
देश के कई हिस्सों में मॉनसून लगातार सक्रिय बना हुआ है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 30 जुलाई के लिए पश्चिम मध्य प्रदेश में बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है. वहीं, राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिम उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और कई अन्य राज्यों में भी भारी बारिश, आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है. यह स्थिति छत्तीसगढ़ और आसपास बने डीप डिप्रेशन के पश्चिम की ओर बढ़ने के कारण बनी है, जिससे अगले 3-4 दिनों तक उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में सामान्य से ज्यादा बारिश होने की संभावना है.
मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में गुरुवार को पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहने का अनुमान है. सुबह से दोपहर तक कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि शाम और रात में भी बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है. इस दौरान अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है.
वहीं, मध्य भारत में मौसम सबसे ज्यादा सक्रिय रहेगा. पश्चिम मध्य प्रदेश में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी और कुछ जगहों पर अत्यंत भारी बारिश हो सकती है. पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में भी तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है.
इधर, उत्तर भारत में पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान में गरज-चमक के साथ भारी बारिश की चेतावनी है. हिमाचल, उत्तराखंड और राजस्थान के कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश भी हो सकती है, जिससे जलभराव और भूस्खलन का खतरा बना रहेगा.
मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी भारत में आज बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. वहीं, पूर्वोत्तर के अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है.
इसके अलावा, पश्चिम भारत में गुजरात, कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र-कच्छ में भी तेज बारिश का दौर बना रहेगा. गुजरात में 31 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश की संभावना जताई गई है. वहीं, दक्षिण भारत में केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और लक्षद्वीप में भी कई जगहों पर बारिश, तेज हवाएं और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है.
IMD ने किसानों को सलाह दी है कि जिन क्षेत्रों में भारी बारिश का अनुमान है वहां खेतों से अतिरिक्त पानी की तुरंत निकासी करें ताकि धान, सोयाबीन, मक्का, कपास, दालों और सब्जियों की फसलों में जलभराव न हो. फिलहाल बुवाई, सिंचाई, उर्वरक और कीटनाशक का छिड़काव टालें.
किसान भाई/बहन तेज हवाओं की आशंका वाले इलाकों में केले, गन्ने, सब्जियों और बागवानी फसलों को सहारा दें. कटी हुई उपज को तिरपाल से ढककर सुरक्षित स्थान पर रखें तथा पशुओं को बारिश और बिजली से बचाने के लिए शेड में रखें.