योग्य किसान PM Kisan से बाहर क्यों? फेल KYC और गलत रेवेन्यू रिकॉर्ड की जानें हकीकत

योग्य किसान PM Kisan से बाहर क्यों? फेल KYC और गलत रेवेन्यू रिकॉर्ड की जानें हकीकत

PM Kisan योजना की 22वीं किस्त आने वाली है, लेकिन कई योग्य किसानों को इस बार भी 2,000 रुपये नहीं मिल पाए हैं. फेल e-KYC, गलत रेवेन्यू रिकॉर्ड, आधार‑बैंक डिटेल में अंतर और भूमि रिकॉर्ड वेरिफिकेशन जैसी समस्याएं किसानों को स्कीम से बाहर कर रही हैं. जानें कि पात्र होने के बाद भी कई किसानों को PM Kisan का लाभ क्यों नहीं मिल रहा है?

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क‍िसान तक
  • New Delhi ,
  • Mar 04, 2026,
  • Updated Mar 04, 2026, 7:20 AM IST

PM Kisan योजना की 22वीं किस्त आने वाली है. किसानों में कई दिन से इसका इंतजार है. ऐसी अपुष्ट खबरें हैं कि होली के ठीक बाद खाते में 2000 रुपये आ जाएंगे. हालांकि सरकार ने अभी तक तारीख को लेकर कुछ भी ऐलान नहीं किया है. इन तमाम असमंजस के बीच कई किसान ऐसे भी हैं जिनकी शिकायत है कि वे स्कीम के लिए योग्य हैं, लेकिन उन्हें 2000 रुपये नहीं मिलते. इन किसानों का सवाल है कि आखिर वे पीएम किसान योजना से बाहर क्यों हैं जब वे पात्र हैं?

आइए जान लेते हैं कि आखिर योग्य किसान पीएम किसान स्कीम से बाहर क्यों हो जाते हैं? क्या फेल KYC और गलत रेवेन्यू रिकॉर्ड इसकी बड़ी वजह हैं? 

जानकार बताते हैं कि केवाईसी न होना, जमीन के रिकॉर्ड में कुछ खामी के अलावा भी कई कारण हैं जो किसी योग्य किसान को PM Kisan के दायरे से बाहर कर देते हैं. जैसे, ग्रामीण इलाकों में गलत नाम/खसरा/खतौनी से जुड़े केस. महिलाएं/बुजुर्ग किसानों को ई-केवाईसी में दिक्कत आदि. किसी भी किसान के लिए e-KYC सबसे बड़ी और पहली जरूरत है, तभी पीएम किसान का लाभ मिल सकेगा.

PM किसान e-KYC कैसे करें?

  • सबसे पहले, ऑफिशियल PM किसान वेबसाइट पर जाएं
  • लॉग इन करने के बाद, e-KYC ऑप्शन पर क्लिक करें
  • अपना आधार नंबर और कैप्चा कोड डालें और “Search” पर क्लिक करें
  • अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर डालें और “Get OTP” चुनें
  • अपने मोबाइल पर आया OTP डालें
  • OTP वेरिफिकेशन के बाद, आपका e-KYC प्रोसेस पूरा हो जाएगा और आपको एक कन्फर्मेशन मैसेज मिलेगा

रेवेन्यू रिकॉर्ड में चेक करें नाम

पीएम किसान स्कीम का लाभ लेने के लिए लाभार्थी किसान का नाम लैंड रिकॉर्ड में होना चाहिए. ये भी जरूरी है कि नाम सही होना चाहिए. अगर नाम गलत है तो पीएम किसान की लाभार्थी सूची में नाम नहीं आएगा और किस्त का लाभ भी नहीं मिलेगा. रेवेन्यू रिकॉर्ड में नाम के लिए फार्मर रजिस्ट्री कराना जरूरी है. एक बार फार्मर रजिस्ट्री होने के बाद फार्मर आईडी बन जाएगी जिसके आधार पर रेवेन्यू रिकॉर्ड में सही नाम दर्ज हो जाएगा. इससे पीएम किसान का लाभ लेना पक्का हो जाएगा. अगर आप यूपी के किसान हैं तो नीचे बताए गए स्टेप से खुद ही फार्मर रजिस्ट्री कर सकते हैं.

  • अपने मोबाइल या कंप्यूटर से ऑफिशियल वेबसाइट upfr.agristack.gov.in पर जाएं
  • होमपेज के बीच में लॉगिन सेक्शन देखें
  • मौजूद ऑप्शन में से “Farmer” ऑप्शन पर क्लिक करें
  • अब नीचे “Create new user account” बटन पर क्लिक करें
  • Aadhaar e-KYC ऑप्शन के साथ एक नया रजिस्ट्रेशन पेज खुलेगा
  • दिए गए फील्ड में अपना 12-डिजिट का आधार नंबर ध्यान से डालें
  • वेरिफिकेशन कोड पाने के लिए “Send OTP” बटन पर क्लिक करें
  • OTP मैसेज के लिए अपने आधार-लिंक्ड मोबाइल नंबर को चेक करें
  • वेरिफिकेशन बॉक्स में टाइम लिमिट के अंदर 6-डिजिट का OTP डालें
  • OTP सबमिट करें और आपकी बेसिक डिटेल्स अपने आप मिल जाएगी
  • जमीन की डिटेल्स और फसल की जानकारी जैसी बाकी जानकारी भरें
  • अगर सिस्टम जरूरी डॉक्यूमेंट्स मांगे तो उन्हें अपलोड करें
  • फाइनल सबमिशन से पहले एक बार डाली गई सभी जानकारी देख लें
  • सबमिट बटन पर क्लिक करें और अपना Farmer ID नंबर सेफ रखें
  • आगे के रेफरेंस के लिए स्क्रीनशॉट लें या अपनी एनरोलमेंट ID लिख लें

ये जरूरी बातें कर लें चेक

खसरा या खतौनी में अपना नाम जरूर चेक करें. अगर नाम गलत है तो पहले उसे सुधरवा लें क्योंकि गलत नाम आपको पीएम किसान की किस्त लेने में बाधा बनेगी. ग्रामीण इलाकों में यह गलती सबसे आम है जिस पर ध्यान नहीं जाता. यह ऐसी गलती है जिसकी वजह से कोई योग्य किसान भी पीएम किसान की सुविधा से वंचित हो जाता है. इसके अलावा, बुजुर्ग महिला या पुरुष किसानों की ई-केवाईसी में तकनीकी दिक्कत आती है. बायोमेट्रिक अपडेट होने में सबसे बड़ी बाधा आती है क्योंकि अंगुलियों के निशान हल्के हो जाते हैं. पीएम किसान स्कीम का लाभ लेने के लिए इस तकनीकी दिक्कत को भी दूर करना जरूरी है.

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