
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को नई दिल्ली में नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (NAFED) के ई-ऑक्शन पोर्टल NAFEX.in का शुभारंभ किया. इस मौके पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर, सहकारिता सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी और NAFED के अध्यक्ष जेठाभाई अहीर सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि NAFED ने चार अहम पहलें शुरू की हैं—NAFEX.in, दृष्टि, ERP और NAFED कल्याण. उन्होंने बताया कि ये कदम सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने के साथ-साथ किसानों को सीधे बाजार से जोड़ने में मददगार साबित होंगे.
शाह ने कहा कि एक समय ऐसा था जब साल 2014 में NAFED बंद होने की कगार पर पहुंच गया था, लेकिन सरकार के सुधारात्मक कदमों और पारदर्शिता के कारण आज यह संस्था 30,000 करोड़ रुपये के टर्नओवर और 500 करोड़ रुपये के मुनाफे के साथ 74 लाख से अधिक किसानों की सेवा कर रही है. उन्होंने जोर देकर कहा कि देश को दलहन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए NAFED और NCCF को किसानों से सीधे खरीद बढ़ानी होगी. “जब किसानों को उनकी उपज का सही और लाभकारी मूल्य मिलेगा, तो दलहन का रकबा अपने आप बढ़ेगा,” उन्होंने कहा.
अमित शाह ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में सरकार ने दलहन, मक्का और अन्य फसलों की सीधी खरीद के लिए मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया है. अब लक्ष्य इस व्यवस्था को गांव-स्तर तक पहुंचाना है, ताकि किसान सीधे इन संस्थाओं को अपनी उपज बेच सकें और भुगतान उनके बैंक खाते में सीधे पहुंचे. उन्होंने कहा कि अगले दो वर्षों में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि देश का हर किसान NAFED और NCCF के जरिए सीधे बिक्री कर सके. इससे न सिर्फ किसानों को फायदा होगा, बल्कि बिचौलियों की भूमिका भी खत्म होगी.
शाह ने यह भी बताया कि NAFED अब केवल खरीद तक सीमित नहीं है. संस्था ने जैविक खेती, बीज उत्पादन, खुदरा व्यापार, जैव उर्वरक, खाद्य सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार जैसे क्षेत्रों में भी तेजी से विस्तार किया है. उन्होंने बताया कि सहकारिता मंत्रालय बनने के समय NAFED का टर्नओवर 20,000 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 30,000 करोड़ रुपये हो गया है. अगले दो वर्षों में इसे 50,000 करोड़ रुपये से अधिक करने का लक्ष्य रखा गया है.
NAFED की वित्तीय स्थिति में सुधार का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि संस्था का शुद्ध मुनाफा 139 करोड़ रुपये से बढ़कर 405 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, वहीं नेटवर्थ भी 358 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,050 करोड़ रुपये हो गई है. किसानों के कल्याण के लिए एक अहम घोषणा करते हुए अमित शाह ने कहा कि NAFED अपने मुनाफे का 1 प्रतिशत हिस्सा किसान परिवारों के बच्चों की उच्च शिक्षा और करियर विकास के लिए छात्रवृत्ति में खर्च करेगा. इससे ग्रामीण परिवारों को शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा सहारा मिलेगा.
कुल मिलाकर, NAFEX.in पोर्टल और अन्य नई पहलें सहकारिता क्षेत्र में डिजिटल पारदर्शिता को बढ़ाने के साथ-साथ किसानों को बेहतर बाजार और उचित दाम दिलाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही हैं.