प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हालिया बजट में कृषि क्षेत्र के लिए किए गए ऐलानों पर आज एक वेबिनार किया. इस वेबिनार के जरिये उन्होंने लोगों को संबोधित किया. संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'आप सभी ने बजट निर्माण में अपने मूल्यवान सुझावों से बहुत सहयोग दिया. और आप सबने देखा होगा कि बजट में आप सबके सुझाव बहुत काम आए हैं. अब बजट आ चुका है. अब बजट के बाद उसके full potential का लाभ देश को मिले, इस दिशा में भी आपका अनुभव, आपके सुझाव और बजट का सर्वाधिक लोगों को लाभ हो, बजट का पाई-पाई पैसा जिस हेतु से दिया गया है, उसको जल्द से जल्द परिपूर्ण कैसे करें, आपके सुझाव इस वेबिनार के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं'.
वेबिनार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि क्षेत्र में हुए सुधारों और बजट प्रावधानों के बारे में जानकारी दी. आइए संबोधन की 10 मुख्य बातें जान लेते हैं.
- कृषि, एग्रीकल्चर, विश्वकर्मा हमारी अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार हैं. एग्रीकल्चर भारत की long term development journey का strategic pillar भी है. इसी सोच के साथ हमारी सरकार ने कृषि सेक्टर को लगातार मजबूत किया है. ऐसी कई कोशिशों से किसानों के सामने आने वाले रिस्क बहुत कम हो गए हैं और उन्हें बेसिक आर्थिक सुरक्षा मिली है.
- एग्रीकल्चर सेक्टर का भरोसा बढ़ा है. आज देश दालों से लेकर तिलहन तक का रिकॉर्ड प्रोडक्शन कर रहा है. करीब 10 करोड़ किसानों को 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक की पीएम किसान सम्मान निधि मिली है.
- MSP में हुए reforms से अब किसानों को डेढ़ गुना तक return मिल रहा है. Institutional credit coverage 75% से अधिक हो चुका है. पीएम फसल बीमा योजना के तहत लगभग 2 लाख करोड़ रुपये के claim settle किए गए हैं. ऐसे अनेक प्रयासों से किसानों का risk बहुत कम हुआ है और उन्हें एक basic economic security मिली है.
- आज दुनिया के मार्केट खुल रहे हैं और ग्लोबल डिमांड बदल रही है. इस वेबिनार में हमारी खेती को एक्सपोर्ट ओरिएंटेड बनाने पर और चर्चा करना जरूरी है. हमारे यहां अलग-अलग तरह का क्लाइमेट है और हमें इसका पूरा फायदा उठाना चाहिए. हमारे यहां एग्रो-क्लाइमेटिक जोन बहुत ज्यादा हैं.
- बजट में हमने हाई वैल्यू एग्रीकल्चर पर फोकस किया है. केरल और तमिलनाडु के किसानों को एक्स्ट्रा फायदे मिले, यह पक्का करने के लिए इस बार नारियल पर खास जोर दिया गया है, जिससे हमारे किसानों को फायदा होगा. बजट में नॉर्थ ईस्ट की फसलों को बढ़ावा देने का भी प्रस्ताव शामिल किया गया है.
- आज दुनिया health के संबंध में ज्यादा conscious है. Holistic healthcare और उसमें organic diet पर बहुत रुचि है. भारत में हमें कैमिकल फ्री खेती पर बल देना ही होगा, natural farming पर बल देना होगा.
- Natural farming से कैमिकल फ्री product से दुनिया के बाजार तक पहुंचने में हमारे लिए एक राजमार्ग बन जाता है. उसके लिए certification और laboratory की व्यवस्था करने के बारे में सरकार सोच रही है. लेकिन, आप लोग इसमें भी अपने विचार जरूर रखिए.
- ये टेक्नोलॉजी की सदी है, और सरकार का बहुत जोर Agriculture में Technology culture लाने पर भी है. आज e-NAM के माध्यम से market access का democratization हुआ है.
- सरकार agri stack के जरिए, एग्रीकल्चर के जरिए digital public infrastructure विकसित कर रही है. इसके तहत digital पहचान यानी किसान ID बनाई जा रही है, अब तक लगभग 9 करोड़ किसानों की किसान ID बन चुकी है.
- भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा दूध प्रोड्यूसर है. इसे और आगे ले जाने के लिए हमें साइंटिफिक मैनेजमेंट पर फोकस करना होगा. एक जरूरी मुद्दा जानवरों की हेल्थ भी है. भारत अब वैक्सीन प्रोडक्शन में आत्मनिर्भर हो गया है. जानवरों को खुरपका और मुंहपका बीमारी से बचाने के लिए जानवरों को 125 करोड़ से ज्यादा वैक्सीन डोज पहले ही दी जा चुकी हैं.