आंध्र के किसानों के खातों में पहुंचे 7-7 हजार रुपये, पीएम किसान अन्‍नदाता सुखीभव: योजना के तहत 3125 करोड़ जारी

आंध्र के किसानों के खातों में पहुंचे 7-7 हजार रुपये, पीएम किसान अन्‍नदाता सुखीभव: योजना के तहत 3125 करोड़ जारी

आंध्र प्रदेश सरकार ने खरीफ 2026 के लिए PM-Kisan-Annadata Sukhibhava योजना के तहत 46.85 लाख किसानों के खातों में 3,125 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की. मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने पलनाडु जिले से कार्यक्रम में हिस्सा लिया और कृषि, महिला प्रोसेसिंग यूनिट, वर्मी कम्पोस्ट व तेलहन मिशन से जुड़ी गतिविधियों का निरीक्षण किया.

Andhra Pradesh CM Chandrababu NaiduAndhra Pradesh CM Chandrababu Naidu
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Jun 20, 2026,
  • Updated Jun 20, 2026, 7:58 PM IST

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने खरीफ सीजन 2026 के लिए  पीएम किसान अन्‍नदाता सुखीभव: योजना (PM Kisan Annadata Sukhibhava Yojana) योजना के तहत वित्तीय सहायता की पहली किस्त जारी की. राज्य के 46.85 लाख किसानों के बैंक खातों में कुल 3,125 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए. इस योजना के तहत प्रति किसान 7 हजार रुपये की सहायता उपलब्ध कराई गई. पलनाडु जिले के लिंगंगुंटला गांव में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायडू ने कृषि और उद्यानिकी विभाग की ओर से लगाए गए प्रदर्शनी स्टॉलों का निरीक्षण किया. यहां किसान उत्पादक संगठनों, महिलाओं द्वारा संचालित प्रोसेसिंग इकाइयों, वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन और कृषि नवाचारों से जुड़े मॉडल प्रस्तुत किए गए.

ति‍लहन मिशन से लेकर ऊर्जा परियोजनाओं तक फोकस

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय तिलहन मिशन, ऑयल पाम मिशन और वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजनाओं से जुड़ी प्रदर्शनियों का भी अवलोकन किया. इसी मौके पर स्वच्छ आंध्र-स्वर्ण आंध्र अभियान के तहत कडप्पा और कुरनूल जिलों में बनने वाले वेस्ट-टू-एनर्जी संयंत्रों का वर्चुअल शिलान्यास किया गया. अधिकारियों के मुताबिक ये संयंत्र दिसंबर 2026 तक चालू होने की उम्मीद है. मुख्यमंत्री नायडू ने कार्यक्रम के दौरान किसानों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन भी देखा.

कृषि के लिए 3.6 लाख करोड़ का क्रेडिट प्लान जारी

इससे पहले राज्य सरकार ने शुक्रवार को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए वार्षिक क्रेडिट प्लान भी जारी किया. इस योजना के तहत विभिन्न क्षेत्रों में 8.1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के बैंक लोन वितरण का लक्ष्य रखा गया है. इसमें 5.4 लाख करोड़ रुपये प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए प्रस्तावित हैं.

कृषि, MSME और शिक्षा क्षेत्र को प्राथमिकता

क्रेडिट प्लान के अनुसार, कृषि क्षेत्र के लिए 3.6 लाख करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं, जिनमें 2 लाख करोड़ रुपये फसल ऋण के लिए रखे गए हैं. कृषि यंत्रीकरण के लिए 10,693 करोड़ रुपये और MSME क्षेत्र के लिए 1.55 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इसके अलावा आवास और शिक्षा ऋण को भी बढ़ावा देने की योजना बनाई गई है.

बैंकों से निवेश और ऋण प्रवाह बढ़ाने की अपील

बैठक में मुख्यमंत्री ने बैंकों से MSME, मत्स्य पालन, नवीकरणीय ऊर्जा और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए अधिक लोन उपलब्ध कराने की अपील की. उन्होंने डिजिटल धोखाधड़ी के मामलों पर चिंता जताते हुए बैंकों को निगरानी व्यवस्था मजबूत करने और जागरूकता अभियान चलाने की सलाह दी. साथ ही अमरावती को मजबूत वित्तीय केंद्र के रूप में विकसित करने पर भी जोर दिया. (पीटीआई)

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