
केंद्र सरकार पिछले 12 वर्षों में किसानों के लिए कई योजनाएं चला रही है. इनमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, फसल बीमा योजना, कृषि मशीनरी पर सब्सिडी समेत कई योजनाएं शामिल हैं. इन योजनाओं का किसानों को कितना फायदा मिल रहा है, इसे लेकर पंजाब के फिरोजपुर जिले के अलग-अलग किसानों से बातचीत की गई. इस दौरान किसानों की मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आई.
फिरोजपुर के गांव खाई के किसान गुरप्रीत सिंह ने बताया कि उन्हें किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल रहा है. उन्होंने कहा कि वह खुद की जमीन नहीं रखते बल्कि ठेके पर जमीन लेकर खेती करते हैं. गुरप्रीत सिंह के अनुसार हर साल भारी बारिश के कारण उनकी फसल खराब हो जाती है, लेकिन उन्हें न तो किसी तरह का मुआवजा मिलता है और न ही किसी स्कीम का लाभ. उनका कहना है कि ठेके पर खेती करने वाले किसानों की समस्याओं की ओर सरकार को विशेष ध्यान देना चाहिए.
वहीं किसान आगू बूटा सिंह ने केंद्र सरकार की योजनाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में किसानों के हित में कोई ठोस काम नहीं हुआ. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा चलाई गई योजनाओं का वास्तविक लाभ किसानों तक नहीं पहुंच रहा. बूटा सिंह ने कहा कि जिन खातों में किसानों को पैसे भेजे जाते थे, उनमें से कई खाते बंद हो चुके हैं, जिसके कारण किसानों को आर्थिक सहायता मिलनी बंद हो गई है.
किसान गुरु प्रताप सिंह ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच खेती करना मुश्किल होता जा रहा है. उन्होंने कहा कि फसलों के दाम में मामूली बढ़ोतरी से किसानों को कोई खास राहत नहीं मिलती, क्योंकि खेती में इस्तेमाल होने वाली मशीनरी और अन्य सामान बहुत महंगे हो चुके हैं. गुरु प्रताप सिंह ने बताया कि उन्होंने कृषि मशीनरी पर सब्सिडी के लिए आवेदन भी किया था, लेकिन उन्हें कोई लाभ नहीं मिला. उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत उनके खाते में सिर्फ दो बार पैसे आए, उसके बाद किस्त आनी बंद हो गई.
हालांकि कुछ किसानों ने केंद्र सरकार की योजनाओं को लाभदायक भी बताया. किसान भगवान सिंह ने कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ मिल रहा है और उनके खाते में समय-समय पर 2000 रुपये की किस्त आ रही है. उन्होंने बताया कि खेती से जुड़ी मशीनरी पर भी सरकार की ओर से सब्सिडी मिलती है, जिससे किसानों को आर्थिक मदद मिलती है. भगवान सिंह ने कहा कि योजनाओं का लाभ मिल रहा है.
अधिकांश किसानों ने कहा कि वे ठेके पर खेती करते हैं और उन्हें केंद्र की सरकारी योजनाओं का लाभ जल्दी नहीं मिलता. किसानों ने कहा कि बेमौसम बारिश से सबसे अधिक नुकसान हो रहा है और उनकी सारी फसलें बर्बाद हो जाती हैं. इसे लेकर केंद्र से मुआवजा मांगा जाता है, लेकिन उन्हें कोई फायदा नहीं मिलता. पीएम किसान जैसी योजना का लाभ जरूर मिलता है, लेकिन इससे बहुत अधिक फायदा नहीं होता.
कुछ किसानों ने शिकायती लहजे में कहा कि सरकार ने फसलों के दाम जरूर बढ़ाए हैं, लेकिन उससे अधिक बाजार में महंगाई बढ़ गई है. खेती में लगने वाले सामान के दाम बहुत हो गए हैं. किसान को जितनी कमाई होती है, उससे अधिक उसे कृषि इनपुट और लागत पर खर्च करना पड़ता है. जब तक खेती की महंगाई कम नहीं होगी, तब तक सरकारी योजनाओं का लाभ धरातल पर नहीं उतरेगा.(अक्षय कुमार का इनपुट)