Farmer ID: यूपी में इस तारीख से अनिवार्य होगी “फार्मर आईडी”, 31 मई तक बनवाना जरूरी

Farmer ID: यूपी में इस तारीख से अनिवार्य होगी “फार्मर आईडी”, 31 मई तक बनवाना जरूरी

उत्तर प्रदेश सरकार 1 जून से “फार्मर आईडी” को अनिवार्य करने जा रही है, जिसके लिए किसानों को 31 मई तक पंजीकरण कराना होगा. इस आईडी के जरिए किसानों की जमीन और योजनाओं से जुड़ी सभी जानकारी डिजिटल रूप में उपलब्ध होगी. खाद खरीद, MSP पर फसल बिक्री और सरकारी योजनाओं का लाभ अब इसी आईडी से मिलेगा, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी.

आशीष श्रीवास्तव
  • Lucknow,
  • Apr 20, 2026,
  • Updated Apr 20, 2026, 11:20 AM IST

उत्तर प्रदेश में किसानों के लिए बड़ा प्रशासनिक बदलाव होने जा रहा है. राज्य सरकार ने एक जून से “फार्मर आईडी” यानी किसान पहचान पत्र को अनिवार्य करने की तैयारी शुरू कर दी है. इसके लिए सभी किसानों को 31 मई तक अपनी आईडी बनवाने का समय दिया गया है. इस संबंध में मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने कृषि उत्पादन आयुक्त समेत सभी संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं.

दरअसल, प्रदेश में पिछले करीब दो साल से फार्मर रजिस्ट्री का काम चल रहा है, जिसके तहत किसानों की जमीन का पूरा ब्योरा एक पोर्टल पर डिजिटल रूप से दर्ज किया जा रहा है. इस आईडी के माध्यम से किसी भी किसान की भूमि और उससे जुड़ी जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध होगी. हालांकि अधिकारियों की ढिलाई के चलते अब तक लगभग दो करोड़ किसानों की ही आईडी बन पाई है, जिसे देखते हुए अब गांव-गांव में शिविर लगाकर प्रक्रिया तेज की जा रही है.

31 मई तक आईडी का काम पूरा

सरकार का लक्ष्य है कि 31 मई तक यह काम हर हाल में पूरा कर लिया जाए, ताकि एक जून से सभी किसान योजनाओं का लाभ सिर्फ फार्मर आईडी के जरिए ही प्राप्त कर सकें. खाद की खरीद, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर फसल बिक्री और अन्य कृषि योजनाओं का लाभ इसी आईडी से जोड़ा जाएगा. इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और फर्जीवाड़े पर भी रोक लगने की उम्मीद है.

वहीं जिन गांवों में चकबंदी और सर्वे की प्रक्रिया चल रही है, वहां के किसानों के लिए अलग व्यवस्था लागू रहेगी. ऐसे क्षेत्रों में पहले से चल रही व्यवस्था के तहत ही कृषि उत्पाद की खरीद जारी रहेगी. साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि संबंधित ग्राम पंचायत की कुल भूमि के आधार पर ही किसानों को योजनाओं का लाभ दिया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो.

फार्मर आईडी बनाने का अभियान जारी

फार्मर आईडी बनवाने का काम बहुत तेजी से चल रहा है. इसके लिए किसानों के घर-घर जाकर फार्मर आईडी बनाई जा रही है. इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए अन्नदाताओं को जागरूक करने के लिए किसान गोष्ठी, गांवों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, होर्डिंग, ग्राम पंचायत स्तर पर खुली चौपाल का आयोजन किया जा रहा है.

यूपी का रामपुर जिला 100 प्रतिशत फार्मर आईडी बनवाने वाला जिला बन गया है. यहां सभी किसानों की आईडी बनाई जा चुकी है. रामपुर जिला प्रशासन ने निर्धारित तिथि से पहले ही किसानों की 100 प्रतिशत फार्मर आईडी बनाने का लक्ष्य पूरा कर लिया. इसी के साथ रामपुर जिला प्रशासन ने शत-प्रतिशत फार्मर आईडी बनाने में पहला स्थान हासिल किया है जबकि दूसरे स्थान पर गाजियाबाद और तीसरे स्थान पर अंबेडकरनगर हैं. उत्तर प्रदेश में 2,88,70,495 किसानों की फार्मर आईडी बनाने का लक्ष्य है. इसके तहत अब तक 1,99,42,798 फार्मर रजिस्ट्री बनाई जा चुकी है.

फार्मर आईडी के लाभ क्या हैं?

फार्मर रजिस्ट्री लागू होने के बाद किसानों के लिए सरकारी योजनाओं का लाभ लेना पहले से कहीं अधिक आसान हो जाएगा. किसान सम्मान निधि बिना रुकावट मिल सकेगी, उर्वरक तय कीमत पर सहज रूप से उपलब्ध होंगे और किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने में दस्तावेज वेरिफिकेशन की झंझट खत्म होगी. 

इसके अलावा, नई योजनाओं में शामिल होने के लिए बार-बार कागजी प्रक्रिया नहीं करनी पड़ेगी. एग्रीस्टैक से जुड़ने पर डिजिटल क्रॉप सर्वे के जरिए MSP पर फसल बेचने की प्रक्रिया भी तेज और सरल हो जाएगी.

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