
देश के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, उत्तर बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तट पर अगले 24 घंटे में कम दबाव का क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) बनने की संभावना है. इसके असर से पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी हिमालयी राज्यों में बारिश की गतिविधियां तेज होंगी. मौसम विभाग ने कहा है कि सबसे ज्यादा खतरा ओडिशा में है, जहां 14 और 15 जुलाई को कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश हो सकती है. विभाग ने इसके लिए रेड अलर्ट जारी किया है. वहीं, उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों, पश्चिम-मध्य भारत और दक्षिणी प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक बारिश थोड़ी कमजोर रहने का अनुमान है.
IMD के अनुसार, 15 जुलाई को पूर्वी भारत में सबसे अधिक बारिश ओडिशा, झारखंड, बिहार, गंगीय पश्चिम बंगाल और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में होने की संभावना है. ओडिशा में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी और कुछ जगहों पर अत्यंत भारी बारिश हो सकती है. वहीं, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में भी भारी बारिश का अलर्ट है. पूर्वोत्तर राज्यों असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी लगातार बारिश का दौर जारी रहेगा.
मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर भारत में उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है. हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में छिटपुट बारिश की संभावना है, लेकिन व्यापक बारिश के आसार फिलहाल कम हैं. इन इलाकों में गर्मी और उमस लोगों को परेशान कर सकती है.
वहीं, मध्य भारत में आज पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है. छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है. पश्चिम भारत में गुजरात, सौराष्ट्र-कच्छ, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी, जबकि मराठवाड़ा के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है.
आईएमडी के बुलेटिन के अनुसार, दक्षिण भारत में तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल और रायलसीमा में कहीं-कहीं बारिश होगी. हालांकि, इन राज्यों में व्यापक और लगातार बारिश के बजाय बिखरी हुई बारिश का दौर रहने की संभावना है. तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और रायलसीमा के कुछ इलाकों में गर्मी और उमस भी बनी रह सकती है.
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 15 जुलाई को आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहेगा. हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना बनी हुई है, लेकिन तेज बारिश के आसार फिलहाल नहीं हैं. अधिकतम तापमान 36 से 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है. दिनभर उमस बनी रहेगी और पश्चिमी दिशा से 20 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं.
आईएमडी के अनुसार, 16 और 17 जुलाई को भी दिल्ली में आंशिक बादल छाए रहेंगे. हल्की बारिश की संभावना बनी रहेगी, लेकिन तापमान सामान्य से ऊपर रहने के कारण लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलने की संभावना कम है. 19-20 जुलाई के दौरान बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी हो सकती है.
मौसम विभाग ने भारी बारिश वाले राज्यों के किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी सुनिश्चित करने की सलाह दी है, ताकि धान, मक्का, दलहन, तिलहन और सब्जियों की फसलों में जलभराव से नुकसान न हो. जिन क्षेत्रों में भारी वर्षा का अलर्ट है वहां बुवाई, रोपाई, सिंचाई, उर्वरक और कीटनाशक के छिड़काव जैसे कृषि कार्य फिलहाल टालने की सलाह दी गई है.
वहीं, जिन इलाकों में तेज हवा और गरज-चमक की संभावना है वहां कटी हुई फसल और कृषि उपज को सुरक्षित स्थान पर रखने, तिरपाल से ढंकने और सब्जियों व फलदार पौधों को सहारा देने की सलाह दी गई है. पशुपालकों को बारिश के दौरान पशुओं को सुरक्षित शेड में रखने और चारे को सूखी जगह पर सुरक्षित रखने की भी सलाह दी गई है.