यूपी में नारी शक्ति का बढ़ता कदम, मिशन शक्ति बना सशक्तिकरण की मिसाल

यूपी में नारी शक्ति का बढ़ता कदम, मिशन शक्ति बना सशक्तिकरण की मिसाल

उत्तर प्रदेश में मिशन शक्ति अभियान और कई सरकारी योजनाओं की मदद से महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा और रोजगार के नए अवसर बढ़े हैं. महिला पुलिस, हेल्पलाइन और कौशल विकास कार्यक्रमों से महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं. महिला दिवस के अवसर पर जानिए कैसे यूपी में नारी सशक्तिकरण की नई तस्वीर सामने आई है.

योगी सरकार में महिलाओं को सुरक्षायोगी सरकार में महिलाओं को सुरक्षा
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Mar 08, 2026,
  • Updated Mar 08, 2026, 3:40 PM IST

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं के सम्मान और उनके अधिकारों को याद करने का दिन है. उत्तर प्रदेश में अब यह दिन सिर्फ कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि महिलाओं की आजादी, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन गया है. पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश में महिलाओं के लिए कई योजनाएं शुरू की गई हैं. इन योजनाओं की मदद से महिलाएं पढ़ाई कर रही हैं, नौकरी कर रही हैं और अपने पैरों पर खड़ी हो रही हैं.

मिशन शक्ति से बढ़ी महिलाओं की सुरक्षा

उत्तर प्रदेश सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए मिशन शक्ति अभियान शुरू किया. इस अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बेटियों को सुरक्षित माहौल देना है. इसके तहत प्रदेश में एंटी रोमियो स्क्वायड बनाए गए हैं. ये टीमें स्कूल, कॉलेज और सार्वजनिक जगहों पर निगरानी रखती हैं ताकि महिलाओं को कोई परेशानी न हो.

प्रदेश के कई शहरों में सेफ सिटी योजना के तहत बड़ी संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. इन कैमरों की मदद से अपराधों पर नजर रखी जाती है. इन कदमों से महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों में कमी आई है और महिलाएं अब ज्यादा सुरक्षित महसूस कर रही हैं.

मजबूत सुरक्षा व्यवस्था

महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुलिस व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है. प्रदेश में हजारों महिला पुलिसकर्मियों की भर्ती की गई है. हर थाने में महिला हेल्प डेस्क बनाई गई है, जहां महिलाएं अपनी समस्या आसानी से बता सकती हैं.

महिला हेल्पलाइन 1090 और आपातकालीन सेवा 112 के जरिए भी तुरंत मदद मिलती है. लखनऊ में पिंक बूथ बनाए गए हैं, जहां महिलाएं जाकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकती हैं. इन व्यवस्थाओं से महिलाओं को न्याय और सुरक्षा दोनों मिल रहे हैं.

शिक्षा और कौशल से आत्मनिर्भरता

महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा और कौशल विकास पर भी ध्यान दिया जा रहा है. उत्तर प्रदेश स्किल डेवलपमेंट मिशन के तहत युवतियों को कई तरह के प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं. इनमें आईटी, फैशन डिजाइनिंग, हेल्थकेयर, ब्यूटी और रिटेल जैसे क्षेत्रों में ट्रेनिंग शामिल है.

इन प्रशिक्षण केंद्रों में डिजिटल स्किल और व्यक्तित्व विकास भी सिखाया जाता है. इससे लड़कियां नई तकनीक सीखकर बेहतर नौकरी पा सकती हैं और अपना व्यवसाय भी शुरू कर सकती हैं.

महिलाओं की आर्थिक भागीदारी में बढ़ोतरी

प्रदेश में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी भी तेजी से बढ़ी है. ग्रामीण क्षेत्रों में लाखों महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा गया है. इन समूहों के माध्यम से महिलाएं छोटे-छोटे काम शुरू कर रही हैं और अपनी आय बढ़ा रही हैं.

लखपति महिला योजना के तहत लाखों महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का लक्ष्य रखा गया है. बीसी सखी जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाएं बैंकिंग सेवाओं में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं. इससे गांवों में भी महिलाओं की पहचान और सम्मान बढ़ रहा है.

महिलाओं के लिए अन्य महत्वपूर्ण योजनाएं

महिलाओं और बेटियों के लिए कई अन्य योजनाएं भी चलाई जा रही हैं. मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत बेटियों की पढ़ाई और भविष्य के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है. निराश्रित महिला पेंशन योजना से जरूरतमंद महिलाओं को मदद मिलती है.

वन स्टॉप सेंटर और महिला हेल्पलाइन 181 के माध्यम से महिलाओं को संकट के समय सहायता दी जाती है. इसके अलावा शहरों में महिलाओं के लिए पिंक शौचालय भी बनाए गए हैं ताकि उन्हें सुविधा मिल सके.

महिला सशक्तिकरण की नई दिशा

आज उत्तर प्रदेश में महिलाएं आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं. वे पढ़ाई कर रही हैं, नौकरी कर रही हैं और समाज में अपनी पहचान बना रही हैं. सरकार की योजनाओं और समाज के सहयोग से महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव आया है.

महिला दिवस हमें यह याद दिलाता है कि महिलाओं को सम्मान और अवसर देना बहुत जरूरी है. जब महिलाएं आगे बढ़ती हैं, तब परिवार, समाज और देश भी आगे बढ़ता है. यही सच्चे अर्थों में महिला सशक्तिकरण है.

ये भी पढ़ें: 

Punjab Budget 2026: CM सत्कार योजना का बड़ा ऐलान, महिलाओं को हर महीने मिलेंगे 1000 रुपये, जानिए कृषि से जुड़े ऐलान
अब AI करेगा फलों की छंटाई और धुलाई, इस मशीन से मिनटों में होगा ज्यादा काम

MORE NEWS

Read more!