असम सरकार का बड़ा फैसला, 7 लाख नए किसानों को PM किसान और PMFBY का मिलेगा सीधा लाभ

असम सरकार का बड़ा फैसला, 7 लाख नए किसानों को PM किसान और PMFBY का मिलेगा सीधा लाभ

असम सरकार ने किसानों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए एक बड़ा उठाया है. दरअसल, सरकार अब  अगले छह महीनों में 5 से 7 लाख नए किसान परिवारों को रजिस्टर करने के लिए विशेष अभियान चलाएगी.

असम सरकार का बड़ा फैसला (AI- तस्वीर)असम सरकार का बड़ा फैसला (AI- तस्वीर)
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Jun 15, 2026,
  • Updated Jun 15, 2026, 12:26 PM IST

असम सरकार ने किसानों को सरकारी योजनाओं का ज्यादा से ज्यादा लाभ पहुंचाने के लिए एक बड़ा कदम उठाने का फैसला किया है. राज्य में खेती से जुड़े करीब 50 लाख किसान परिवार हैं, लेकिन इनमें से अभी तक आधे से भी कम किसानों का ही सरकारी रजिस्ट्रेशन हो पाया है. इसी को देखते हुए अब सरकार अगले छह महीनों में 5 से 7 लाख नए किसान परिवारों को रजिस्टर करने के लिए विशेष अभियान चलाएगी. राज्य के कृषि मंत्री पीयूष हजारिका ने जिला कृषि अधिकारियों के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक में किसान रजिस्ट्रेशन को सबसे बड़ी प्राथमिकता बताया. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ज्यादा से ज्यादा किसानों को सरकारी रिकॉर्ड से जोड़ा जाए, ताकि उन्हें PM किसान जैसे कृषि योजनाओं और सुविधाओं का सीधा लाभ मिल सके.

50 लाख किसान, लेकिन सिर्फ 24 लाख रजिस्टर्ड

सरकार के मुताबिक असम में करीब 50 लाख परिवार खेती पर निर्भर हैं, लेकिन अभी तक केवल लगभग 24 लाख किसान ही रजिस्टर्ड हैं. इस अंतर को कम करने के लिए कृषि विभाग विशेष अभियान चलाएगा. इस अभियान का उद्देश्य किसानों को सरकारी योजनाओं से जोड़ना और उनकी आय बढ़ाने के अवसर उपलब्ध कराना है. कृषि मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि छोटे और सीमांत किसानों की खेती को केवल गुजारे का साधन न रहने दिया जाए, बल्कि इसे कमाई का मजबूत जरिया बनाया जाए.

PM किसान और फसल बीमा योजना पर जोर

बैठक में कृषि मंत्री ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अधिक से अधिक किसानों का रजिस्ट्रेशन कराने के निर्देश दिए. इसके अलावा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लिए किसानों की पहचान प्रक्रिया को भी तेज करने को कहा गया. उन्होंने कहा कि किसानों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को आसान और तेज बनाना जरूरी है.

किसानों को समय पर मिलेंगे अच्छे बीज और खाद

कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को अच्छी क्वालिटी वाले बीज और खाद समय पर उपलब्ध कराए जाएं. उन्होंने कहा कि फसलों की बुवाई के मौसम से कम से कम एक महीने पहले किसानों तक बीज पहुंच जाना चाहिए. उन्होंने साफ कहा कि बीज और खाद वितरण में किसी भी तरह की लापरवाही या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. खराब क्वालिटी वाले उत्पाद देने वाली एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई, ब्लैकलिस्ट और लाइसेंस रद्द करने जैसे कदम उठाए जाएंगे.

धान के साथ दूसरी फसलों पर भी ध्यान

असम सरकार अब पारंपरिक धान की खेती के साथ-साथ कृषि विविधीकरण पर भी जोर दे रही है. सरकार की योजना है कि किसान बागवानी, दालों और पाम ऑयल जैसी फसलों की ओर भी बढ़ें, जिससे उनकी आमदनी के नए स्रोत तैयार हो सकें. इसके लिए बाजार व्यवस्था को मजबूत करने और किसानों को बेहतर कीमत दिलाने पर भी काम किया जाएगा. कृषि अधिकारियों को नियमित रूप से गांवों और खेतों का दौरा करने और किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं.

प्रगतिशील किसानों को मिलेंगे कृषि मशीन

कृषि मंत्री ने बताया कि जल्द ही प्रगतिशील किसानों को बेहतर बीज, पौधे और पावर टिलर जैसे कृषि मशीन उपलब्ध कराने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. उन्होंने अधिकारियों से जवाबदेही और अनुशासन के साथ काम करने को कहा. सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक किसान सरकारी योजनाओं से जुड़ें, आधुनिक खेती अपनाएं और उनकी आय में बढ़ोतरी हो. 

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