3 लाख से ज्यादा लोगों को मिलेगा 14 करोड़ रुपए का लाभ, ओडिशा में 1 सितंबर से नई पहल

3 लाख से ज्यादा लोगों को मिलेगा 14 करोड़ रुपए का लाभ, ओडिशा में 1 सितंबर से नई पहल

ओडिशा में 1 सितंबर से ‘संबंध’ सहकारी सदस्यता अभियान शुरू होगा. मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी इसकी शुरुआत करेंगे. अभियान के तहत हर ग्रामीण परिवार से कम से कम एक सदस्य को सहकारी समितियों से जोड़ने का लक्ष्य है. पहले चरण में 3 लाख से अधिक सदस्यों को 14 करोड़ रुपये का डिविडेंड मिलेगा. किसानों को कृषि उपकरण और डेयरी सुविधाएं भी मिलेंगी.

ओडिशा के किसानों और गांवों के लिए बड़ा दिनओडिशा के किसानों और गांवों के लिए बड़ा दिन
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Aug 31, 2026,
  • Updated Aug 31, 2026, 11:30 AM IST

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी 1 सितंबर को राज्य में सहकारी सदस्यता अभियान ‘संबंध’ की शुरुआत करेंगे. इस अभियान का मकसद गांव के ज्यादा से ज्यादा लोगों को सहकारी समितियों से जोड़ना है. सरकार चाहती है कि हर ग्रामीण परिवार से कम से कम एक व्यक्ति सहकारी समिति का सदस्य बने. इससे लोगों को सहकारी सेवाएं उनके घर के पास मिल सकेंगी और गांव के लोगों की आमदनी बढ़ाने में मदद मिलेगी.

क्या है ‘संबंध’ अभियान?

‘संबंध’ अभियान के तहत ग्रामीण परिवारों को सहकारी समितियों से जोड़ा जाएगा. इसके लिए एक नया मोबाइल ऐप भी शुरू किया जाएगा. इस ऐप की मदद से लोग आसानी से और साफ तरीके से अपना सदस्यता पंजीकरण करा सकेंगे. सरकार का लक्ष्य है कि सहकारी व्यवस्था का फायदा ज्यादा से ज्यादा ग्रामीण लोगों तक पहुंचे.

पहली बार किसानों को मिलेगा डिविडेंड

इस अभियान के साथ एक खास पहल भी शुरू होगी. प्राथमिक कृषि ऋण समितियां (PACS) और बड़े आकार की आदिवासी बहुउद्देशीय सहकारी समितियां (LAMPS) पहली बार अपने सदस्यों को डिविडेंड यानी लाभ का हिस्सा देंगी. पहले चरण में 180 PACS और LAMPS से जुड़े 3 लाख से ज्यादा लोगों को कुल 14 करोड़ रुपये का डिविडेंड दिया जाएगा. राज्य सरकार भी इन समितियों में हिस्सेदार है. उसे करीब 4.22 करोड़ रुपये मिलेंगे. सरकार इस पैसे को फिर से सहकारी क्षेत्र को मजबूत करने में लगाएगी.

डेयरी किसानों के लिए 21 नए दूध केंद्र

गांव की अर्थव्यवस्था और दूध बेचने वाले किसानों को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री 21 नए दूध संग्रह केंद्रों का भी उद्घाटन करेंगे. इनके शुरू होने के बाद राज्य में दूध संग्रह केंद्रों की संख्या बढ़कर 76 हो जाएगी. इन केंद्रों से किसानों को दूध बेचने में आसानी होगी.

किसानों को किराये पर मिलेंगे कृषि उपकरण

सरकार PACS और LAMPS को एग्रो-सर्विस सेंटर के रूप में भी विकसित कर रही है. इन केंद्रों पर छोटे और सीमांत किसानों को आधुनिक कृषि मशीनें कम किराये पर मिल सकेंगी. इससे किसानों को महंगी मशीनें खरीदने की जरूरत कम होगी और खेती का काम आसान होगा. कुल मिलाकर मंगलवार को 50 ऐसे केंद्र शुरू किए जाएंगे.

गांवों में सस्ता सामान और सरकारी सेवाएं

ग्रामीण लोगों को जरूरी सामान सस्ते दाम पर मिल सके, इसके लिए 46 केंद्रों का भी उद्घाटन किया जाएगा. इसके अलावा 200 कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) शुरू किए जाएंगे. इन केंद्रों के जरिए लोगों को कई सरकारी और गैर-सरकारी सेवाएं गांव के पास ही मिल सकेंगी.

200 PACS डिजिटल सिस्टम से जुड़ेंगे

सहकारी समितियों के काम में पारदर्शिता लाने के लिए 200 PACS को नेशनल लेवल PACS सॉफ्टवेयर (NLPS) से जोड़ा जाएगा. बाकी PACS को भी वित्त वर्ष खत्म होने तक इस सॉफ्टवेयर से जोड़ने की योजना है. इससे समितियों का काम डिजिटल और ज्यादा व्यवस्थित हो सकेगा.

मॉडल मंडी और गोदाम भी बनेंगे

मुख्यमंत्री इस कार्यक्रम के दौरान चार मॉडल मंडियों और तीन गोदामों की नींव भी रखेंगे. इनसे किसानों को अपनी उपज रखने और बेचने में मदद मिल सकती है. इसके साथ ही ओडिशा स्टेट वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन (OSWC) में चुने गए 30 उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र भी दिए जाएंगे.

गांव और किसानों को मजबूत करने की कोशिश

ओडिशा सरकार का यह अभियान गांव के लोगों को सहकारी व्यवस्था से जोड़ने पर केंद्रित है. सदस्यता अभियान, डिविडेंड, दूध संग्रह केंद्र, कृषि मशीनें, CSC और डिजिटल PACS जैसी योजनाओं से किसानों और ग्रामीण परिवारों को कई सुविधाएं एक ही जगह मिलने की उम्मीद है. सरकार का लक्ष्य सहकारी समितियों को मजबूत बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाना है.

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