चक्रवात 'मुरासु' की चेतावनी: भारी बारिश और 120 KM/H की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, आंध्र में अलर्ट

चक्रवात 'मुरासु' की चेतावनी: भारी बारिश और 120 KM/H की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, आंध्र में अलर्ट

आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिले में चक्रवात 'मुरासु' की चेतावनी को देखते हुए कलेक्टर हिमांशु शुक्ला ने हाई अलर्ट जारी किया है. तट से टकराने के दौरान 120 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं और भारी बारिश होने की संभावना है. प्रशासन ने तटीय और निचले इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने और जरूरी सावधानी बरतने की अपील की है.

Cyclone MurasuCyclone Murasu
क‍िसान तक
  • नेल्लोर,
  • Nov 02, 2026,
  • Updated Nov 02, 2026, 7:07 PM IST

आंध्र प्रदेश के नेल्लोर में चक्रवात 'मुरासु' की चेतावनी और जिले में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए, जिला कलेक्टर हिमांशु शुक्ला ने सभी लोगों से बेहद सतर्क रहने की अपील की है. उन्होंने बताया कि चक्रवात के 2 नवंबर की शाम से आधी रात के बीच कावली और कंदुकुर के बीच तट से टकराने की उम्मीद है, जिससे 3 नवंबर की दोपहर तक भारी बारिश हो सकती है. हवा की गति 120 किमी/घंटा तक पहुंचने की आशंका है, इसलिए कलेक्टर ने लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है.

उन्होंने कावली शहर और आसपास के इलाकों के लोगों से हाई अलर्ट पर रहने को कहा है. चक्रवात का असर नेल्लोर शहर से लेकर गुडूर तक भी हो सकता है, इसलिए इन क्षेत्रों के निवासियों को जरूरी सावधानी बरतनी चाहिए. उन्होंने जोर देकर कहा कि निचले और तटीय इलाकों में रहने वाले लोग सावधान रहें और जरूरत पड़ने पर जिला प्रशासन द्वारा पहले से तय सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं.

भारी बारिश और तेज हवा का अलर्ट

भारी बारिश और तेज हवाओं के दौरान, लोगों को सलाह दी गई है कि जब तक बहुत जरूरी न हो, घर से बाहर न निकलें. साथ ही, बिजली के खंभों और टूटी हुई बिजली की लाइनों से दूर रहें. फूस की झोपड़ियों, पुराने मकानों और मिट्टी की दीवारों वाले घरों में रहने वालों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर जाने का निर्देश दिया गया है. मछुआरों को समुद्र में मछली पकड़ने जाने से सख्त मनाही है. पशुपालन विभाग के अधिकारियों और पशुपालकों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने मवेशियों, बकरियों और भेड़ों को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी कदम उठाएं.

कलेक्टर ने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे आपसी तालमेल के साथ काम करें और चक्रवात के असर से निपटने के लिए 24 घंटे हाई अलर्ट पर रहें. उन्होंने जान-माल के नुकसान को रोकने के लिए पहले से ही जरूरी कदम उठाने और आवश्यक सेवाएं बिना किसी रुकावट के जारी रखने के लिए संबंधित विभागों को तैयार रहने का आदेश दिया है. 

24 घंटे काम करने वाला कंट्रोल रूम बनाया

कलेक्टर ने बताया कि चक्रवात और भारी बारिश के दौरान आम जनता को इमरजेंसी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए कलेक्ट्रेट में 24 घंटे काम करने वाला एक कंट्रोल रूम बनाया गया है.

उन्होंने जनता से अपील की कि बारिश के कारण आने वाली किसी भी आपातकालीन स्थिति या परेशानी की सूचना तुरंत कंट्रोल रूम के नंबरों पर दें.

कंट्रोल रूम के नंबर: 0861-2331261, 7995576699

जिला कलेक्टर हिमांशु शुक्ला ने जनता से सरकारी निर्देशों का पालन करने और सतर्क रहने की अपील की. ​​उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन किसी भी स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है.

चक्रवात से जुड़ी मुख्य बातें

  • चक्रवात की वर्तमान स्थिति: 2 नवंबर को दोपहर 3:30 बजे, भीषण चक्रवाती तूफान 'मुरासु' बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य हिस्से में, नेल्लोर से लगभग 90 किमी पूर्व में स्थित था.
  • हवा की गति: तूफान में 100–110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं, जो केंद्र के पास 120 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं.
  • टकराने का समय: तूफान के 2 नवंबर की रात 11:30 बजे से 3 नवंबर, 2026 की सुबह 4 बजे के बीच तट से टकराने की संभावना है.
  • टकराने की जगह: अनुमान है कि यह चक्रवात ओंगोल के दक्षिण में, नेल्लोर और नरसपुर के बीच आंध्र प्रदेश के तट को पार करेगा.
  • 'स्टॉर्म सर्ज' (समुद्री लहरों के उभार) की चेतावनी: सामान्य ज्वार-भाटा के स्तर से 1.5–2 मीटर ऊंची समुद्री लहरें उठ सकती हैं, जिससे दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश के निचले इलाकों में पानी भर सकता है.
  • अधिक जोखिम वाले जिले: बापटला में सबसे ऊंची समुद्री लहरें उठने की आशंका है. इसके अलावा कृष्णा और प्रकाशम जिलों में भी काफी जोखिम है.
  • लहरों का समय: 2 नवंबर की शाम से 3 नवंबर की सुबह तक समुद्री लहरों का स्तर 0.5 मीटर से ऊपर रहने की संभावना है. रात और तड़के के समय ये लहरें 1–1.5 मीटर तक ऊंची हो सकती हैं.
  • तूफान की चाल: दोपहर 3:30 बजे की स्थिति से पहले के छह घंटों के दौरान, 'मुरासु' लगभग 10 किमी प्रति घंटे की गति से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ा.
  • बारिश के आंकड़े: सुबह 8:30 बजे से दोपहर 3:30 बजे के बीच, काकीनाडा में 30.4 मिमी, तिरुपति में 12.1 मिमी, कावली में 8.7 मिमी, बापटला में 6.4 मिमी और नेल्लोर में 4 मिमी बारिश दर्ज की गई.
  • तटीय क्षेत्रों में तैयारी: पूर्वानुमान के अनुसार, जैसे-जैसे चक्रवात तट के करीब पहुंचेगा, तेज हवाओं, भारी बारिश और समुद्री लहरों के कारण तटीय और निचले इलाकों के लिए गंभीर खतरा पैदा हो सकता है. 

चक्रवात 'मुरासु' को लेकर जिला प्रशासन हाई अलर्ट पर

  • सभी लोग अत्यधिक सतर्क रहें - जिला कलेक्टर हिमांशु शुक्ला
  • 120 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका
  • 2 नवंबर की शाम से 3 नवंबर की दोपहर तक चक्रवात का असर रहने की संभावना
  • मछुआरे समुद्र में न जाएं; निचले इलाकों में रहने वाले लोग सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं
  • कलेक्ट्रेट में 24 घंटे काम करने वाला कंट्रोल रूम बनाया गया (अपूर्वा जयचंद्रन का इनपुट)

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