IMD Alert: इन राज्‍यों में भीषण लू, पूर्वोत्तर और दक्ष‍िण में भारी बारिश का अलर्ट, पढ़ें मौसम का ताजा अपडेट

IMD Alert: इन राज्‍यों में भीषण लू, पूर्वोत्तर और दक्ष‍िण में भारी बारिश का अलर्ट, पढ़ें मौसम का ताजा अपडेट

मॉनसून को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. IMD के अनुसार अगले कुछ दिनों में देश के कई हिस्सों में मौसम तेजी से बदलेगा. कहीं हीटवेव परेशान करेगी तो कहीं भारी बारिश और तेज हवाएं मुश्किल बढ़ा सकती हैं. किसानों और पशुपालकों के लिए भी खास सलाह जारी की गई है.

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क‍िसान तक
  • Noida,
  • May 16, 2026,
  • Updated May 16, 2026, 7:00 AM IST

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देशभर के मौसम को लेकर बड़ा अपडेट जारी किया है. विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के 26 मई के आसपास केरल पहुंचने की संभावना है, जिसमें 4 दिन आगे-पीछे का अंतर रह सकता है. वहीं, अगले 24 घंटों में दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में मॉनसून आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं.  IMD ने चेतावनी दी है कि उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में अगले कई दिनों तक लू या भीषण लू की स्थिति बनी रह सकती है. पश्चिम राजस्थान में 18 से 21 मई के बीच गंभीर लू का असर देखने को मिल सकता है.

16 मई को देशभर में कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग के मुताबिक, 16 मई को देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के कई रंग देखने को मिलेंगे. उत्तर-पश्चिम भारत में राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में गर्म हवाएं चल सकती हैं. कुछ क्षेत्रों में धूलभरी आंधी और तेज झोंकों के साथ मौसम बदलने की संभावना भी बनी रहेगी. जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रह सकती हैं. 

वहीं, पूर्वोत्तर भारत में असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश का दौर बना रहेगा. दक्षिण भारत में केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में तेज बारिश और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है. 

इसके अलावा, अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में भी तेज हवाओं और भारी बारिश का असर देखने को मिल सकता है.  वहीं, मध्य भारत के कई हिस्सों में दिन का तापमान 40 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रह सकता है. 

दिल्ली-NCR में 16 मई को ऐसा रहेगा मौसम

IMD के मुताबिक, दिल्ली-NCR में 16 मई को आसमान मुख्य रूप से साफ रहने का अनुमान है. अधिकतम तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है. दिन में उत्तर-पश्चिम दिशा से 15 किमी प्रति घंटा तक की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. 

वहीं, 17 मई को दिल्ली में दोपहर और शाम के समय गरज वाले बादल बनने की संभावना है. 20 से 30 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. 18 मई को तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है और लू जैसी स्थिति बनने की आशंका है. IMD ने 17 से 21 मई के बीच दिल्ली और आसपास के इलाकों में हीटवेव की चेतावनी जारी की है. 

उत्तर-पश्चिम भारत में लू बरपाएगी कहर

पश्चिम राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में 17 से 21 मई के बीच लू का असर बढ़ेगा. पश्चिम राजस्थान में गंभीर हीटवेव की संभावना है. कुछ स्थानों पर धूलभरी आंधी और तेज हवाएं भी चल सकती हैं. पहाड़ी राज्यों में हल्की बारिश जारी रह सकती है. 

पूर्वोत्तर-पूर्वी भारत में जारी रहेगा बारिश का दौरा

17 से 21 मई तक असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में भारी बारिश का दौर बना रहेगा. इस दौरान बिहार, झारखंड और ओडिशा में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. कुछ इलाकों में जलभराव और भूस्खलन का खतरा भी बना रहेगा. 

17 से 20 मई के दौरान दक्षिण भारत में केरल, तमिलनाडु, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और लक्षद्वीप में भारी बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं. तटीय इलाकों में तेज हवाओं और ऊंची समुद्री लहरों की चेतावनी दी गई है. मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह जारी की गई है. 

वहीं, 18 से 21 मई के दौरान मध्य और पश्चिम भारत में मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में तेज गर्मी बनी रह सकती है. हालांकि, 19 मई के बाद महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में तापमान में हल्की गिरावट संभव है. 

खेती-किसानी के लिए जरूरी सलाह

IMD ने किसानों और पशुपालकों के लिए विस्तृत एडवाइजरी जारी की है. राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में किसानों को हल्की और बार-बार सिंचाई करने की सलाह दी गई है ताकि फसलों को लू से बचाया जा सके. सब्जियों और बागवानी फसलों में मल्चिंग और शेड नेट का इस्तेमाल करने की भी सलाह दी गई है. 

असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, केरल और कर्नाटक में भारी बारिश को देखते हुए खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करने को कहा गया है. पकी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखने और केले, गन्ना जैसी लंबी फसलों को सहारा देने की सलाह दी गई है. 

आंधी और तेज हवाओं वाले इलाकों में किसानों को कटी हुई फसल को तिरपाल से ढकने और सब्जियों व फलदार पौधों को सहारा देने की सलाह दी गई है. पशुपालकों को पशुओं के लिए पर्याप्त साफ पानी, छाया और संतुलित चारे की व्यवस्था रखने को कहा गया है. पोल्ट्री शेड की छत को घास या ढकाव सामग्री से ढककर तापमान कम रखने की सलाह भी दी गई है. 

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