महिलाओं के लिए लोन से लेकर फसलों की खरीद तक, तमिलनाडु सरकार ने किए कई बड़े ऐलान

महिलाओं के लिए लोन से लेकर फसलों की खरीद तक, तमिलनाडु सरकार ने किए कई बड़े ऐलान

तमिलनाडु सरकार ने महिलाओं, किसानों और कोऑपरेटिव सेक्टर को लेकर कई बड़े फैसले किए हैं. महिलाओं को कारोबार के लिए लोन देने से लेकर किसानों की फसल सीधे खरीदने और सहकारी समितियों को आधुनिक बनाने तक, सरकार ने 39 नई पहलों का ऐलान किया है.

महिलाओं और किसानों के लिए बड़ा तोहफामहिलाओं और किसानों के लिए बड़ा तोहफा
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Aug 21, 2026,
  • Updated Aug 21, 2026, 9:11 AM IST

तमिलनाडु सरकार ने महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करने, किसानों को आसान कर्ज देने और कोऑपरेटिव सेक्टर को आधुनिक बनाने के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं. राज्य के सहकारिता मंत्री वी. गांधीराज ने विधानसभा में कुल 39 नई पहलों की घोषणा की. इनमें महिलाओं के लिए 'सिंगापेंगल एंटरप्रेन्योरशिप क्रेडिट स्कीम' भी शामिल है, जिसके लिए 7,015 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है. मंत्री ने बताया कि इस योजना को कोऑपरेटिव सोसायटियों के जरिए लागू किया जाएगा. इसका उद्देश्य महिलाओं को अपना कारोबार शुरू करने या बढ़ाने के लिए आसानी से लोन उपलब्ध कराना है.

किसानों के लिए भी बड़ा प्रावधान

सरकार ने छोटे और सीमांत किसानों के लिए ग्रामीण बिजनेस लोन के तहत 5,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है. इस लोन पर ब्याज दर 9 प्रतिशत रखी गई है. इसके अलावा किसान अपनी कृषि उपज को गिरवी रखकर लोन ले सकें, इसके लिए प्रोड्यूस प्लेज लोन का बजट बढ़ाकर 300 करोड़ रुपये कर दिया गया है. लंबी अवधि के कृषि लोन के लिए 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था फिर से शुरू की गई है. वहीं, महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को कृषि कचरे से वर्मीकम्पोस्ट और दूसरे वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट बनाने के लिए 10 करोड़ रुपये दिए जाएंगे.

खेत से सीधे खरीद पर जोर

धान, हल्दी, मक्का और नारियल जैसी प्रमुख फसलों की खरीद में बिचौलियों की भूमिका कम करने के लिए 50 कोऑपरेटिव मार्केटिंग सोसायटियों के जरिए 50 करोड़ रुपये की फार्म-गेट खरीद योजना शुरू की जाएगी. यानी किसानों से सीधे खेत के स्तर पर उनकी उपज खरीदी जाएगी. कोऑपरेटिव सेक्टर के उत्पादों को एक अलग पहचान देने के लिए राज्य में बेचे जाने वाले सभी कोऑपरेटिव प्रोडक्ट्स पर 'वेट्री' (Vetri) नाम का कॉमन ब्रांड लोगो लगाया जाएगा. सरकार को उम्मीद है कि इससे उत्पादों की बाजार में पहचान और ग्राहकों का भरोसा बढ़ेगा.

कोऑपरेटिव सेवाओं का होगा डिजिटलीकरण

तमिलनाडु कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन बीज और खाद की बिक्री बढ़ाकर 2,500 करोड़ रुपये करने का लक्ष्य रखेगा. फेडरेशन सीधे स्वयं सहायता समूहों से बायो-फर्टिलाइजर भी खरीदेगा. वहीं, सभी प्राथमिक कृषि सहकारी लोन समितियों को मल्टी-सर्विस हब के रूप में विकसित किया जाएगा. 3,452 समितियों को माइक्रो-ATM दिए जाएंगे. इसके अलावा 10,000 और राशन दुकानों पर UPI से भुगतान की सुविधा शुरू होगी.

100 राशन दुकानों को मल्टी-पर्पस रिटेल आउटलेट में बदला जाएगा, जबकि 150 दुकानों के लिए नई इमारतें बनाई जाएंगी. जरूरी सामान पहुंचाने वाले वाहनों की रियल-टाइम ट्रैकिंग भी शुरू की जाएगी. राशन दुकानों में बनाई जाने वाली 150 नई नौकरियों में महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी.

सरकार शुरू करेगी मोबाइल ऐप

सरकार एक यूनिफाइड पोर्टल और मोबाइल ऐप भी शुरू करेगी, जहां लोगों को 25 से ज्यादा लोन सेवाओं और शिकायत निवारण की सुविधा मिलेगी. साथ ही ऑनलाइन मेंबरशिप पोर्टल और पूरी तरह डिजिटल ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम भी लागू किया जाएगा. इससे कोऑपरेटिव सेक्टर की सेवाएं तेज, आसान और ज्यादा पारदर्शी बनाने की कोशिश की जाएगी. (PTI)

MORE NEWS

Read more!