौंकड़ी में मैदानी इलाकों में सबसे कम 0 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया.
आईएमडी के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम भारत में अगले 48 घंटों तक न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की धीरे-धीरे बढ़ोतरी के संकेत हैं. महाराष्ट्र में अगले कुछ दिनों तक हल्की गिरावट के बाद तापमान फिर बढ़ सकता है. गुजरात और देश के बाकी हिस्सों में भी फिलहाल बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है.
दिल्ली और एनसीआर में अगले कुछ दिनों तक ठंड का असर बना रहेगा. सुबह के समय हल्का से मध्यम कोहरा छाए रहने की संभावना है. दिल्ली में आज और कल तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन सुबह का कोहरा अभी राहत नहीं देगा.
पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में अगले दो दिन शीतलहर से गंभीर शीतलहर का असर देखने को मिलेगा. पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी ठंड का प्रकोप जारी रहेगा. झारखंड और ओडिशा में भी शीतलहर की चेतावनी दी गई है.
हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में 16 से 19 जनवरी के बीच हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना है, क्योंकि एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है. दक्षिण भारत में तमिलनाडु और केरल के कुछ इलाकों में हल्की बारिश और गरज-चमक देखने को मिल सकती है, लेकिन कुल मिलाकर बारिश की गतिविधियां कम होती जाएंगी.
मौसम विभाग ने किसानों के लिए विशेष सलाह जारी की है. शीतलहर और पाले से फसलों को नुकसान से बचाने के लिए शाम के समय हल्की और बार-बार सिंचाई करने की सलाह दी गई है. सब्जी की नर्सरी और युवा फलदार पौधों को पुआल या पॉलीथीन शीट से ढकने से तापमान का असर कम किया जा सकता है.
पशुपालकों को सलाह है कि रात के समय पशुओं को खुले में न छोड़ें और उन्हें सूखे बिछावन वाले शेड में रखें. पोल्ट्री फार्म में चूजों को ठंड से बचाने के लिए अतिरिक्त गर्मी की व्यवस्था जरूरी है. ठंड के इस दौर में सतर्कता बरतकर किसान और पशुपालक नुकसान को काफी हद तक कम कर सकते हैं.