Khet Bachao Abhiyan: बिहार में 25% होगी प्राकृतिक खेती, कम लागत में बढ़ेगी किसानों की आय

Khet Bachao Abhiyan: बिहार में 25% होगी प्राकृतिक खेती, कम लागत में बढ़ेगी किसानों की आय

बिहार में खेत बचाओ अभियान की शुरुआत हो गई है. इसे राज्य के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने शुरू किया. अभियान में किसानों ने संकल्प लिया कि पूरे प्रदेश में 25 फीसदी प्राकृतिक खेती की जाएगी औऱ रासायनिक खादों के बिना पैदावार बढ़ाई जाएगी.

khet bachao abhiyan in Biharkhet bachao abhiyan in Bihar
अंक‍ित कुमार स‍िंह
  • New Delhi,
  • Jun 01, 2026,
  • Updated Jun 01, 2026, 7:00 PM IST

बिहार में खेती की पुरानी तस्वीर बदलने और किसानों की तकदीर संवारने के लिए एक नया अभियान शुरू हो गया है. इसका नाम है 'खेत बचाओ अभियान'. यह अभियान सोमवार से शुरू होकर पूरे जून महीने तक चलेगा. राज्य के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने मीठापुर स्थित कृषि भवन में सैकड़ों किसानों की उपस्थिति में इसका शुभारंभ किया. इस मौके पर किसानों ने संकल्प लिया कि वे अपने खेत का कम से कम 25 प्रतिशत हिस्सा प्राकृतिक खेती के लिए समर्पित करेंगे.

मिट्टी की सेहत बचाने का बड़ा संकल्प

कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि यह अभियान सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि खेतों की रक्षा और किसानों के भविष्य का आंदोलन है. उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अंधाधुंध उपयोग से हमारी मिट्टी बेजान होती जा रही है. मिट्टी की उर्वरा शक्ति घट रही है, खेती महंगी हो रही है और किसान भाइयों की मेहनत का सही फल नहीं मिल पा रहा है. 

मंत्री ने जोर देकर कहा कि अब समय आ गया है कि हम मिट्टी को उसके प्राकृतिक रूप में लौटाएं. गोबर, गोमूत्र, बीजामृत और हरी खाद जैसी प्राकृतिक चीजों से खेती करने से ना सिर्फ मिट्टी स्वस्थ होगी, बल्कि फसल भी पौष्टिक और स्वादिष्ट बनेगी.

'सही खाद और सही सलाह' का मंत्र

इस अभियान का मुख्य मंत्र है - कम खाद, सही खाद और सही सलाह. कृषि मंत्री ने कहा कि किसान भाई अब मनमानी से उर्वरक ना डालें. पहले मिट्टी की जांच करवाएं और फिर जरूरत के अनुसार ही खाद का उपयोग करें. इससे खेती की लागत कम होगी और आय बढ़ेगी.

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती अपनाने से किसान ना सिर्फ आर्थिक रूप से मजबूत होंगे, बल्कि उनका परिवार भी स्वस्थ रहेगा. रासायनिक खेती से बढ़ रही बीमारियों को रोकने के लिए भी यह अभियान बेहद जरूरी है.

गांव-गांव पहुंचेगी जागरुकता

'खेत बचाओ अभियान' के तहत कृषि विभाग, कृषि विश्वविद्यालय, कृषि विज्ञान केंद्र और वैज्ञानिकों की टीमें पूरे जून महीने में गांव-गांव जाकर किसानों को जागरूक करेंगी. मिट्टी स्वास्थ्य कार्ड बनवाने, संतुलित उर्वरक उपयोग, नकली कीटनाशकों की पहचान और प्राकृतिक खेती की विधियों पर विशेष कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी.

कृषि मंत्री ने सभी अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और प्रगतिशील किसानों से अपील की कि वे इस अभियान को जनआंदोलन का रूप दें. अगर हर किसान अपने खेत के एक छोटे हिस्से पर भी प्राकृतिक खेती शुरू कर दे, तो पूरे बिहार की मिट्टी की सेहत सुधर सकती है.

भविष्य की खेती की नींव

यह अभियान सिर्फ रासायनिक खाद कम करने का नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए उपजाऊ भूमि बचाने का अभियान है. कृषि मंत्री ने कहा कि जब खेत बचेंगे, तभी भविष्य बचेगा. सरकार का लक्ष्य है कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर किसानों को कम लागत में अधिक लाभ मिले और बिहार खेती के क्षेत्र में पूरे देश के लिए उदाहरण बने.

MORE NEWS

Read more!