UP Agriculture: 4 MoU के जरिए किसानों की आय बढ़ाने की तैयारी, CM योगी ने बताई बड़ी योजना

UP Agriculture: 4 MoU के जरिए किसानों की आय बढ़ाने की तैयारी, CM योगी ने बताई बड़ी योजना

उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए 4 महत्वपूर्ण MoU किए हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसान को सिर्फ उत्पादक नहीं बल्कि समृद्धि का भागीदार बनाना सरकार का लक्ष्य है. नई पहल के तहत वैज्ञानिक खेती, जलवायु अनुकूल तकनीक और आधुनिक कृषि ज्ञान को किसानों तक पहुंचाया जाएगा.

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  • LUCKNOW,
  • Aug 26, 2026,
  • Updated Aug 26, 2026, 5:16 PM IST

उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कृषि क्षेत्र से जुड़े चार महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoU) को किसानों के भविष्य और उनकी आर्थिक समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि ये समझौते केवल औपचारिक दस्तावेज नहीं हैं, बल्कि अन्नदाता किसानों की आय बढ़ाने और खेती को लाभकारी बनाने का संकल्प हैं.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य किसान को केवल Producer (उत्पादक) बनाकर नहीं छोड़ना है, बल्कि उसे Prosperity Partner (समृद्धि का भागीदार) बनाना है. इसके लिए कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ किसानों की आय और आर्थिक स्थिति में सुधार लाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.

खेती को Future Economy से जोड़ने की पहल

सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख कृषि राज्यों में शामिल है और यहां अन्न उत्पादन लगातार बढ़ा है. हालांकि, उन्होंने माना कि उत्पादन बढ़ने के बावजूद किसानों की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका. लंबे समय तक किसानों को यह नहीं बताया गया कि खेती की लागत कैसे कम होगी, उत्पादन को बेहतर बाजार कैसे मिलेगा और उनकी फसल की खरीद की व्यवस्था कैसे सुनिश्चित होगी.

उन्होंने कहा कि नए MoU के माध्यम से प्रदेश की कृषि व्यवस्था को भविष्य की अर्थव्यवस्था से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है. इससे किसानों को आधुनिक तकनीक, बेहतर बाजार और उत्पादन प्रबंधन की सुविधाएं मिल सकेंगी.

वैज्ञानिक और जलवायु अनुकूल खेती पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र में तेजी से बदलाव हो रहा है और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियां खेती को प्रभावित कर रही हैं. ऐसे में किसानों तक Scientific Farming और Climate Smart Farming की तकनीकों को पहुंचाना बेहद जरूरी है.

सरकार का प्रयास है कि वैश्विक स्तर पर उपलब्ध वैज्ञानिक ज्ञान और आधुनिक कृषि तकनीकों को गांव-गांव तक पहुंचाया जाए, ताकि किसान कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकें. इससे खेती अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनेगी.

धान के साथ अन्य फसलों पर भी फोकस

सरकार की नई कृषि कार्ययोजना में केवल धान ही नहीं, बल्कि मक्का, तिल, अरहर और उड़द जैसी फसलों को भी शामिल किया गया है. इन फसलों के उत्पादन, उत्पादकता और बाजार व्यवस्था को मजबूत करने के लिए विशेष रणनीति तैयार की जा रही है.

विशेषज्ञों का मानना है कि फसल विविधीकरण से किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ कृषि जोखिम भी कम किया जा सकता है. इससे किसानों की निर्भरता एक ही फसल पर नहीं रहेगी और उन्हें बेहतर आर्थिक सुरक्षा मिलेगी.

'यूपी एग्रीज' पहल को बताया महत्वपूर्ण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘यूपी एग्रीज’ (UP AGRIS) पहल को कृषि क्षेत्र में परिवर्तन लाने वाली महत्वपूर्ण योजना बताया. उनका कहना है कि यह कार्यक्रम खेती को तकनीक, इनोवेशन और बाजार से जोड़ने का काम करेगा. इसके तहत किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों, क्वालिटी वाले बीज, बेहतर प्रबंधन और बाजार आधारित खेती की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी.

किसानों की समृद्धि सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं है, बल्कि किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना भी है. नई तकनीक, वैज्ञानिक खेती, फसल विविधीकरण और बाजार से बेहतर जुड़ाव के जरिए किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है.

उन्होंने भरोसा जताया कि चारों MoU और 'यूपी एग्रीज' जैसी पहलें प्रदेश के कृषि क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाएंगी और किसानों को सीधे लाभ पहुंचाने में मददगार साबित होंगी. इससे उत्तर प्रदेश की कृषि अधिक प्रतिस्पर्धी, आधुनिक और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बन सकेगी.(समर्थ श्रीवास्तव का इनपुट)

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