
देश में फिलहाल मौसम का दोहरा असर देखने को मिल रहा है. एक ओर उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत भीषण गर्मी और हीटवेव की चपेट में है. वहीं, पूर्वोत्तर, दक्षिण भारत और अंडमान-निकोबार में भारी बारिश का दौर तेज होने वाला है. भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, पश्चिम उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और विदर्भ में 25 मई तक लू और भीषण लू की स्थिति बनी रह सकती है. वहीं असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.
मौसम विभाग ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की उत्तरी सीमा फिलहाल दक्षिण अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के हिस्सों तक पहुंच चुकी है. अगले 3 से 4 दिनों में मॉनसून के और आगे बढ़ने की परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं. केरल में मॉनसून के 26 मई के आसपास पहुंचने का अनुमान है, जिसमें 4 दिन आगे-पीछे की संभावना जताई गई है.
मौसम विभाग के मुताबिक, 20 मई को उत्तर भारत के बड़े हिस्से में भीषण गर्मी का असर बना रहेगा. पश्चिम उत्तर प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और विदर्भ में लू चलने की संभावना है. कुछ इलाकों में गंभीर लू का असर भी देखने को मिल सकता है. ओडिशा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और तटीय आंध्र प्रदेश में भी गर्म और उमस भरा मौसम बना रहेगा.
दूसरी तरफ दक्षिण भारत में बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी. केरल, तमिलनाडु, लक्षद्वीप और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है. तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अलर्ट है.
इसके अलावा, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भी मौसम सक्रिय रहेगा. बिहार, झारखंड, ओडिशा, गंगीय पश्चिम बंगाल और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम में बारिश, आंधी और बिजली गिरने की आशंका है. असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है.
मौसम विभाग ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर में 20 मई को आसमान साफ रहने का अनुमान है. मौसम विभाग के अनुसार, अधिकतम तापमान 44 से 46 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है. कई इलाकों में लू की स्थिति बनी रहेगी. दिन के समय 15 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से पश्चिमी हवाएं चल सकती हैं.
वहीं, 21 और 22 मई को भी दिल्ली में राहत के आसार कम हैं. यहां अधिकतम तापमान 43 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रह सकता है. इन दिनों 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है. मौसम विभाग ने बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है.
IMD ने अपने पूर्वानुमान में कहा कि असम-मेघालय में 21 से 25 मई के बीच भारी बारिश की संभावना है. 23 से 25 मई के दौरान कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश हो सकती है. अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 22 से 25 मई के बीच तेज बारिश और आंधी की गतिविधियां बढ़ेंगी. अरुणाचल प्रदेश में 23 और 24 मई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.
मौसम विभाग ने कहा है कि केरल, माहे और लक्षद्वीप में 25 मई तक गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश जारी रहने की संभावना है. तमिलनाडु और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी भारी बारिश हो सकती है. तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 23 मई तक तेज आंधी और थंडरस्क्वॉल की चेतावनी दी गई है.
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 21 से 25 मई तक भारी बारिश का दौर रह सकता है. 22 और 23 मई को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. बिहार और झारखंड में 23 मई को तेज आंधी और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है. ओडिशा में 23 मई तक गर्म और उमस भरे मौसम के साथ कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है.
IMD के अनुसार, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में 25 मई तक हीटवेव की स्थिति बनी रह सकती है. पश्चिम उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में गंभीर लू चलने का अनुमान है. विदर्भ में 21 मई तक गंभीर लू का असर रह सकता है. मौसम विभाग ने लोगों को धूप में लंबे समय तक काम करने से बचने की सलाह दी है.
मौसम विभाग ने किसानों को गर्मी और बारिश दोनों स्थितियों को देखते हुए विशेष सावधानी बरतने को कहा है. उत्तर भारत और मध्य भारत के राज्यों में किसानों को हल्की और बार-बार सिंचाई करने की सलाह दी गई है ताकि फसलों में नमी बनी रहे. मक्का, मूंग, उड़द, गन्ना, सूरजमुखी, सब्जियों और बागवानी फसलों में मल्चिंग करने को कहा गया है ताकि मिट्टी की नमी कम न हो.
मध्य प्रदेश में मक्का, मूंग, उड़द, मूंगफली और सब्जी फसलों में जरूरत के अनुसार हल्की सिंचाई करने की सलाह दी गई है. उत्तर प्रदेश में आम, केला और पपीता जैसी फलों की फसलों को तेज गर्मी से बचाने के लिए नियमित सिंचाई और मल्चिंग की सलाह दी गई है. राजस्थान में लौकी, कद्दू, खीरा, करेला और भिंडी जैसी फसलों में नमी बनाए रखने के लिए पुआल या पॉलीथिन मल्च उपयोग करने को कहा गया है.
केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में भारी बारिश को देखते हुए खेतों में जल निकासी की व्यवस्था मजबूत रखने की सलाह दी गई है. केले की फसल को सहारा देने और धान के खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने को कहा गया है. लक्षद्वीप और अंडमान-निकोबार में किसानों को फिलहाल उर्वरक और कीटनाशक का छिड़काव टालने की सलाह दी गई है.
तेज आंधी और गरज-चमक वाले इलाकों में किसानों को कटाई के बाद उपज को तिरपाल से ढंककर सुरक्षित स्थान पर रखने को कहा गया है. बागवानी फसलों और सब्जियों में पौधों को सहारा देने की सलाह दी गई है ताकि तेज हवाओं से नुकसान कम हो सके. पशुपालकों को गर्मी के दौरान पशुओं को पर्याप्त स्वच्छ पानी और छायादार स्थान उपलब्ध कराने को कहा गया है.