Farmer ID से लेकर फसल बीमा तक, महाराष्ट्र सरकार ने किसानों के लिए आसान की प्रक्रिया

Farmer ID से लेकर फसल बीमा तक, महाराष्ट्र सरकार ने किसानों के लिए आसान की प्रक्रिया

महाराष्ट्र सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए Farmer ID बनाने और फसल पंजीकरण की प्रक्रिया आसान कर दी है. नई व्यवस्था से राज्य के करीब 70 लाख किसानों को फायदा मिलने की उम्मीद है.

फार्मर ID कार्डफार्मर ID कार्ड
क‍िसान तक
  • New Delhi,
  • Nov 08, 2026,
  • Updated Nov 08, 2026, 11:08 AM IST

महाराष्ट्र सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए फार्मर ID बनाने और फसल निरीक्षण की प्रक्रिया को आसान कर दिया है. सरकार का मकसद है कि जमीन के रिकॉर्ड या खेती से जुड़ी जानकारी में कमी के कारण कोई भी पात्र किसान सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे. इस नई व्यवस्था से राज्य के करीब 70 लाख किसानों को फायदा मिलने की उम्मीद है. राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले की पहल पर किसान ID बनाने की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है.

इसके तहत जिन किसानों की जमीन या खेती से जुड़ी जानकारी उपलब्ध नहीं होने के कारण एग्रीस्टैक (Agristack) के तहत फार्मर ID नहीं बन पाई थी, वे अब अपने रिकॉर्ड का सत्यापन करवा सकेंगे. किसान तलाठी, मंडल अधिकारी और तहसीलदार के पास जाकर जमीन और खेती से जुड़े रिकॉर्ड का वेरिफिकेशन करवा सकते हैं. इससे पात्र किसानों के लिए किसान ID बनवाना आसान होगा और वे सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकेंगे.

ई-फेरफार से होगा फसल निरीक्षण

सरकार ने फसल निरीक्षण को लेकर भी एक अहम फैसला लिया है. राजस्व विभाग ने इस संबंध में सर्कुलर जारी किया है. इसके मुताबिक, जिन इलाकों में तकनीकी या भौगोलिक समस्याओं के कारण खरीफ फसलों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन नहीं हो पा रहा है, वहां वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी. ऐसे क्षेत्रों में अब फसलों का निरीक्षण ई-फेरफार (e-Ferfar) के जरिए किया जाएगा. यह काम तलाठी स्तर पर पूरा होगा, ताकि तकनीकी दिक्कतों के कारण फसलों का रजिस्ट्रेशन न रुके और किसानों को परेशानी न हो.

सब्सिडी और फसल बीमा का मिलेगा लाभ

सरकार की इस पहल का उद्देश्य सभी पात्र किसानों तक सरकारी सुविधाएं पहुंचाना है. फार्मर ID और फसल रिजस्ट्रेशन की प्रक्रिया आसान होने से किसानों को सरकारी योजनाओं, सब्सिडी, फसल लोन, फसल बीमा और डिजिटल कृषि सेवाओं का लाभ लेने में मदद मिलेगी. राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने विभाग को नई व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं.

1.5 करोड़ किसानों के खातों में पहुंचे 5 हजार रुपये

इस बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कम बारिश के कारण इस साल किसानों के लिए हालात चुनौतीपूर्ण रहे हैं. बारिश की कमी से फसलों को नुकसान हुआ है. साथ ही, कई इलाकों में चारे और पानी की उपलब्धता को लेकर भी परेशानी पैदा हुई है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार संकट के समय किसानों के साथ खड़ी है और उनकी मदद के लिए कई कदम उठाए गए हैं. उन्होंने बताया कि 1.5 करोड़ किसानों के बैंक खातों में 5,000-5,000 रुपये जमा किए गए हैं. इसके अलावा, सरकार ने जून तक के 58,000 करोड़ रुपये के बकाया बिजली बिल माफ करने का फैसला भी लिया है.

किसानों के साथ दिवाली मनाएगी सरकार

सीएम फडणवीस ने बताया कि मुश्किल हालात से जूझ रहे किसानों का हौसला बढ़ाने के लिए सरकार ने उनके साथ दिवाली मनाने का फैसला किया है. इसके साथ ही गांवों में पानी की कमी दूर करने के लिए चेक डैम और छोटे जल अवरोधक बनाने और जल संरक्षण से जुड़ी परियोजनाएं शुरू करने की योजना है. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि किसानों को मुफ्त सर्जरी सहित कई स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. सरकार का प्रयास है कि जरूरतमंद किसानों तक इन सुविधाओं का लाभ पहुंचे और संकट के समय उन्हें हर संभव मदद मिल सके. (ANI)

MORE NEWS

Read more!