तमिलनाडु में PM Kisan के लाभार्थियों की संख्या 52% घटी, RTI में सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े

तमिलनाडु में PM Kisan के लाभार्थियों की संख्या 52% घटी, RTI में सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े

तमिलनाडु में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना के लाभार्थियों की संख्या में बड़ी गिरावट आई है. RTI से मिली जानकारी के मुताबिक, साल 2020 में 44.94 लाख किसान इस योजना का लाभ ले रहे थे, लेकिन अप्रैल-जुलाई 2026 की किस्त तक यह संख्या घटकर 21.57 लाख रह गई.

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क‍िसान तक
  • New Delhi,
  • Nov 07, 2026,
  • Updated Nov 07, 2026, 10:29 AM IST

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना के तहत तमिलनाडु में लाभ पाने वाले किसानों की संख्या में बड़ी गिरावट आई है. राज्य कृषि विभाग से सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मिली जानकारी के मुताबिक, अगस्त-नवंबर 2020 में योजना के लाभार्थियों की संख्या 44.94 लाख के रिकॉर्ड स्तर पर थी. वहीं, अप्रैल-जुलाई 2026 की किस्त तक यह संख्या घटकर 21.57 लाख रह गई. यानी करीब 52 फीसदी लाभार्थी कम हो गए हैं.

इसका मतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में लगभग 23.37 लाख लाभार्थी योजना के दायरे से बाहर हो गए हैं. RTI के जवाब में विभाग ने इस गिरावट की वजह नहीं बताई है. आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि लाभार्थियों की संख्या में कमी AIADMK सरकार के कार्यकाल में ही शुरू हो गई थी और 2022 में DMK सरकार के दौरान इसमें और तेज गिरावट आई.

AIADMK सरकार के समय ही शुरू हुई गिरावट

तमिलनाडु में अगस्त-नवंबर 2020 के दौरान PM-किसान योजना के लाभार्थियों की संख्या 44.94 लाख तक पहुंच गई थी. उस समय राज्य में एडप्पादी के. पलानीस्वामी के नेतृत्व वाली AIADMK सरकार थी. इसके बाद दिसंबर 2020 से मार्च 2021 के बीच लाभार्थियों की संख्या घटकर 38.23 लाख रह गई. यानी मई 2021 में सत्ता परिवर्तन होने से पहले ही योजना के लाभार्थियों की संख्या कम होने लगी थी. मई 2021 में एम.के. स्टालिन के नेतृत्व वाली DMK सरकार सत्ता में आई.

2022 में सबसे ज्यादा घटे लाभार्थी

आंकड़ों के मुताबिक, लाभार्थियों की संख्या में सबसे बड़ी गिरावट 2022 में दर्ज की गई. दिसंबर 2021 से मार्च 2022 के बीच जहां 37.34 लाख किसान योजना का लाभ ले रहे थे, वहीं दिसंबर 2022 से मार्च 2023 के बीच यह संख्या घटकर 20.52 लाख रह गई. इस दौरान करीब 45 फीसदी की कमी आई. खास बात यह है कि अप्रैल-जुलाई 2022 की किस्त में 32.28 लाख लाभार्थी थे, लेकिन अगस्त-नवंबर 2022 की किस्त तक यह संख्या घटकर 22.27 लाख रह गई. यानी एक ही भुगतान चक्र में करीब 10 लाख लाभार्थी कम हो गए.

बाद में मामूली सुधार, लेकिन संख्या नहीं बढ़ी

इसके बाद लाभार्थियों की संख्या में थोड़ा सुधार जरूर हुआ, लेकिन यह बढ़ोतरी बहुत सीमित रही. दिसंबर 2022 से मार्च 2023 के बीच 20.52 लाख लाभार्थी थे, जबकि अप्रैल-जुलाई 2026 की किस्त में यह संख्या बढ़कर 21.57 लाख हुई. यानी इस अवधि में लाभार्थियों की संख्या में करीब 5.1 फीसदी की बढ़ोतरी हुई. हालांकि, यह संख्या 2020 के रिकॉर्ड स्तर से काफी कम है. योजना की पहली किस्त दिसंबर 2018 से मार्च 2019 के बीच जारी हुई थी. उस समय तमिलनाडु में 27.52 लाख लाभार्थी थे. मौजूदा आंकड़ा पहली किस्त के मुकाबले भी करीब 21.6 प्रतिशत कम है. हाल की दो किस्तों में भी लाभार्थियों की संख्या लगभग स्थिर रही. पहले यह संख्या 21.57 लाख थी, जो मामूली घटकर 21,56,777 रह गई.

योजना के तहत जारी राशि में भी 52 फीसदी की कमी

लाभार्थियों की संख्या घटने के साथ ही योजना के तहत किसानों को भेजी जाने वाली कुल राशि में भी बड़ी कमी आई है. अगस्त-नवंबर 2020 की उस किस्त में, जब लाभार्थियों की संख्या सबसे ज्यादा थी, कुल 898.74 करोड़ रुपये जारी किए गए थे. वहीं, अप्रैल-जुलाई 2026 की किस्त में यह राशि घटकर 427.12 करोड़ रुपये रह गई. यानी कुल भुगतान में 471.62 करोड़ रुपये या करीब 52.5 फीसदी की कमी आई है. राज्य कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, PM-किसान योजना की कुल 23 किस्तों के तहत अब तक तमिलनाडु में 13,611.84 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं. (विश्वजीत की रिपोर्ट)

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