केंद्र ने VB-G RAMG योजना का फंड किया जारी, किस राज्‍य को कितनी रकम हुई अलॉट? पढ़ें डिटेल

केंद्र ने VB-G RAMG योजना का फंड किया जारी, किस राज्‍य को कितनी रकम हुई अलॉट? पढ़ें डिटेल

केंद्र सरकार ने वीबी-जी रामजी योजना के तहत 95,692.31 करोड़ रुपये का अंतरिम फंड जारी किया है. राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को यह राशि ग्रामीण विकास और रोजगार कार्यों के लिए दी जाएगी. उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु को सबसे ज्यादा आवंटन मिला है.

VBGRAM G Fund AllotmentVBGRAM G Fund Allotment
क‍िसान तक
  • New Delhi,
  • Jun 09, 2026,
  • Updated Jun 09, 2026, 5:22 PM IST

केंद्र सरकार ने "विकसित भारत जी राम जी (VB G RAM G)" योजना के तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 95,692.31 करोड़ रुपये का अंतरिम आवंटन जारी किया है. मनरेगा के तहत पहले से आवंटित 30 हजार करोड़ रुपये को जोड़ने पर कुल प्रावधान 1.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो जाएगा. सरकार 1 जुलाई 2026 से नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर रही है, जिसके जरिए ग्राम पंचायतों के माध्यम से रोजगार और ग्रामीण विकास कार्यों को गति देने का लक्ष्य रखा गया है. इसी को लेकर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ग्रामीण विकास मंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उच्चस्तरीय बैठक की. बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री चंद्रशेखर पेम्मासानी भी मौजूद रहे.

2.80 लाख ग्राम पंचायतों तक पहुंचेगी राशि

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह बदलाव केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं बल्कि करोड़ों मजदूरों की आजीविका और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ा विषय है. उन्होंने राज्यों को निर्देश दिए कि ट्रांजिशन पूरी तरह सुचारू रहे और एक भी मजदूर रोजगार से वंचित न हो. मजदूरी भुगतान, रोजगार उपलब्धता और श्रमिकों के अधिकारों में किसी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जाएगी.

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि यह राशि देश की लगभग 2.80 लाख ग्राम पंचायतों तक पहुंचेगी और पंचायतों के माध्यम से विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा. इसके लिए राज्यों से पर्याप्त संख्या में कार्यों की पूर्व स्वीकृति देने को कहा गया है, ताकि 1 जुलाई से ही कार्यों का क्रियान्वयन तेजी से शुरू हो सके.

सबसे ज्‍यादा फंड यूपी और बंगाल को

बैठक के दौरान राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए अंतरिम आवंटन की घोषणा की गई. उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, बिहार और मध्य प्रदेश को प्रमुख हिस्सेदारी दी गई. राज्यों के लिए कुल 92,550.17 करोड़ रुपये और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 1,291.32 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं. शिवराज सिंह चौहान ने सभी राज्यों को 28 और 29 जून को नई दिल्ली के पूसा संस्थान में आयोजित राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया.

राज्य/केंद्र शासित प्रदेशआवंटन (करोड़ रु.)
आंध्र प्रदेश7,707.21
अरुणाचल प्रदेश560.70
असम1,929.24
बिहार6,715.83
छत्तीसगढ़3,354.85
गोवा3.70
गुजरात1,540.54
हरियाणा590.23
हिमाचल प्रदेश1,201.78
झारखंड2,705.64
कर्नाटक5,709.09
केरल3,136.44
मध्य प्रदेश6,252.03
महाराष्ट्र4,420.32
मणिपुर581.99
मेघालय1,155.09
मिजोरम611.65
नगालैंड287.85
ओडिशा3,763.80
पंजाब1,331.61
राजस्थान7,581.87
सिक्किम97.57
तमिलनाडु7,957.57
तेलंगाना4,229.74
त्रिपुरा1,041.07
उत्तर प्रदेश12,221.48
उत्तराखंड626.43
पश्चिम बंगाल8,508.00
राज्यों को कुल आवंटन92,550.17
पुडुचेरी40.56
जम्मू-कश्मीर1,151.02
अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह4.44
लद्दाख85.98
दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव9.02
लक्षद्वीप0.32
केंद्र शासित प्रदेश कुल1,291.32
केंद्रीय प्रशासन और सोशल ऑडिट1,850.62
कुल अंतरिम आवंटन95,692.31

केंद्रीय मंत्री ने तैयारियों की समीक्षा की

बैठक में डीबीटी, एसएमएस सूचना प्रणाली, ई-केवाईसी और फेस ऑथेंटिकेशन की तैयारियों की समीक्षा भी की गई. कई राज्यों ने इन प्रक्रियाओं में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है. उन्होंने बताया कि 26 राज्यों ने अपने बजट में आवश्यक वित्तीय प्रावधान कर लिए हैं जबकि झारखंड, कर्नाटक, तेलंगाना और मिजोरम से जल्द निर्णय लेने का आग्रह किया गया है. राज्यों को अधिसूचना जारी करने, 100 प्रतिशत ई-केवाईसी सुनिश्चित करने और जिला व ब्लॉक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम चलाने के निर्देश भी दिए गए.

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