
भारत मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department) ने कहा है कि देश के कई हिस्सों में मौसम का अलग-अलग असर देखने को मिलेगा. IMD के मुताबिक, पूर्वोत्तर भारत में 15 से 19 अप्रैल के बीच गरज-चमक, तेज हवाओं और बिजली गिरने की आशंका है. अरुणाचल प्रदेश में 18 और 19 अप्रैल को भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि असम-मेघालय में 17-18 अप्रैल और नगालैंड में 18 अप्रैल को भारी बारिश की संभावना है. इसके अलावा मध्य, पूर्व, पश्चिम और दक्षिण भारत के कई इलाकों में हीटवेव और गर्मी-उमस भरा मौसम रहने की चेतावनी जारी की गई है.
मौसम विभाग के मुताबिक, 16 अप्रैल को देश के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से ऊपर रहने की संभावना है. उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में तापमान में 3 से 4 डिग्री तक बढ़ोतरी जारी रह सकती है. पूर्वी भारत में हल्की बारिश के साथ गरज-चमक और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश और तेज हवाओं का सिलसिला जारी रहेगा. वहीं, महाराष्ट्र और गुजरात में तापमान में अभी ज्यादा बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद हल्की गिरावट दर्ज की जा सकती है.
दिल्ली-एनसीआर में 16 अप्रैल को आसमान साफ रहने के साथ आंशिक बादल छाने की संभावना है. अधिकतम तापमान 39 से 41 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 से 22 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है. तापमान सामान्य से ऊपर रहेगा, जिससे दिन में गर्मी का असर बढ़ेगा.
हवा की गति सुबह के समय करीब 10 किमी प्रति घंटे रहेगी, जो दोपहर में बढ़कर 15 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. 17 और 18 अप्रैल को तापमान और बढ़कर 40 से 42 डिग्री तक पहुंच सकता है, जिससे गर्मी और तेज महसूस होगी.
उत्तर-पश्चिम भारत में 16 से 19 अप्रैल के बीच पश्चिमी विक्षोभ के असर से जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश और बर्फबारी की संभावना है. कुछ जगहों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है.
पूर्वी भारत में पश्चिम बंगाल, ओडिशा और सिक्किम में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी. 16 अप्रैल को गंगीय पश्चिम बंगाल में तेज आंधी का खतरा है. दक्षिण भारत में कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं.
पश्चिम भारत में मध्य महाराष्ट्र में 18 से 21 अप्रैल के बीच गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है. पूर्वोत्तर भारत में लगातार बारिश, तेज हवाएं और बिजली गिरने की घटनाएं जारी रहेंगी, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है.
मौसम विभाग ने किसानों के लिए विशेष सलाह जारी की है. जिन इलाकों में भारी बारिश की संभावना है वहां फसल कटाई जल्द पूरी कर सुरक्षित स्थान पर भंडारण करने की सलाह दी गई है. खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था बनाए रखने को कहा गया है.
लू प्रभावित क्षेत्रों में फसलों को हल्की और बार-बार सिंचाई देने की सलाह है, खासकर सुबह और शाम के समय. सब्जियों, दालों और बागवानी फसलों में नमी बनाए रखने के लिए मल्चिंग और शेड नेट का उपयोग करने की सलाह दी गई है.
इसके अलावा तेज हवाओं और आंधी से बचाव के लिए फलदार पेड़ों और सब्जी फसलों को सहारा देने और तैयार फसल को तिरपाल से ढकने की सलाह दी गई है. पशुपालकों को सलाह है कि गर्मी के दौरान पशुओं को पर्याप्त साफ पानी और छाया उपलब्ध कराएं और भारी बारिश के दौरान उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखें.